South Politics: आंध्र प्रदेश की राजनीति में एक नया विवाद खड़ा हो गया है। जगन मोहन रेड्डी की पार्टी, वाईएसआर कांग्रेस (वाईएसआरसीपी), ने तेलुगु देशम पार्टी (टीडीपी) पर एक बड़े भू-घोटाले का आरोप लगाया है। पार्टी का दावा है कि विशाखापट्टनम में लगभग ₹3,000 करोड़ की सरकारी जमीन को हाल ही में रजिस्टर हुई एक कंपनी ‘उरसा क्लस्टर्स’ को बेहद कम कीमत पर सौंप दिया गया।
सत्ताधारी पार्टी पर वाईएसआर कांग्रेस ने लगाए गंभीर आरोप
जगन मोहन रेड्डी की पार्टी के मुताबिक, ‘उरसा’ कंपनी की स्थापना 12 फरवरी 2025 को हुई थी और इसके पास कोई व्यावसायिक इतिहास नहीं है। दस्तावेज़ों के अनुसार, कंपनी का पंजीकृत पता एक छोटे मकान में है, और पिछले चार वर्षों के बिजली बिलों से संकेत मिलता है कि वहां कोई महत्वपूर्ण गतिविधि नहीं हुई।
वाईएसआर कांग्रेस पार्टी ने आरोप लगाया कि इस डील में टीडीपी सांसद केसिनेनी शिवनाथ (चिन्नी) की संलिप्तता हो सकती है, जिनके कंपनी के निदेशक सतीश अब्बूरी से व्यावसायिक संबंध होने की बात कही गई है। एक अन्य निदेशक को एक सामान्य आईटी कर्मचारी का रिश्तेदार बताया गया है, जिसकी जानकारी लिंक्डइन प्रोफाइल से सामने आई है।
आईएमजी भारत जमीन डील से की इस मामले की तुलना
वाईएसआरसीपी ने इस मामले की तुलना चंद्रबाबू नायडू के पूर्ववर्ती कार्यकाल के दौरान हुए आईएमजी भारत जमीन डील से की है। आरोप है कि इस बार भी जमीन को पहले किसी नामी कंपनी के नाम पर दिखाया गया और बाद में गुमनाम कंपनियों को ट्रांसफर कर दिया गया।
यह मामला वाईएसआरसीपी की एक सोशल मीडिया पोस्ट के बाद सामने आया और राज्यभर में राजनीतिक चर्चाओं का विषय बन गया है। टीडीपी की ओर से फिलहाल इस पर कोई औपचारिक प्रतिक्रिया नहीं दी गई है।
