देश

सावधान: दिल्ली और मुंबई में तेजी से बढ़ रहा कोरोना, देश में टूटा 149 दिन का रिकॉर्ड

  • Authored by: प्रांजुल श्रीवास्तव
  • Updated Mar 26, 2023, 02:40 PM IST

देश में बढ़ते कोरोना वायरस से सावधान होने की जरूरत है। आज 149 दिन बाद सबसे ज्यादा मरीज सामने आए हैं। संक्रमण दर भी बढ़कर 1.56 प्रतिशत पहुंच गई है।

Image

देश में बढ़ रहे कोरोना के मामले

Photo : BCCL

Covid-19 India: देश में तेजी से बढ़ते कोरोना वायरस ने स्वास्थ्य विभाग को चिंता में डाल दिया है। संक्रमण फिर से लौट रहा है और आए दिन दैनिक मामलों की संख्या बढ़ती जा रही है। ताजा आंकड़ों के मुताबिक, बीते 24 घंटे में देश में 1890 नए कोरोना मामले सामने आए हैं। कल के मुकाबले यह संख्या 300 अधिक है, शनिवार देश में 1530 नए कोरोना केस सामने आए थे।

कोरोना के बढ़ते दैनिक मामलों के चलते सक्रिय केस भी बढ़ गए हैं। अब देश में 9433 सक्रिय कोरोना मरीज हैं, यह कुल कोरोना मामलों का 0.02 प्रतिशत है। इसके अलावा देश में कोरोना के कारण बीते 24 घंटों में सात मौतें दर्ज की गई हैं। इसमें महाराष्ट्र, गुजरात में दो-दो और केरल में तीन मौतें हुई हैं। देश में अब कोरोना के कारण जान गंवाने वालों की कुल संख्या 530831 पहुंच गई है।

टूटा 149 दिन का रिकॉर्ड

देश में पूरे 149 दिन बाद कोरोना के इतने ज्यादा मामले दर्ज किए हैं। इससे पहले देश में 28 अक्टूबर को 2208 मामले सामने आए थे। केंद्रीय स्वास्थ्य मंत्रालय ने कोरोना संक्रमण से सावधान रहने की अपील की है।

संक्रमण दर 1.56 प्रतिशत पहुंची

कोरोना संक्रमण की दैनिक दर में भी धीरे-धीरे वृद्धि दर्ज की जा रही है। स्वास्थ्य मंत्रालय के मुताबिक, कोरोना की दैनिक संक्रमण दर 1.56 प्रतिशत पहुंच गई है। जबकि साप्ताहिक संक्रमण दर 1.29 प्रतिशत है।

दिल्ली और मुंबई में सबसे ज्यादा खतरा

बढ़ते कोरोना संक्रमण का सबसे ज्यादा खतरा राष्ट्रीय राजधानी दिल्ली और मुंबई में है। यहां शनिवार को 139 नए कोरोना मरीज सामने आए हैं। जबकि संक्रमण दर 4.98 प्रतिशत पहुंच गई है। इसके अलावा महाराष्ट्र में 437 नए कोरोना वायरस के मामले सामने आए हैं। यह कल के मुकाबले 94 ज्यादा हैं।

पीएम मोदी ने किया आगाह

देश में बढ़ते कोरोना संक्रमण को लेकर प्रधानमंत्री नरेंद्र मोदी ने भी देशवासियों को आगाह किया है। रविवार को अपने मन की बात कार्यक्रम में प्रधानमंत्री ने कहा कि देश के कुछ हिस्सों में कोरोना के मामले तेजी से बढ़ रहे हैं। हमें इससे एहतियात बरतने की जरूरत है।
प्रांजुल श्रीवास्तव
प्रांजुल श्रीवास्तवauthor

<p>मैं इस वक्त टाइम्स नाउ नवभारत से जुड़ा हुआ हूं। पत्रकारिता के 8 वर्षों के तजुर्बे में मुझे और मेरी भाषाई समझ को गढ़ने और तराशने में कई वरिष्ठ पत्रकारों और संपादकों का योगदान रहा। 2016 में उत्तर प्रदेश की राजधानी लखनऊ से शुरू हुआ यह सफर देश की राजधानी दिल्ली में 'टाइम्स नाउ नवभारत' तक आ पहुंचा है। अखबारों में रिपोर्टिंग करते हुए शहरों की धूल फांकना और डिजिटल पत्रकारिता की बारीकियों को समझते हुए देश-विदेश की खबरों को आप तक पहुंचाने का मेरा ये सफर काफी किस्से-कहानियों से भरा हुआ है। लखनऊ की बाबा भीम राव अंबेडकर सेंट्रल यूनिवर्सिटी के क्लासरूम में प्रोफेसरों से मिले किताबी ज्ञान और पत्रकारीय सिद्धांतों को जमीन पर उतारने का मौका मुझे 2016 में ही मिल गया। पहला ब्रेक टाइम्स ग्रुप के प्रतिष्ठित अखबार 'नवभारत टाइम्स' ने दिया। यहां बतौर इंटर्न मुझे कई सामाजिक संगठनों की रिपोर्टिंग करने का मौका मिला। दिनभर शहर में घूम-घूम कर खबरों को बटोरना और शाम होते ही उन्हें लिखकर डेस्क के हवाले करना मेरी दिनचर्या का हिस्सा हो गया। इस अनुभव ने मुझे समाज के तौर तरीकों से परिचित कराया तो न्यूजरूम में सीनियर्स से मिली डांट ने पत्रकारिता की बारीकियों और भाषाई मर्यादा को समझने में मदद की। करीब 3 से 4 महीनों की इंटर्नशिप के बाद मुझे 2017 आते-आते गांधी परिवार के गढ़ रायबरेली भेजा गया। यह समय उत्तर प्रदेश में विधानसभा चुनाव और सत्ता के बदलाव का था। यहां बतौर रिपोर्टर मैं पहली बार राजनीतिक खबरों से रूबरू हुआ। रायबरेली के मिजाज को करीब 8 महीनों तक समझने के बाद नवभारत टाइम्स ने मुझे वापस लखनऊ बुलाया और शहर की रिपोर्टिंग करने का मौका दिया। यहां विज्ञान, पर्यावरण, बाजार, लखनऊ विकास प्राधिकरण, आवास विकास और मेट्रो जैसी बीट पर जमकर काम किया। यह सफर अब पश्चिमी उत्तर प्रदेश के जिले मुरादाबाद तक पहुंच गया था, जहां मुझे दैनिक जागरण जैसे प्रतिष्ठित अखबार के लिए दो वर्षों तक रिपोर्टिंग करने का अवसर मिला। करीब दो वर्षों की पत्रकारिता के बाद अब मुझे देश की राजधानी की ओर रुख करना था और यह मौका अमर उजाला (डिजिटल) ने दिया। अखबारों की रिपोर्टिंग से निकलकर डिजिटल पत्रकारिता के अनुभव से मैं पहली बार रूबरू हो रहा था। यहां पर मुझे मेन डेस्क पर जिम्मेदारी मिली। जहां सबसे आगे रहते हुए सबसे सटीक खबरें आप तक पहुंचाना चुनौती भरा काम था, लेकिन पत्रकारिता की शुरुआत में मिले अनुभवों ने मेरा काम आसान बना दिया। यहां भी करीब दो वर्षों के बाद 2023 में मुझे टाइम्स ग्रुप से दोबारा जुड़ने का मौका मिला और टाइम्स नाउ नवभारत की मेन डेस्क पर मेरा सफर अब तक जारी है।</p>

और पढ़ें
End of Article