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जम्मू कश्मीर में सरकार बनाने की कवायद तेज, नेशनल कांफ्रेंस को समर्थन देगी कांग्रेस

Government formation in Jammu and Kashmir: जम्मू कश्मीर कांग्रेस अध्यक्ष तारिक हमीद कर्रा ने बताया कि विधायक दल की बैठक में यह तय हुआ है कि हम नेशनल कांफ्रेंस को समर्थन देंगे और उन्हें जल्द ही समर्थन पत्र सौंप दिया जाएगा। उन्होंने कहा, सरकार में हमारी कोई मांग नहीं। हम इंडिया गठबंधन की भावना को बरकरार रखते हुए जम्मू कश्मीर की बेहतरी के लिए उन्हें समर्थन दे रहे हैं।

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जम्मू कश्मीर कांग्रेस चीफ तारिक हमीद कर्रा।

Photo : ANI

Government formation in Jammu and Kashmir: जम्मू कश्मीर में विधानसभा चुनाव के बाद सरकार बनाने की कवायद तेज हो गई है। इस बीच कांग्रेस ने राज्य में गठबंधन में सहयोगी नेशनल कांफ्रेंस को समर्थन की घोषणा कर दी है। इस बाबत शुक्रवार को विधायक दल की बैठक भी हुई। जम्मू कश्मीर कांग्रेस अध्यक्ष तारिक हमीद कर्रा ने बताया कि विधायक दल की बैठक में यह तय हुआ है कि हम नेशनल कांफ्रेंस को समर्थन देंगे और उन्हें जल्द ही समर्थन पत्र सौंप दिया जाएगा।

वहीं कर्रा ने बताया कि कांग्रेस विधायक दल का नेता कौन होगा, इसका निर्णय कांग्रेस आला कमान पर सौंप दिया गया है। उन्होंने कहा, हमारी सेंट्रल लीडरशिप इस बारे में फैसला लेगी। बता दें, इससे पहले आम आदमी पार्टी ने भी नेशनल कांफ्रेंस को समर्थन देने का ऐलान किया था। पार्टी की तरफ से इस संबंध में उपराज्यपाल को समर्थन पत्र सौंपा गया था।

सरकार में हमारी कोई मांग नहीं

कांग्रेस प्रमुख तारिक हमीद कर्रा ने बताया कि हम जम्मू-कश्मीर के लोगों के लिए नेशनल कॉन्फ्रेंस का समर्थन कर रहे हैं। सरकार में हमारी कोई मांग नहीं है। हम इंडिया गठबंधन की भावना को बरकरार रखते हुए जम्मू कश्मीर के लोगों के बेहतरी के लिए उन्हें समर्थन कर रहे हैं। उन्होंने कहा, हम उनके साथ औपचारिक रूप से बैठेंगे और उस समय हम चर्चा करेंगे कि शासन का मॉडल कैसा होगा। इस गठबंधन की भावना संख्या और मंत्री पदों के खेल से कहीं आगे है।

चुनाव में सबसे बड़ी पार्टी बनी थी नेशनल कांग्रेस

जम्मू कश्मीर में विधानसभा चुनाव के बाद नेशनल कांफ्रेंस सबसे बड़ी पार्टी बनकर उभरी थी। पार्टी ने सबसे अधिक 42 सीटों पर जीत दर्ज की थी। वहीं उसकी सहयोगी पार्टी कांग्रेस ने 6 सीट तो तीसरी सहयोगी सीपीएम ने 1 सीट जीती थी। वहीं आम आदमी पार्टी ने भी यहां एक सीट पर जीत हासिल की थी। नेशनल कांफ्रेंस को चार निर्दलीय विधायकों ने भी समर्थन दिया है, जिससे कुल विधायकों की संख्या बढ़कर 46 हो गई है। विधानसभा में बहुमत का आंकड़ा भी 46 ही है।

