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शिवलिंग पर बिच्छू...पीएम मोदी पर टिप्पणी मामले में शशि थरूर की याचिका पर SC करेगा सुनवाई

अदालत की वेबसाइट पर 14 अक्टूबर को सुनवाई के लिए सूचीबद्ध वाद सूची के अनुसार, न्यायमूर्ति ऋषिकेश रॉय और न्यायमूर्ति एसवीएन भट्टी की पीठ थरूर की याचिका पर सुनवाई करेगी। थरूर ने उच्च न्यायालय के 29 अगस्त के आदेश के खिलाफ शीर्ष अदालत का रुख किया है, जिसमें उनके खिलाफ मानहानि की कार्यवाही रद्द करने से इनकार कर दिया गया था।

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शशि थरूर

Photo : PTI

Shashi Tharoor-PM Modi defamation case: सुप्रीम कोर्ट सोमवार को कांग्रेस सांसद शशि थरूर की उस याचिका पर सुनवाई करेगा, जिसमें दिल्ली उच्च न्यायालय के फैसले को चुनौती दी गई है। हाई कोर्ट ने प्रधानमंत्री नरेन्द्र मोदी को निशाना बनाकर की गई थरूर की कथित “शिवलिंग पर बिच्छू” वाली टिप्पणी के लिए उनके खिलाफ मानहानि की कार्यवाही रद्द करने से इनकार कर दिया था। थरूर की याचिका पर सुनवाई करते हुए 10 सितंबर को उच्चतम न्यायालय ने कांग्रेस सांसद के खिलाफ दायर मानहानि मामले में निचली अदालत में चल रही कार्यवाही पर रोक लगा दी थी। शीर्ष अदालत ने इस मामले में शिकायतकर्ता भाजपा नेता राजीव बब्बर और दिल्ली पुलिस को नोटिस जारी कर याचिका पर जवाब तलब किया था।

अदालत की वेबसाइट पर 14 अक्टूबर को सुनवाई के लिए सूचीबद्ध वाद सूची के अनुसार, न्यायमूर्ति ऋषिकेश रॉय और न्यायमूर्ति एसवीएन भट्टी की पीठ थरूर की याचिका पर सुनवाई करेगी। थरूर ने उच्च न्यायालय के 29 अगस्त के आदेश के खिलाफ शीर्ष अदालत का रुख किया है, जिसमें उनके खिलाफ मानहानि की कार्यवाही रद्द करने से इनकार कर दिया गया था। थरूर के वकील ने 10 सितंबर को सुनवाई के दौरान उच्चतम न्यायालय से कहा कि शिकायतकर्ता को मामले में पीड़ित पक्ष नहीं कहा जा सकता और राजनीतिक दल के सदस्यों को भी पीड़ित पक्ष नहीं कहा जा सकता।

वकील ने दलील दी थी कि थरूर की टिप्पणी मानहानि कानून के प्रतिरक्षा खंड के तहत संरक्षित है, जो यह निर्धारित करता है कि अच्छी सोच के साथ दिया गया बयान आपराधिक नहीं है। वकील ने कहा कि थरूर ने टिप्पणी करने से छह साल पहले कारवां पत्रिका में प्रकाशित एक लेख का संदर्भ दिया था। शीर्ष न्यायालय ने हैरानी जताई थी कि 2012 में उस वक्त यह बयान अपमानजनक नहीं था जब आलेख मूल रूप से प्रकाशित हुआ था।

न्यायमूर्ति रॉय ने सुनवाई के दौरान कहा था, आखिरकार यह एक रूपक है। मैंने समझने की कोशिश की है। यह संदर्भित व्यक्ति (मोदी) की अपराजेयता को दर्शाता है। मुझे नहीं पता कि यहां किसी ने आपत्ति क्यों जताई है। थरूर के खिलाफ कार्यवाही को रद्द करने से इनकार करते हुए उच्च न्यायालय ने कहा था कि प्रथम दृष्टया, प्रधानमंत्री के खिलाफ शिवलिंग पर बिच्छू जैसे आरोप घृणित एवं निंदनीय हैं।

दिल्ली उच्च न्यायालय ने मानहानि की शिकायत में तिरुवनंतपुरम से कांग्रेस सांसद थरूर के खिलाफ आपराधिक कार्यवाही पर 16 अक्टूबर 2020 को रोक लगा दी थी और पक्षकारों को 10 सितंबर को निचली अदालत में पेश होने का निर्देश दिया था। उसने कहा था कि प्रथम दृष्टया, टिप्पणी से प्रधानमंत्री, सत्तारूढ़ भारतीय जनता पार्टी के साथ-साथ इसके पदाधिकारियों और सदस्यों की मानहानि हुई है।

Amit Mandal
अमित कुमार मंडलauthor

अमित मंडल टाइम्स नाउ नवभारत डिजिटल में न्यूज डेस्क पर Assistant Editor के रूप में काम कर रहे हैं। प्रिंट, टीवी और डिजिटल—तीनों माध्यमों में कुल मिलाकर 15 सालों से अधिक का अनुभव उन्हें खबरों को देखने की व्यापक दृष्टि देता है। ब्रेकिंग न्यूज, लाइव ब्लॉग, स्पेशल स्टोरीज और एक्सप्लेनेर फॉर्मेट पर उनकी मजबूत पकड़ है। एंगल चुनने की कला, खबरों की गति को समझना और समय पर सही जानकारी पहुंचाना—ये उनकी सबसे बड़ी खूबियां हैं। अमित अपने करियर में करीब 20 हजार से अधिक न्यूज आर्टिकल, एनालिसिस और एक्सप्लेनर पब्लिश कर चुके हैं।

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