देश

गुटबाजी करने वालों को बाहर निकाल देगी कांग्रेस? बिहार चुनाव से ठीक पहले नए प्रभारी ने कर दिया बड़ा ऐलान

Congress Plan for Bihar Chunav: क्या बिहार विधानसभा चुनाव से ठीक पहले कांग्रेस पार्टी सूबे में कोई बड़ा कदम उठाने वाली है? ये सवाल इसलिए खड़ा हो रहा है, क्योंकि बिहार के नए कांग्रेस प्रभारी कृष्ण अल्लावरु ने इस ओर बड़ा इशारा किया है। उन्होंने कहा है कि गुटबाजी करने वालों को बाहर निकाल दिया जाना चाहिए।

Image

बिहार के नए प्रभारी कृष्ण अल्लावरु की तीखी टिप्पणी।

Bihar Politics: कांग्रेस के बिहार प्रभारी कृष्णा अल्लावरु ने बृहस्पतिवार को पार्टी कार्यकर्ताओं को इस साल के अंत में होने वाले विधानसभा चुनाव से पहले गुटबाजी के खिलाफ चेतावनी दी और कहा कि गुटबाजी में शामिल होने वालों को निकाल दिया जाना चाहिए। नयी जिम्मेदारी मिलने के बाद राज्य के अपने पहले दौरे में अल्लावरु बिहार कांग्रेस मुख्यालय सदाकत आश्रम में कांग्रेस कार्यकर्ताओं को संबोधित कर रहे थे।

'पार्टी में गुटबाजी करने वालों को बाहर निकाल देना चाहिए'

बिहार के नए चुनाव प्रभारी ने कहा, 'पार्टी में गुटबाजी करने वालों को बाहर निकाल देना चाहिए। मतभेद समझ में आते हैं...कार्यकर्ताओं/नेताओं को अपने विचार पार्टी मंचों पर ही रखने चाहिए। लेकिन इसे 'लक्ष्मण रेखा' पार नहीं करनी चाहिए।' उन्होंने कांग्रेस कार्यकर्ताओं से एकजुट होकर काम करने और पार्टी को मजबूत बनाने का आग्रह किया। उन्होंने कहा कि बिहार में आगामी विधानसभा चुनाव में पार्टी को चुनौती का सामना करना पड़ेगा।

उन्होंने कहा, 'आम धारणा है कि पार्टी संगठन में काम करने वाले कार्यकर्ताओं को उचित सम्मान नहीं मिलता और इसके बजाय नेताओं को अधिक महत्व मिलता है। मैं यह जरूर कहूंगा कि जमीनी स्तर पर काम करने वाले कार्यकर्ताओं को उचित सम्मान दिया जाएगा। हमें बिहार में कांग्रेस को फिर से मजबूत करना है। हमें जीतने के लिए चुनाव लड़ना है। लड़ाई चाहे बड़ी हो या छोटी, संभव हो या असंभव... हमें जीतने के लिए हर लड़ाई लड़नी होगी। हम बिहार में लड़ेंगे... हम जीतेंगे।'

'अगर जमीनी स्तर पर मेहनत करते दिखेंगे, तो मिलेगा ईनाम'

अल्लावरु ने कहा, 'दिल्ली और पटना के चक्कर लगाना बंद करें। अगर आप जमीनी स्तर पर मेहनत करते दिखेंगे तो आपको ईनाम मिलेगा। बिहार में बूथ, वार्ड, गांव, पंचायत और प्रखंड से ताकत मिलती है... इसलिए पटना और दिल्ली छोड़कर इलाके में मेहनत करें।' बिहार प्रदेश मुख्यालय पहुंचने पर अल्लावरु का पार्टी कार्यकर्ताओं ने उनका भव्य स्वागत किया।

इससे पहले पटना एयरपोर्ट पर मीडियाकर्मियों से बात करते हुए अल्लावरु ने कहा कि उनका ध्यान विधानसभा चुनाव से पहले बिहार में पार्टी के संगठनात्मक ढांचे को मजबूत करने पर है। उन्होंने कहा, 'मैं पार्टी हाईकमान की उम्मीदों पर खरा उतरने में कोई कसर नहीं छोड़ूंगा।' अल्लावरु के बिहार में तीन-चार दिन रहने की उम्मीद है। अपने प्रवास के दौरान वह पार्टी के कार्यकर्ताओं और नेताओं से मिलेंगे। कांग्रेस अध्यक्ष मल्लिकार्जुन खरगे भी 22 फरवरी को बिहार के बक्सर जिले का दौरा कर सकते हैं। खरगे बक्सर में एक समारोह में शामिल होंगे और एक जनसभा को भी संबोधित करेंगे।

