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दिल्ली और पंजाब में आतंकी हमले की साजिश, खुफिया एजेंसियों ने जारी किया अलर्ट

Breaking News: नए साल में भारत की सुरक्षा से जुड़ी अहम जानकारी सामने आई है। खुफिया एजेंसियों ने आतंकी हमले के लिए अलर्ट जारी किया है। जानकारी के अनुसार राजधानी दिल्ली और पंजाब आतंकियों के निशाने पर है। ये आतंकी हिंदुस्तान के प्रमुख शहरों को निशाना बनाने की फिराक में हैं।

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खुफिया एजेंसियों ने जारी किया आतंकी हमले का अलर्ट

Terrorist Attack Conspiracy against India: नए साल में भारत की खुफिया एजेंसियों ने बड़ा आतंकी अलर्ट जारी किया है। खुफिया विभाग के हाथ आतंकी हमले की साजिश की महत्वपूर्ण जानकारी लगी है। बताया जा रहा है कि दिल्ली और पंजाब पाकिस्तान की ISI और बांग्लादेश के आतंकियों के निशाने पर है। भारत मे 2025 में पाकिस्तान की खुफिया एजेंसी ISI सीरियल बम ब्लास्ट करने की साजिश रच रही है।

भारत के प्रमुख शहरों में आतंकी हमले की साजिश

पाकिस्तान ISI और पाकिस्तान में मौजूद इस्लामिक टेरर ऑर्गेनाइजेशन भारत मे सिलसिले वार तरीके से बम ब्लास्ट करने की फिराक में है। खुफिया विभाग के मुताबिक इस्लामिक आतंकी संगठन बांग्लादेश की मदद से भारत में आतंकी हमले करना चाहते हैं। बांग्लादेश और POK वेस्ड टेरर एलीमेंट भारत के प्रमुख शहरों को निशाना बनाने की फिराक में हैं।

तमाम इंटेलिजेंस एजेंसियों को भी किया गया अलर्ट

खुफिया विभाग के मुताबिक बांग्लादेश के आतंकी संगठन पाक अधिकृत कश्मीर के आतंकी संगठनों के साथ मिलकर नई दिल्ली, पंजाब, और मेट्रो शहरों के अति व्यस्तम इलाको को निशाना बना सकते है। खुफिया विभाग के इस महत्वपूर्ण अलर्ट के बाद देश की तमाम इंटेलिजेंस एजेंसियों को भी अलर्ट किया गया है और दिल्ली और पँजाब पर विशेष फोकस रखने को कहा गया है।

