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Covid-19 in India: देश में लगातार तीसरे दिन 10 हजार से ज्यादा मामले, एक्टिव केस 53000 के पार

  • Authored by: प्रांजुल श्रीवास्तव
  • Updated Apr 15, 2023, 10:30 AM IST

Covid-19 in India: देश में बीते 24 घंटोंं में 10,753 कोरोना के नए मामले सामने आए हैं। इसके बाद अब कुल संक्रमितों की संख्या बढ़कर 53,720 पहुंच गई है।

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देश में लगातार तीसरे दिन 10 हजार से ज्यादा कोरोना मामले।

Photo : ANI

Covid-19 in India: देश में कोरोना संक्रमण के मामले लगातार बढ़ते जा रहे हैं। आज लगातार तीसरे दिन देश मेंं 10 हजार से ज्यादा मामले दर्ज किए गए हैं, जिसके बाद एक्टिव मामलों की संख्या 53 हजार के पार पहुंच गई है।

शनिवार को केंद्रीय स्वास्थ्य मंत्रालय की ओर से जारी आंकड़ों के मुताबिक, बीते 24 घंटों में देश में 10,753 कोरोना मामले सामने आए हैं। इसके बाद अब देश भर में कुल एक्टिव मामलों की संख्या बढ़कर 53,720 पहुंच गई है। जबकि, इससे एक दिन पहले शुक्रवार को 11109 मामले सामने आए थे। वहीं गुरुवार को 10158 मामले दर्ज किए गए थे।

24 घंटे में कोरोना से 27 मौतें केंद्रीय स्वास्थ्य मंत्रालय के आंकड़ों के मुताबिक, देश में एक दिन में 27 मौतें दर्ज की गई हैं। इसके बाद कोरोना से मृत्यु दर बढ़कर 1.19 प्रतिशत पहुंच गई है। देश में अब तक कोरोना से होने वाली मौतों का आंकड़ा 531091 पहुंच गया है। इसमें दिल्ली में छह मौतें, महाराष्ट्र में चार वहीं तीन मौतें राजस्थान में हुई हैं। इसके अलावा चंडीगढ़, गुजरात, हरियाणा, हिमाचल प्रदेश, जम्मू-कश्मीर, मध्य प्रदेश, उत्तराखंड व उत्तर प्रदेश में एक-एक मौत हुई है। केरल में छह मौतों को आंकड़ों में जोड़ा गया है।

नोएडा में एक दिन में 130 मामले

नोएडा में एक दिन में 130 से ज्यादा मामले दर्ज किए गए। शुक्रवार को जिले भर में कोरोना वायरस संक्रमण के 130 नए मामले पाए गए, जो इस साल में संक्रमितों की अब तक की सर्वाधिक दैनिक संख्या हैं। जिला सतर्कता अधिकारी डॉ. अमित कुमार ने बताया कि स्वास्थ्य विभाग ने शुक्रवार को संदिग्ध रोगियों के 1,872 नमूनों की जांच की, जिनमें से 130 संक्रमित पाए गए हैं। उन्होंने बताया कि पिछले 24 घंटे में 62 रोगी इलाज के बाद स्वस्थ हुए। कुमार ने बताया कि जनपद में उपचाराधीन मरीजों की संख्या 464 हो गई है, जिनमें से 14 मरीज विभिन्न अस्पतालों में भर्ती है और बाकी मरीज अपने घरों में पृथक-वास में हैं। उन्होंने बताया कि किसी भी मरीज की हालत गंभीर नहीं है और इस वर्ष कोरोना वायरस से अभी तक किसी मरीज की मौत नहीं हुई है। कुमार ने लोगों से कोविड-19 प्रोटोकॉल का पालन करने, मास्क लगाने और सामाजिक दूरी बनाए रखने की अपील की।
प्रांजुल श्रीवास्तव
प्रांजुल श्रीवास्तवauthor

