Congress attacks PM Modi: कांग्रेस ने शुक्रवार को प्रधानमंत्री नरेन्द्र मोदी के वीडियो संदेश पर तंज कसते हुए कहा कि वह (मोदी) उन बच्चों को माफ करना चाहते हैं, जिन्होंने जंतर-मंतर पर छात्रों के विरोध-प्रदर्शन के दौरान उन्हें अपशब्द कहे थे। पार्टी ने कहा कि जब देश प्रधानमंत्री से माफी की मांग कर रहा है, तब उन्होंने इसके बजाय 'देश को ही माफ कर दिया है।' मोदी ने शुक्रवार को इंस्टाग्राम पर जारी अपने वीडियो संदेश में कहा कि नीट प्रश्नपत्र लीक के विरोध में जंतर-मंतर पर हुए प्रदर्शनों के दौरान न केवल उनके, बल्कि उनकी दिवंगत मां के खिलाफ भी अभद्र भाषा का इस्तेमाल किया गया।
मैं 'गुमराह बच्चों' को माफ करना चाहता हूं-PM मोदी
हालांकि, प्रधानमंत्री ने कहा कि ऐसे 'गुमराह बच्चों’को अदालतों के चक्कर कटवाने से समस्या का हल नहीं होगा और इसलिए वह उन्हें माफ करना चाहते हैं। कांग्रेस ने मीडिया और प्रचार विभाग के प्रमुख पवन खेड़ा ने प्रधानमंत्री के वीडियो संदेश को 'एक्स’ पर साझा करते हुए लिखा, 'इसे सुनिए। देश इनसे (मोदी) माफी मांगने के लिए कह रहा है, इन्होंने देश को माफ कर दिया।'
'गुमराह बच्चों को सही राह दिखाने की जरूरत'
अपने वीडियो संदेश में पीएम ने कहा कि उन्हें इस बात का दुख है कि जंतर-मंतर पर विरोध-प्रदर्शन के दौरान न सिर्फ उनके, बल्कि उनकी स्वर्गीय मां के लिए भी भद्दी गालियों का इस्तेमाल किया गया। मोदी ने कहा कि 'हमारी बेटियों’ द्वारा इस तरह की भाषा का इस्तेमाल किया जाना चिंता का विषय है।हालांकि, उन्होंने कहा कि इन 'गुमराह बच्चों’को माफ किए जाने की जरूरत है। 'इंस्टाग्राम’पर देर रात जारी एक वीडियो संदेश में प्रधानमंत्री ने कहा कि वह समाज में व्याप्त आक्रोश को समझते हैं, लेकिन यह 'गुमराह बच्चों' को अपनाने और उन्हें सही राह दिखाने का समय है। मोदी ने कहा कि उनका मन यह कह रहा था कि नीट प्रश्नपत्र लीक के विरोध में जंतर-मंतर पर हुए प्रदर्शनों के दौरान जो कुछ भी हुआ, उसे लेकर उन्हें बच्चों से बात करनी चाहिए।
...तो हम दांत को तोड़ते नहीं-PM
प्रधानमंत्री ने एक उदाहरण देते हुए कहा, 'अगर दांत गलती से जीभ को काट ले, तो हम दांत को तोड़ते नहीं हैं, क्योंकि दोनों हमारे ही हैं। उसी तरह हमारे बच्चे भी हमारे अपने हैं।’मोदी ने कहा कि बचपन में सुधार की हमेशा गुंजाइश रहती है। उन्होंने कहा, 'इसीलिए मैं समाज में व्याप्त आक्रोश को पूरी तरह समझता हूं... लेकिन यह समय इन बच्चों को गले लगाकर उन्हें सही राह दिखाने का है।’प्रधानमंत्री ने कहा कि इन बच्चों को सजा देने या उन्हें अदालतों के चक्कर कटवाने से समस्या का समाधान नहीं होगा। उन्होंने कहा, 'समाज को भी मेरी बात स्वीकार करनी चाहिए, क्योंकि कई बार लोग भटक जाते हैं, लेकिन इसका यह अर्थ नहीं कि उन्हें दंडित किया जाए। ये बच्चे हमारे अपने हैं। उन्हें सही राह दिखाना हमारा काम है। यह कठिन काम है, लेकिन इसे करना ही होगा।’
