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INDIA गठबंधन में खटपट: बंगाल से शुरू हुई तकरार, TMC के खिलाफ उम्मीदवार उतार सकती है CPIM

  • Authored by: प्रांजुल श्रीवास्तव
  • Updated Aug 8, 2023, 09:01 AM IST

Opposition Unity INDIA: पश्चिम बंगाल में तृणमूल कांग्रेस (TMC) और भारतीय कम्युनिस्ट पार्टी (मार्क्सवादी) CPI(M) के बीच खटपट देखने को मिली है। CPI(M) की केंद्रीय समिति ने पश्चिम बंगाल इकाई को 2024 लोकसभा चुनावों में टीएमसी उम्मीदवार के खिलाफ अपना कैंडिडेट उतारने की अनुमति दे दी है।

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विपक्षी गठबंधन INDIA

Photo : BCCL

Opposition Unity INDIA: विपक्षी दलों के गठबंधन INDIA को एक के बाद एक झटके लग रहे हैं। बीती रात दिल्ली सेवा बिल के खिलाफ भले ही राज्यसभा में INDIA गठबंधन ने एकजुटता दिखाई हो, लेकिन इसके बावजूद केंद्र सरकार बिल पास कराने में कामयाब रही। अब दूसरा झटगा इस गठबंधन को पश्चिम बंगाल में लगा है।

दअरसल, पश्चिम बंगाल में तृणमूल कांग्रेस (TMC) और भारतीय कम्युनिस्ट पार्टी (मार्क्सवादी) CPI(M) के बीच खटपट देखने को मिली है। जानकारी के मुताबिक, CPI(M) की केंद्रीय समिति ने पश्चिम बंगाल इकाई को 2024 लोकसभा चुनावों में टीएमसी उम्मीदवार के खिलाफ अपना कैंडिडेट उतारने की अनुमति दे दी है। हालांकि, अन्य राज्यों में पार्टी ने स्थानीय इकाई को रणनीति बनाने की छूट दी है।

बंगाल में टीएमसी नहीं बन सकती सहयोगी पार्टी

सीपीआई (एम) के नेता के हवाले से मीडिया रिपोर्ट में लिखा गया कि है कि महासचिव सीताराम येचुरी ने कहा है कि पश्चिम बंगाल में जमीनी हकीकत बिल्कुल अगल है। यहां CPI(M) 2024 के लोकसभा चुनावों में टीएमसी की सहयोगी पार्टी नहीं बन सकती है, क्योंकि टीएमसी उनकी प्रकुख प्रतिद्वंदी पार्टी है। हालांकि, उन्होंने इस बात को दोहराया कि भाजपा को अलग-थलग करना विपक्षी गठबंधन का एकमात्र उद्देश्य है। बता दें, पश्चिम बंगाल में भाजपा ने 42 में से कम से कम 35 सीटें जीतने का लक्ष्य रखा है।

राज्यसभा में पास हुआ दिल्ली विधेयक

इससे पहले विपक्षी गठबंधन को राज्यसभा में बड़ा झटका लगा था। गठबंधन INDIA की यह पहली परीक्षा मानी जा रही थी। हालांकि, वह इसमें फेल नजर आया। दरअसल, राज्यसभा में दिल्ली सेवा बिल को कल पेश किया था। देर रात इसको लेकर हुई वोटिंंग में बिल के समर्थन में 131 वोट पड़े थे, वहीं विरोध में 102 वोट ही पड़े।

महाराष्ट्र में होगी तीसरी बैठक

बता दें, विपक्षी एकता के गठबंधन INDIA की तीसरी बैठक मुंबई में आयोजित की जाएगी। यह बैठक 31 अगस्त से 1 सितंबर तक होगी। इससे पहले दो बैठकें हो चुकी हैं, जिसमें एक बैठक पटना और दूसरी बेंगलुरू में हुई है।

