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तय समय से पहले हो सकते हैं लोकसभा चुनाव, विपक्ष की बैठक से पहले नीतीश ने दिए बड़े संकेत

  • Authored by: प्रांजुल श्रीवास्तव
  • Updated Jun 14, 2023, 09:11 PM IST

Nitish Kumar: नीतीश कुमार ने कहा, यह पता नहीं है कि लोकसभा चुनाव कब हो जाएं। कोई जरूरी नहीं कि चुनाव अगले ही साल हों, यह भी हो सकता है कि इसी साल के आखिरी में चुनाव करा दिए जाएं।

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नीतीश कुमार

Nitish Kumar: 2024 में होने वाले लोकसभा चुनाव के लिए बिसात अभी से बिछने लगी है। सभी राजनीतिक पार्टियां अपने-अपने ढंग से तैयारियां भी शुरू कर चुकी हैं। भाजपा एक बार फिर आम चुनावों में करिश्मा करने को तैयार है, तो नरेंद्र मोदी को सत्ता में आने से रोकने के लिए विपक्ष भी लामबंद है। इसको लेकर बिहार के पटना में 23 जून को विपक्ष की एक बड़ी बैठक होनी है, जिसकी अगुवाई बिहार के मुख्यमंत्री नीतीश कुमार करने वाले हैं।

हालांकि, इस बैठक से पहले नीतीश कुमार ने बड़ा दावा किया है। उन्होंने संभावना जताई है कि इस बार लोकसभा चुनाव तय समय से पहले हो सकते हैं। नीतीश कुमार ने अधिकारियों को निर्देश दिए हैं कि सभी योजनाओं का काम जल्द से जल्द पूरा करें, क्योंकि लोकसभा चुनाव कभी भी हो सकते हैं।

जरूरी नहीं चुनाव अगले ही साल हो- नीतीश

नीतीश कुमार ने बुधवार को ग्रामीण कार्य विभाग की योजनाओं के शिलान्यास और उद्धाटन कार्यक्रम में कहा, सभी परियोजनाओं के काम को जल्द से जल्द पूरा किया जाए। उन्होंने कहा, यह पता नहीं है कि लोकसभा चुनाव कब हो जाएं। कोई जरूरी नहीं कि चुनाव अगले ही साल हों, यह भी हो सकता है कि इसी साल के आखिरी में चुनाव करा दिए जाएं। ऐसे में सभी कार्यों को तेजी से करिए, हम शुरू से कहते आएं है कि जल्दी कीजिए।

23 जून को होनी है बैठक

बता दें, 23 जून को पटना में विपक्ष की बड़ी बैठक होने वाली है। इस बैठक पर भाजपा की खास नजर है। दरअसल, इस बैठक से ही तय हो जाएगा कि 2024 के लोकसभा चुनाव में विपक्षी महागठबंधन में कौन-कौन सी पार्टियां शामिल हो सकती हैं। हालांकि, इस बैठक में कांग्रेस नेता राहुल गांधी, कांग्रेस अध्यक्ष मल्लिकार्जुन खड़गे, ममता बनर्जी, उद्धव ठाकरे, शरद पवार, अरविंद केजरीवाल, हेमंत सोरेन, एमके स्टालिन, अखिलेश यादव के शामिल होने की संभावना है। बैठक में लेफ्ट के नेता भी शामिल हो सकते हैं।

प्रांजुल श्रीवास्तव
प्रांजुल श्रीवास्तवauthor

<p>मैं इस वक्त टाइम्स नाउ नवभारत से जुड़ा हुआ हूं। पत्रकारिता के 8 वर्षों के तजुर्बे में मुझे और मेरी भाषाई समझ को गढ़ने और तराशने में कई वरिष्ठ पत्रकारों और संपादकों का योगदान रहा। 2016 में उत्तर प्रदेश की राजधानी लखनऊ से शुरू हुआ यह सफर देश की राजधानी दिल्ली में 'टाइम्स नाउ नवभारत' तक आ पहुंचा है। अखबारों में रिपोर्टिंग करते हुए शहरों की धूल फांकना और डिजिटल पत्रकारिता की बारीकियों को समझते हुए देश-विदेश की खबरों को आप तक पहुंचाने का मेरा ये सफर काफी किस्से-कहानियों से भरा हुआ है। लखनऊ की बाबा भीम राव अंबेडकर सेंट्रल यूनिवर्सिटी के क्लासरूम में प्रोफेसरों से मिले किताबी ज्ञान और पत्रकारीय सिद्धांतों को जमीन पर उतारने का मौका मुझे 2016 में ही मिल गया। पहला ब्रेक टाइम्स ग्रुप के प्रतिष्ठित अखबार 'नवभारत टाइम्स' ने दिया। यहां बतौर इंटर्न मुझे कई सामाजिक संगठनों की रिपोर्टिंग करने का मौका मिला। दिनभर शहर में घूम-घूम कर खबरों को बटोरना और शाम होते ही उन्हें लिखकर डेस्क के हवाले करना मेरी दिनचर्या का हिस्सा हो गया। इस अनुभव ने मुझे समाज के तौर तरीकों से परिचित कराया तो न्यूजरूम में सीनियर्स से मिली डांट ने पत्रकारिता की बारीकियों और भाषाई मर्यादा को समझने में मदद की। करीब 3 से 4 महीनों की इंटर्नशिप के बाद मुझे 2017 आते-आते गांधी परिवार के गढ़ रायबरेली भेजा गया। यह समय उत्तर प्रदेश में विधानसभा चुनाव और सत्ता के बदलाव का था। यहां बतौर रिपोर्टर मैं पहली बार राजनीतिक खबरों से रूबरू हुआ। रायबरेली के मिजाज को करीब 8 महीनों तक समझने के बाद नवभारत टाइम्स ने मुझे वापस लखनऊ बुलाया और शहर की रिपोर्टिंग करने का मौका दिया। यहां विज्ञान, पर्यावरण, बाजार, लखनऊ विकास प्राधिकरण, आवास विकास और मेट्रो जैसी बीट पर जमकर काम किया। यह सफर अब पश्चिमी उत्तर प्रदेश के जिले मुरादाबाद तक पहुंच गया था, जहां मुझे दैनिक जागरण जैसे प्रतिष्ठित अखबार के लिए दो वर्षों तक रिपोर्टिंग करने का अवसर मिला। करीब दो वर्षों की पत्रकारिता के बाद अब मुझे देश की राजधानी की ओर रुख करना था और यह मौका अमर उजाला (डिजिटल) ने दिया। अखबारों की रिपोर्टिंग से निकलकर डिजिटल पत्रकारिता के अनुभव से मैं पहली बार रूबरू हो रहा था। यहां पर मुझे मेन डेस्क पर जिम्मेदारी मिली। जहां सबसे आगे रहते हुए सबसे सटीक खबरें आप तक पहुंचाना चुनौती भरा काम था, लेकिन पत्रकारिता की शुरुआत में मिले अनुभवों ने मेरा काम आसान बना दिया। यहां भी करीब दो वर्षों के बाद 2023 में मुझे टाइम्स ग्रुप से दोबारा जुड़ने का मौका मिला और टाइम्स नाउ नवभारत की मेन डेस्क पर मेरा सफर अब तक जारी है।</p>

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