Congress President Election update: कांग्रेस नेता शशि थरूर (Shashi Tharoor) ने कहा है कि वह कांग्रेस अध्यक्ष पद के चुनाव (Congress President Election) से अपना नामांकन वापस नहीं लेंगे, ऐसा सवाल ही नहीं उठता , क्योंकि आम कांग्रेस पार्टी कार्यकर्ताओं ने उनसे संपर्क कर उन्हें कांग्रेस अध्यक्ष पद का चुनाव लड़ने के लिए कहा था, ये बात उन्होंने एक निजी न्यूज चैनल से बातचीत में कही।
शशि थरूर ने कहा मैं उन कार्यकर्ताओं को कभी धोखा नहीं दूंगा जिन्होंने सब कुछ दांव पर लगा दिया है। गौर हो कि 17 अक्टूबर को कांग्रेस अध्यक्ष के लिए चुनाव होगा, मल्लिकार्जुन खड़गे और शशि थरूर के बीच मुकाबला है।
थरूर बोले-राहुल से आग्रह किया गया था कि वह मुझसे नामांकन वापस लेने के लिए कहेंकांग्रेस अध्यक्ष पद के उम्मीदवार शशि थरूर ने मंगलवार को दावा किया कि पार्टी के पूर्व अध्यक्ष राहुल गांधी से कुछ नेताओं ने आग्रह किया था कि वह उनसे (थरूर से) नामांकन वापस लेने के लिए कहें।चुनाव प्रचार के लिए केरल पहुंचे थरूर ने संवाददाताओं से यह भी कहा कि राहुल गांधी ने ऐसा आग्रह करने वाले नेताओं से कहा कि वह नामांकन वापस लेने के लिए नहीं कहेंगे क्योंकि चुनावी मुकाबले से पार्टी को फायदा होगा।
तिरुवनंतपुरम से लोकसभा सदस्य ने कहा, 'उन्होंने (राहुल ने) मुझे याद दिलाया कि वह पिछले 10 वर्षों से कह रहे हैं कि पार्टी के अध्यक्ष पद के लिए चुनाव होना चाहिए।' थरूर ने दावा किया, 'उन्होंने (राहुल ने) मुझे यह भी बताया कि कुछ लोगों ने उनसे आग्रह किया था कि वह मुझसे नामांकन वापस लेने के लिए कहें। उन्होंने मुझे बताया कि वह ऐसा नहीं करेंगे। राहुल गांधी ने कहा कि मुझे नामांकन वापस नहीं लेना चाहिए और मुकाबले में बने रहना चाहिए।'इससे पहले, थरूर ने कहा कि उन्होंने कभी भी पार्टी के बड़े नेताओं से समर्थन की उम्मीद नहीं की थी और अब भी नहीं करते हैं, लेकिन उन्हें सभी लोगों के साथ की जरूरत है।थरूर ने यह बयान ऐसे समय पर दिया है जब प्रदेश कांग्रेस कमेटी के अध्यक्ष के. सुधाकरन ने सार्वजनिक रूप से यह घोषणा की है कि वह थरूर के प्रतिद्वंद्वी मल्लिकार्जुन खड़गे का समर्थन करेंगे।
मैंने उन्हें भरोसा दिलाया है कि मैं पीछे नहीं हटूंगातिरुवनंतपुरम से लोकसभा सदस्य थरूर ने संवाददाताओं से कहा कि वह चुनाव से पीछे हटकर उन लोगों के साथ विश्वासघात नहीं करना चाहते जो अब तक उनका समर्थन करते आ रहे हैं। उन्होंने कहा, 'मैं पार्टी के बड़े नेताओं से किसी तरह के समर्थन की उम्मीद नहीं कर रहा था और अब भी नहीं कर रहा हूं। वास्तव में, पिछले दिनों मैंने नागपुर, वर्धा और हैदराबाद में पार्टी के कार्यकर्ताओं से मुलाकात की थी।
कार्यकर्ता मुझसे चुनाव लड़ने और इससे पीछे नहीं हटने के लिए कह रहे हैं।' थरूर का कहना था, 'मैंने उन्हें भरोसा दिलाया है कि मैं पीछे नहीं हटूंगा। मैं उन लोगों के साथ विश्वासघात नहीं करूंगा जिन्होंने अब तक मेरा समर्थन किया है। मुझ पर उनका जो विश्वास है वही मुझे आगे बढ़ने की ताकत देता है।'
