आम आदमी पार्टी (AAP) ने पटना में होने वाली विपक्षी दलों की बैठक (Patna Opposition Meeting) से एक दिन पहले उसमें शामिल नहीं होने की धमकी दी है, मीडिया सूत्रों के मुताबिक आप ने कहा है कि अगर कांग्रेस ने दिल्ली पर केंद्र के अध्यादेश के विरोध का भरोसा नहीं दिया तो वह बैठक से दूर रहेगी ऐसा कहा जा रहा है।
केजरीवाल ने कहा कि कांग्रेस सभी पार्टियों के सामने अध्यादेश को लेकर अपना रुख स्पष्ट करे उसके बाद ही AAP मीटिंग में शामिल होगी, उधर टीएमसी भी कांग्रेस पर इसके लेकर दवाब बना रही है। दिल्ली के सीएम केजरीवाल ने केंद्र द्वारा दिल्ली सरकार के खिलाफ 'अधिकारों' को लेकर लाए गए अध्यादेश को लेकर कांग्रेस से सभी पार्टियों के सामने अपना स्टैंड साफ करने को कहा है।
कांग्रेस के भी अलग ही सुर सामने आ रहे हैं
कहा तो ये भी जा रहा है कि विपक्षी एकता की इस मीटिंग से पहले कांग्रेस के भी अलग ही सुर सामने आ रहे हैं, कहा जा रहा है कि कांग्रेस भी इसे लेकर सहज नहीं है कि कि विपक्षी दलों की बैठक में पश्चिम बंगाल की सीएम ममता बनर्जी और AAP संयोजक केजरीवाल हिस्सा लें।
केजरीवाल खरगे और राहुल गांधी से मिलने का मांग चुके हैं समय
वहीं अध्यादेश के मुद्दे पर केजरीवाल कांग्रेस अध्यक्ष मल्लिकार्जुन खरगे और राहुल गांधी से मिलने का समय भी मांग चुके हैं, लेकिन उन्हें अभी तक कोई समय नहीं मिला, आम आदमी पार्टी चाहती है कि पटना की बैठक में सबसे पहले अध्यादेश के मुद्दे पर ही चर्चा हो। केजरीवाल यह बात कह रहे हैं कि कांग्रेस को उनका समर्थन करना चाहिए वरना अन्य राज्यों में भी दिल्ली जैसा हाल हो सकता है।
बैठक में 19 पार्टियां शामिल होंगी!
गौर हो कि बिहार सीएम आवास पर शुक्रवार यानी 23 जून को विपक्षी दलों की बैठक होने जा रही है, इस बैठक में 19 पार्टियां शामिल होंगी, दिल्ली के मुख्यमंत्री अरविंद केजरीवाल, पश्चिम बंगाल की मुख्यमंत्री ममता बनर्जी, पंजाब सीएम भगवंत मान, जम्मू कश्मीर की पूर्व सीएम महबूबा मुफ्ती, भाकपा महासचिव डी राजा, भाकपा माले महासचिव दीपंकर भट्टाचार्य पटना आयेंगे ऐसा कहा जा रहा है।