Ayush Sinha
आयुष सिन्हाauthor

मैं टाइम्स नाउ नवभारत (Timesnowhindi.com) से जुड़ा हुआ हूं। कलम और कागज से लगाव तो बचपन से ही था, जो धीरे-धीरे आदत और जरूरत बन गई। मुख्य धारा की पत्रकारिता से जुड़े हुए 10 साल पूरे हो चुके हैं। लोकसभा चुनाव 2014 से पहले ही मैंने पत्रकारिता की पढ़ाई के बीच में ही देश की राजधानी दिल्ली आने की ठान ली थी। उससे पहले मैंने कभी ये सोचा तक नहीं था कि मैं बनारस बोले तो वाराणसी शहर से बाहर भी जा सकता हूं। जी हां, मेरा नाता काशी से है। जन्म के साथ-साथ शिक्षा दीक्षा भी बनारस में ही हुई। राष्ट्रपिता मोहनदास करमचंद गांधी (बापू) द्वारा स्थापित किए गए विश्वविद्यालय- 'महात्मा गांधी काशी विद्यापीठ' से मैंने पत्रकारिता में स्नातक किया है। ग्रेजुएशन के दौरान ही विश्वविद्यालय के पत्रकारिता एवं जनसंचार विभाग के अध्यापकों ने बड़ी ही सख्ती से मेरी नक्काशी करने की कोशिश की। ग्रेजुएशन के आखिरी वर्ष आते-आते मैंने दिल्ली की ट्रेन पकड़ी और यहां पहुंच गया। आव देखा न ताव, दिल्ली NCR में बड़े-बड़े मीडिया समूहों के दफ्तरों के बाहर अपना बायोडेटा डाल कर प्रयास में जुट गया। काफी धैर्य के बाद ZEE मीडिया समूह से जुड़ने का मौका मिला। मेरे पत्रकारिता के सफर की शुरुआत टेलीविजन के इनपुट डिपार्टमेंट से हुई। यहां मैं असाइनमेंट डेस्क पर था। कुछ महीनों तक खुद को इस समूह के साथ जोड़े रखने के बाद वर्ष 2015 में मैंने प्रिंट मीडिया का रुख कर लिया और ALL RIGHTS नाम की मैगज़ीन के साथ जुड़ गया। बतौर विशेष संवाददाता (Special Correspondent) मेरे कंधों पर बड़ी जिम्मेदारी सौंपी गई थी। मैं उन दिनों देशभर के अलग-अलग लोकसभा क्षेत्र के सांसदों, केंद्रीय मंत्रियों और दिल्ली सरकार के विधायकों और मंत्रियों का साक्षात्कार करता था। मैगज़ीन के संपादकीय पृष्ठ के लिए मैं लेख भी लिखता था। राजनीतिक खबरों से लगाव होने के चलते मैंने इस बीट को ही अपना हमसाया बना लिया। मैगजीन के बाद फिर टेलीविजन का रुख किया और इसी साल दोबारा ज़ी मीडिया से जुड़ गया। यहां साढ़े 3 सालों तक काम करने के बाद मैंने डिजिटल मीडिया में कदम रखने की ठान ली। रिपब्लिक भारत की लॉन्चिंग से पहले मुझे इसकी वेबसाइट से जुड़ने का मौका मिला। रिपब्लिक से जुड़ने के साथ ही मैंने दिल्ली छोड़कर मुंबई का रुख कर लिया। समंदर किनारे बसे इस शहर में मैंने डिजिटल पत्रकारिता के गुर को सीखा। इस संस्थान में मुझे रिपोर्टर के तौर पर मौका दिया था। कुछ ही महीने बाद मैं वापस दिल्ली आ गया और मैंने न्यूज़ वर्ल्ड इंडिया में एसोसिएट प्रोड्यूसर और रिपोर्टर की भूमिका में काम किया। चंद महीने बाद ही ज़ी मीडिया समूह के डिजिटल प्लेटफॉर्म पर काम करने का अवसर मिला। ज़ी हिन्दुस्तान के लिए मैंने स्पेशल खबरों पर काम किया और इस समूह का पहला डिजिटल रिपोर्टर बन गया। इसके बाद मुझे वीडियो सेक्शन का हेड बना दिया गया। मैंने चुनावी कवरेज की, ग्राउंड रिपोर्टिंग की और साथ ही साथ वीडियो सेक्शन को नए शिखर पर पहुंचाने की कोशिश की। मैं कविताएं और किस्से-कहानियां भी लिखता रहता हूं। पढ़ाई के दौरान ही मैंने दो किताबें भी लिखी, एक नॉवेल और दूसरी पोएट्री बुक। पत्रकारिता में रहते हुए मैंने कई "स्टिंग ऑपरेशन" भी किए। मेरे सफर को और भी खूबसूरत बनाने के लिए टाइम्स समूह ने मुझे मौका दिया। मैं जुलाई, 2023 में इस संस्थान से जुड़ा और मुझे मेन डेस्क पर खबरों से दो-चार होते रहने की जिम्मेदारी सौंपी गई। राजनीतिक विश्लेषण के साथ विस्तार से खबरों को परोसता हूं और अपने पाठकों को कुछ नया देने का प्रयास करता हूं।

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