Ayush Sinha
आयुष सिन्हाauthor

मैं टाइम्स नाउ नवभारत (Timesnowhindi.com) से जुड़ा हुआ हूं। कलम और कागज से लगाव तो बचपन से ही था, जो धीरे-धीरे आदत और जरूरत बन गई। मुख्य धारा की पत्रकारिता से जुड़े हुए 10 साल पूरे हो चुके हैं। लोकसभा चुनाव 2014 से पहले ही मैंने पत्रकारिता की पढ़ाई के बीच में ही देश की राजधानी दिल्ली आने की ठान ली थी। उससे पहले मैंने कभी ये सोचा तक नहीं था कि मैं बनारस बोले तो वाराणसी शहर से बाहर भी जा सकता हूं। जी हां, मेरा नाता काशी से है। जन्म के साथ-साथ शिक्षा दीक्षा भी बनारस में ही हुई। राष्ट्रपिता मोहनदास करमचंद गांधी (बापू) द्वारा स्थापित किए गए विश्वविद्यालय- 'महात्मा गांधी काशी विद्यापीठ' से मैंने पत्रकारिता में स्नातक किया है। ग्रेजुएशन के दौरान ही विश्वविद्यालय के पत्रकारिता एवं जनसंचार विभाग के अध्यापकों ने बड़ी ही सख्ती से मेरी नक्काशी करने की कोशिश की। ग्रेजुएशन के आखिरी वर्ष आते-आते मैंने दिल्ली की ट्रेन पकड़ी और यहां पहुंच गया। आव देखा न ताव, दिल्ली NCR में बड़े-बड़े मीडिया समूहों के दफ्तरों के बाहर अपना बायोडेटा डाल कर प्रयास में जुट गया। काफी धैर्य के बाद ZEE मीडिया समूह से जुड़ने का मौका मिला। मेरे पत्रकारिता के सफर की शुरुआत टेलीविजन के इनपुट डिपार्टमेंट से हुई। यहां मैं असाइनमेंट डेस्क पर था। कुछ महीनों तक खुद को इस समूह के साथ जोड़े रखने के बाद वर्ष 2015 में मैंने प्रिंट मीडिया का रुख कर लिया और ALL RIGHTS नाम की मैगज़ीन के साथ जुड़ गया। बतौर विशेष संवाददाता (Special Correspondent) मेरे कंधों पर बड़ी जिम्मेदारी सौंपी गई थी। मैं उन दिनों देशभर के अलग-अलग लोकसभा क्षेत्र के सांसदों, केंद्रीय मंत्रियों और दिल्ली सरकार के विधायकों और मंत्रियों का साक्षात्कार करता था। मैगज़ीन के संपादकीय पृष्ठ के लिए मैं लेख भी लिखता था। राजनीतिक खबरों से लगाव होने के चलते मैंने इस बीट को ही अपना हमसाया बना लिया। मैगजीन के बाद फिर टेलीविजन का रुख किया और इसी साल दोबारा ज़ी मीडिया से जुड़ गया। यहां साढ़े 3 सालों तक काम करने के बाद मैंने डिजिटल मीडिया में कदम रखने की ठान ली। रिपब्लिक भारत की लॉन्चिंग से पहले मुझे इसकी वेबसाइट से जुड़ने का मौका मिला। रिपब्लिक से जुड़ने के साथ ही मैंने दिल्ली छोड़कर मुंबई का रुख कर लिया। समंदर किनारे बसे इस शहर में मैंने डिजिटल पत्रकारिता के गुर को सीखा। इस संस्थान में मुझे रिपोर्टर के तौर पर मौका दिया था। कुछ ही महीने बाद मैं वापस दिल्ली आ गया और मैंने न्यूज़ वर्ल्ड इंडिया में एसोसिएट प्रोड्यूसर और रिपोर्टर की भूमिका में काम किया। चंद महीने बाद ही ज़ी मीडिया समूह के डिजिटल प्लेटफॉर्म पर काम करने का अवसर मिला। ज़ी हिन्दुस्तान के लिए मैंने स्पेशल खबरों पर काम किया और इस समूह का पहला डिजिटल रिपोर्टर बन गया। इसके बाद मुझे वीडियो सेक्शन का हेड बना दिया गया। मैंने चुनावी कवरेज की, ग्राउंड रिपोर्टिंग की और साथ ही साथ वीडियो सेक्शन को नए शिखर पर पहुंचाने की कोशिश की। मैं कविताएं और किस्से-कहानियां भी लिखता रहता हूं। पढ़ाई के दौरान ही मैंने दो किताबें भी लिखी, एक नॉवेल और दूसरी पोएट्री बुक। पत्रकारिता में रहते हुए मैंने कई "स्टिंग ऑपरेशन" भी किए। मेरे सफर को और भी खूबसूरत बनाने के लिए टाइम्स समूह ने मुझे मौका दिया। मैं जुलाई, 2023 में इस संस्थान से जुड़ा और मुझे मेन डेस्क पर खबरों से दो-चार होते रहने की जिम्मेदारी सौंपी गई। राजनीतिक विश्लेषण के साथ विस्तार से खबरों को परोसता हूं और अपने पाठकों को कुछ नया देने का प्रयास करता हूं।

और पढ़ें
End of Article