रखना होगा ये ध्यान
यात्रा के लिए प्लानिंग से पहले अपने देश में COVID-19 प्रोटोकाल के हिसाब से सभी यात्रियों को फूली वैक्सिनेटेड होना चाहिए। यात्रा के दौरान जिन बातों का ध्यान रखना है वो इस प्रकार हैं-- एहतियाती उपायों सहित चल रहे COVID-19 महामारी के बारे में इन-फ्लाइट घोषणा।
- उड़ान के दौरान मास्क का उपयोग और शारीरिक दूरी का पालन।
- यात्रा के दौरान कोविड-19 के लक्षण वाले किसी भी यात्री को मानक प्रोटोकॉल के अनुसार अलग रखा जाएगा।
- यानी उस यात्री को मास्क पहनना चाहिए, उड़ान/यात्रा में अन्य यात्रियों से अलग और अलग होना चाहिए।
- और अनुवर्ती उपचार के लिए बाद में एक अलगाव सुविधा में स्थानांतरित कर दिया जाए।
On arrival:
- शारीरिक दूरी सुनिश्चित करते हुए डी-बोर्डिंग की जानी चाहिए।
- सभी यात्रियों की थर्मल स्क्रीनिंग वहां मौजूद स्वास्थ्य अधिकारियों द्वारा की जाए
- स्क्रीनिंग के दौरान लक्षण पाए जाने वाले यात्रियों को तुरंत आइसोलेट कर दिया जाएगा
- स्वास्थ्य प्रोटोकॉल (उपर्युक्त के अनुसार) के अनुसार नामित चिकित्सा सुविधा।
- आगमन के बाद निम्नलिखित प्रोटोकॉल का भी पालन किया जाएगा:
- उड़ान में कुल यात्रियों का 2% आगमन के बाद रैंडम टेस्ट होगा
बच्चों को रैंडम टेस्ट से छूट
जिन यात्रियों के नमूने पॉजिटिव पाए जाते हैं, तो उनके नमूने आगे जीनोमिक के लिए भेजे जाने जाएंगे। निर्धारित मानक प्रोटोकॉल के अनुसार उनका उपचार और आइसोलेशन किया जाएगा। सभी यात्रियों को अपने स्वास्थ्य की स्वयं निगरानी करनी होगी, आगमन के बाद उन्हें अपने निकटतम स्वास्थ्य सुविधा को भी रिपोर्ट करना होगा या राष्ट्रीय हेल्पलाइन नंबर (1075) / राज्य हेल्पलाइन नंबर पर कॉल करें यदि उनके पास कोई लक्षण है। वहीं 12 वर्ष से कम उम्र के बच्चों को आगमन के बाद रैंडम टेस्ट से छूट दी गई है। हालांकि अगर कोई लक्षण उनमें भी मिलता है तो उनका भी वैसे ही टेस्ट और आइसोलेशन किया जाएगा।