Pranjul Srivastava
प्रांजुल श्रीवास्तवauthor

<p>मैं इस वक्त टाइम्स नाउ नवभारत से जुड़ा हुआ हूं। पत्रकारिता के 8 वर्षों के तजुर्बे में मुझे और मेरी भाषाई समझ को गढ़ने और तराशने में कई वरिष्ठ पत्रकारों और संपादकों का योगदान रहा। 2016 में उत्तर प्रदेश की राजधानी लखनऊ से शुरू हुआ यह सफर देश की राजधानी दिल्ली में 'टाइम्स नाउ नवभारत' तक आ पहुंचा है। अखबारों में रिपोर्टिंग करते हुए शहरों की धूल फांकना और डिजिटल पत्रकारिता की बारीकियों को समझते हुए देश-विदेश की खबरों को आप तक पहुंचाने का मेरा ये सफर काफी किस्से-कहानियों से भरा हुआ है। लखनऊ की बाबा भीम राव अंबेडकर सेंट्रल यूनिवर्सिटी के क्लासरूम में प्रोफेसरों से मिले किताबी ज्ञान और पत्रकारीय सिद्धांतों को जमीन पर उतारने का मौका मुझे 2016 में ही मिल गया। पहला ब्रेक टाइम्स ग्रुप के प्रतिष्ठित अखबार 'नवभारत टाइम्स' ने दिया। यहां बतौर इंटर्न मुझे कई सामाजिक संगठनों की रिपोर्टिंग करने का मौका मिला। दिनभर शहर में घूम-घूम कर खबरों को बटोरना और शाम होते ही उन्हें लिखकर डेस्क के हवाले करना मेरी दिनचर्या का हिस्सा हो गया। इस अनुभव ने मुझे समाज के तौर तरीकों से परिचित कराया तो न्यूजरूम में सीनियर्स से मिली डांट ने पत्रकारिता की बारीकियों और भाषाई मर्यादा को समझने में मदद की। करीब 3 से 4 महीनों की इंटर्नशिप के बाद मुझे 2017 आते-आते गांधी परिवार के गढ़ रायबरेली भेजा गया। यह समय उत्तर प्रदेश में विधानसभा चुनाव और सत्ता के बदलाव का था। यहां बतौर रिपोर्टर मैं पहली बार राजनीतिक खबरों से रूबरू हुआ। रायबरेली के मिजाज को करीब 8 महीनों तक समझने के बाद नवभारत टाइम्स ने मुझे वापस लखनऊ बुलाया और शहर की रिपोर्टिंग करने का मौका दिया। यहां विज्ञान, पर्यावरण, बाजार, लखनऊ विकास प्राधिकरण, आवास विकास और मेट्रो जैसी बीट पर जमकर काम किया। यह सफर अब पश्चिमी उत्तर प्रदेश के जिले मुरादाबाद तक पहुंच गया था, जहां मुझे दैनिक जागरण जैसे प्रतिष्ठित अखबार के लिए दो वर्षों तक रिपोर्टिंग करने का अवसर मिला। करीब दो वर्षों की पत्रकारिता के बाद अब मुझे देश की राजधानी की ओर रुख करना था और यह मौका अमर उजाला (डिजिटल) ने दिया। अखबारों की रिपोर्टिंग से निकलकर डिजिटल पत्रकारिता के अनुभव से मैं पहली बार रूबरू हो रहा था। यहां पर मुझे मेन डेस्क पर जिम्मेदारी मिली। जहां सबसे आगे रहते हुए सबसे सटीक खबरें आप तक पहुंचाना चुनौती भरा काम था, लेकिन पत्रकारिता की शुरुआत में मिले अनुभवों ने मेरा काम आसान बना दिया। यहां भी करीब दो वर्षों के बाद 2023 में मुझे टाइम्स ग्रुप से दोबारा जुड़ने का मौका मिला और टाइम्स नाउ नवभारत की मेन डेस्क पर मेरा सफर अब तक जारी है।</p>

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