प्रांजुल श्रीवास्तव
प्रांजुल श्रीवास्तवauthor

<p>मैं इस वक्त टाइम्स नाउ नवभारत से जुड़ा हुआ हूं। पत्रकारिता के 8 वर्षों के तजुर्बे में मुझे और मेरी भाषाई समझ को गढ़ने और तराशने में कई वरिष्ठ पत्रकारों और संपादकों का योगदान रहा। 2016 में उत्तर प्रदेश की राजधानी लखनऊ से शुरू हुआ यह सफर देश की राजधानी दिल्ली में 'टाइम्स नाउ नवभारत' तक आ पहुंचा है। अखबारों में रिपोर्टिंग करते हुए शहरों की धूल फांकना और डिजिटल पत्रकारिता की बारीकियों को समझते हुए देश-विदेश की खबरों को आप तक पहुंचाने का मेरा ये सफर काफी किस्से-कहानियों से भरा हुआ है। लखनऊ की बाबा भीम राव अंबेडकर सेंट्रल यूनिवर्सिटी के क्लासरूम में प्रोफेसरों से मिले किताबी ज्ञान और पत्रकारीय सिद्धांतों को जमीन पर उतारने का मौका मुझे 2016 में ही मिल गया। पहला ब्रेक टाइम्स ग्रुप के प्रतिष्ठित अखबार 'नवभारत टाइम्स' ने दिया। यहां बतौर इंटर्न मुझे कई सामाजिक संगठनों की रिपोर्टिंग करने का मौका मिला। दिनभर शहर में घूम-घूम कर खबरों को बटोरना और शाम होते ही उन्हें लिखकर डेस्क के हवाले करना मेरी दिनचर्या का हिस्सा हो गया। इस अनुभव ने मुझे समाज के तौर तरीकों से परिचित कराया तो न्यूजरूम में सीनियर्स से मिली डांट ने पत्रकारिता की बारीकियों और भाषाई मर्यादा को समझने में मदद की। करीब 3 से 4 महीनों की इंटर्नशिप के बाद मुझे 2017 आते-आते गांधी परिवार के गढ़ रायबरेली भेजा गया। यह समय उत्तर प्रदेश में विधानसभा चुनाव और सत्ता के बदलाव का था। यहां बतौर रिपोर्टर मैं पहली बार राजनीतिक खबरों से रूबरू हुआ। रायबरेली के मिजाज को करीब 8 महीनों तक समझने के बाद नवभारत टाइम्स ने मुझे वापस लखनऊ बुलाया और शहर की रिपोर्टिंग करने का मौका दिया। यहां विज्ञान, पर्यावरण, बाजार, लखनऊ विकास प्राधिकरण, आवास विकास और मेट्रो जैसी बीट पर जमकर काम किया। यह सफर अब पश्चिमी उत्तर प्रदेश के जिले मुरादाबाद तक पहुंच गया था, जहां मुझे दैनिक जागरण जैसे प्रतिष्ठित अखबार के लिए दो वर्षों तक रिपोर्टिंग करने का अवसर मिला। करीब दो वर्षों की पत्रकारिता के बाद अब मुझे देश की राजधानी की ओर रुख करना था और यह मौका अमर उजाला (डिजिटल) ने दिया। अखबारों की रिपोर्टिंग से निकलकर डिजिटल पत्रकारिता के अनुभव से मैं पहली बार रूबरू हो रहा था। यहां पर मुझे मेन डेस्क पर जिम्मेदारी मिली। जहां सबसे आगे रहते हुए सबसे सटीक खबरें आप तक पहुंचाना चुनौती भरा काम था, लेकिन पत्रकारिता की शुरुआत में मिले अनुभवों ने मेरा काम आसान बना दिया। यहां भी करीब दो वर्षों के बाद 2023 में मुझे टाइम्स ग्रुप से दोबारा जुड़ने का मौका मिला और टाइम्स नाउ नवभारत की मेन डेस्क पर मेरा सफर अब तक जारी है।</p>

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