<p>मैं इस वक्त टाइम्स नाउ नवभारत से जुड़ा हुआ हूं। पत्रकारिता के 8 वर्षों के तजुर्बे में मुझे और मेरी भाषाई समझ को गढ़ने और तराशने में कई वरिष्ठ पत्रकारों और संपादकों का योगदान रहा। 2016 में उत्तर प्रदेश की राजधानी लखनऊ से शुरू हुआ यह सफर देश की राजधानी दिल्ली में 'टाइम्स नाउ नवभारत' तक आ पहुंचा है। अखबारों में रिपोर्टिंग करते हुए शहरों की धूल फांकना और डिजिटल पत्रकारिता की बारीकियों को समझते हुए देश-विदेश की खबरों को आप तक पहुंचाने का मेरा ये सफर काफी किस्से-कहानियों से भरा हुआ है। लखनऊ की बाबा भीम राव अंबेडकर सेंट्रल यूनिवर्सिटी के क्लासरूम में प्रोफेसरों से मिले किताबी ज्ञान और पत्रकारीय सिद्धांतों को जमीन पर उतारने का मौका मुझे 2016 में ही मिल गया। पहला ब्रेक टाइम्स ग्रुप के प्रतिष्ठित अखबार 'नवभारत टाइम्स' ने दिया। यहां बतौर इंटर्न मुझे कई सामाजिक संगठनों की रिपोर्टिंग करने का मौका मिला। दिनभर शहर में घूम-घूम कर खबरों को बटोरना और शाम होते ही उन्हें लिखकर डेस्क के हवाले करना मेरी दिनचर्या का हिस्सा हो गया। इस अनुभव ने मुझे समाज के तौर तरीकों से परिचित कराया तो न्यूजरूम में सीनियर्स से मिली डांट ने पत्रकारिता की बारीकियों और भाषाई मर्यादा को समझने में मदद की। करीब 3 से 4 महीनों की इंटर्नशिप के बाद मुझे 2017 आते-आते गांधी परिवार के गढ़ रायबरेली भेजा गया। यह समय उत्तर प्रदेश में विधानसभा चुनाव और सत्ता के बदलाव का था। यहां बतौर रिपोर्टर मैं पहली बार राजनीतिक खबरों से रूबरू हुआ। रायबरेली के मिजाज को करीब 8 महीनों तक समझने के बाद नवभारत टाइम्स ने मुझे वापस लखनऊ बुलाया और शहर की रिपोर्टिंग करने का मौका दिया। यहां विज्ञान, पर्यावरण, बाजार, लखनऊ विकास प्राधिकरण, आवास विकास और मेट्रो जैसी बीट पर जमकर काम किया। यह सफर अब पश्चिमी उत्तर प्रदेश के जिले मुरादाबाद तक पहुंच गया था, जहां मुझे दैनिक जागरण जैसे प्रतिष्ठित अखबार के लिए दो वर्षों तक रिपोर्टिंग करने का अवसर मिला। करीब दो वर्षों की पत्रकारिता के बाद अब मुझे देश की राजधानी की ओर रुख करना था और यह मौका अमर उजाला (डिजिटल) ने दिया। अखबारों की रिपोर्टिंग से निकलकर डिजिटल पत्रकारिता के अनुभव से मैं पहली बार रूबरू हो रहा था। यहां पर मुझे मेन डेस्क पर जिम्मेदारी मिली। जहां सबसे आगे रहते हुए सबसे सटीक खबरें आप तक पहुंचाना चुनौती भरा काम था, लेकिन पत्रकारिता की शुरुआत में मिले अनुभवों ने मेरा काम आसान बना दिया। यहां भी करीब दो वर्षों के बाद 2023 में मुझे टाइम्स ग्रुप से दोबारा जुड़ने का मौका मिला और टाइम्स नाउ नवभारत की मेन डेस्क पर मेरा सफर अब तक जारी है।</p>

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