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डरा रहे कोरोना के आंकड़े: 16 हजार पार हुए एक्टिव केस, 24 घंटे में नौ मौतें, दिल्ली- मुंबई और केरल में भी हाल बुरा

  • Authored by: प्रांजुल श्रीवास्तव
  • Updated Apr 1, 2023, 12:27 PM IST

Coronavirus Update: देश में सक्रिय कोरोना मरीजों की संख्या बढ़कर 16, 354 पहुंच गई है। दिल्ली, महाराष्ट्र, केरल और गुजरात जैसे राज्यों में स्थिति बिगड़ रही है, यहां तेजी से कोरोना के मामले बढ़ रहे हैं।

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देश में कोरोना के मामले

Photo : BCCL

Corona Cases in India: देश में कोरोना के मामलों तेजी से उछाल हो रहा है। बीते 24 घंटों में 2994 मामले सामने आए हैं, लगातार तीसरे दिन इतनी संख्या में सामने आए नए मामलों ने स्वास्थ्य विशेषज्ञों की चिंता बढ़ा दी है। स्वास्थ्य विभाग की ओर से जारी किए गए आंकड़ों के मुताबिक, देश में अब सक्रिय कोरोना मरीजों की संख्या बढ़कर 16,354 पहुंच गई है। केंद्रीय स्वास्थ्य मंत्रालय के मुताबिक, देश में अब कुल संक्रमित हुए मरीजों की संख्या 4.47 करोड़ के पार हो गई है।

दूसरी तरफ, कोरोना से होने वाली मौतों की संख्या भी डरा रही है। बीते 24 घंटों में कोरोना की वजह से नौ मौतें हुई हैं। इसमें दिल्ली, कर्नाटक, पंजाब दो-दो मौतें दर्ज की गई हैं। गुजरात में एक मौत हुई है, वहीं केरल में दो पुरानी मौतों को आंकड़ों में जोड़ा गया है।

संक्रमण दर 2% प्रतिशत के पार

जैसे- जैसे देश में कोरोना के नए मामलों में उछाल हो रहा है देश में कोरोना वायरस की संक्रमण दर भी तेजी से ऊपर की ओर बढ़ रही है। अब देश में दैनिक संक्रमण दर बढ़कर 2.09 प्रतिशत पहुंच गई है। वहीं साप्ताहिक पॉजिटिविटी रेट 2.03 प्रतिशत दर्ज किया गया है। वहीं, रिकवरी रेट 98.77% है।

कई राज्यों में बिगड़ रही स्थिति

देश के कई राज्यों में कोरोना के कारण स्थिति भयावह होती जा रही है। आंकड़ों को देखें तों सबसे ज्यादा डराने वाली स्थिति, केरल, गुजरात, महाराष्ट्र, कर्नाटक और दिल्ली में है। यहां सक्रिय मामलों की संख्या बढ़ती जा रही है। दिल्ली में इस समय एक्टिव मामले 900 के पार हो गए हैं तो केरल में यह चार हजार के पार हैं। महाराष्ट्र में भी सक्रिय केस 3090 पहुंच गए हैं। इसके अलावा गुजरात में 2310 सक्रिय केस दर्ज किए गए हैं। इसके अलावा तमिलनाडु, हिमाचल प्रदेश, हरियाणा, गोवा व उत्तर प्रदेश में भी कोरोना के मामलों में उछाल हो रहा है। यहां भी संक्रमितों की संख्या में तेजी से इजाफा हो रहा है।
प्रांजुल श्रीवास्तव
प्रांजुल श्रीवास्तवauthor

<p>मैं इस वक्त टाइम्स नाउ नवभारत से जुड़ा हुआ हूं। पत्रकारिता के 8 वर्षों के तजुर्बे में मुझे और मेरी भाषाई समझ को गढ़ने और तराशने में कई वरिष्ठ पत्रकारों और संपादकों का योगदान रहा। 2016 में उत्तर प्रदेश की राजधानी लखनऊ से शुरू हुआ यह सफर देश की राजधानी दिल्ली में 'टाइम्स नाउ नवभारत' तक आ पहुंचा है। अखबारों में रिपोर्टिंग करते हुए शहरों की धूल फांकना और डिजिटल पत्रकारिता की बारीकियों को समझते हुए देश-विदेश की खबरों को आप तक पहुंचाने का मेरा ये सफर काफी किस्से-कहानियों से भरा हुआ है। लखनऊ की बाबा भीम राव अंबेडकर सेंट्रल यूनिवर्सिटी के क्लासरूम में प्रोफेसरों से मिले किताबी ज्ञान और पत्रकारीय सिद्धांतों को जमीन पर उतारने का मौका मुझे 2016 में ही मिल गया। पहला ब्रेक टाइम्स ग्रुप के प्रतिष्ठित अखबार 'नवभारत टाइम्स' ने दिया। यहां बतौर इंटर्न मुझे कई सामाजिक संगठनों की रिपोर्टिंग करने का मौका मिला। दिनभर शहर में घूम-घूम कर खबरों को बटोरना और शाम होते ही उन्हें लिखकर डेस्क के हवाले करना मेरी दिनचर्या का हिस्सा हो गया। इस अनुभव ने मुझे समाज के तौर तरीकों से परिचित कराया तो न्यूजरूम में सीनियर्स से मिली डांट ने पत्रकारिता की बारीकियों और भाषाई मर्यादा को समझने में मदद की। करीब 3 से 4 महीनों की इंटर्नशिप के बाद मुझे 2017 आते-आते गांधी परिवार के गढ़ रायबरेली भेजा गया। यह समय उत्तर प्रदेश में विधानसभा चुनाव और सत्ता के बदलाव का था। यहां बतौर रिपोर्टर मैं पहली बार राजनीतिक खबरों से रूबरू हुआ। रायबरेली के मिजाज को करीब 8 महीनों तक समझने के बाद नवभारत टाइम्स ने मुझे वापस लखनऊ बुलाया और शहर की रिपोर्टिंग करने का मौका दिया। यहां विज्ञान, पर्यावरण, बाजार, लखनऊ विकास प्राधिकरण, आवास विकास और मेट्रो जैसी बीट पर जमकर काम किया। यह सफर अब पश्चिमी उत्तर प्रदेश के जिले मुरादाबाद तक पहुंच गया था, जहां मुझे दैनिक जागरण जैसे प्रतिष्ठित अखबार के लिए दो वर्षों तक रिपोर्टिंग करने का अवसर मिला। करीब दो वर्षों की पत्रकारिता के बाद अब मुझे देश की राजधानी की ओर रुख करना था और यह मौका अमर उजाला (डिजिटल) ने दिया। अखबारों की रिपोर्टिंग से निकलकर डिजिटल पत्रकारिता के अनुभव से मैं पहली बार रूबरू हो रहा था। यहां पर मुझे मेन डेस्क पर जिम्मेदारी मिली। जहां सबसे आगे रहते हुए सबसे सटीक खबरें आप तक पहुंचाना चुनौती भरा काम था, लेकिन पत्रकारिता की शुरुआत में मिले अनुभवों ने मेरा काम आसान बना दिया। यहां भी करीब दो वर्षों के बाद 2023 में मुझे टाइम्स ग्रुप से दोबारा जुड़ने का मौका मिला और टाइम्स नाउ नवभारत की मेन डेस्क पर मेरा सफर अब तक जारी है।</p>

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