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Exclusive:सामने आई कांग्रेस की नई सोशल मीडिया स्ट्रैटजी, फेक न्यूज नहीं मुद्दों पर देगी BJP को मात

  • Authored by: गौरव श्रीवास्तव
  • Updated Jul 14, 2023, 06:28 AM IST

Congress Party on Social Media:चुनावी राजनीति का फलसफा यही होता है कि किस तरह से सत्ता पर काबिज हुआ जाए। सत्ता पर काबिज होने के क्रम में मतदाताओं के दिलों में उतरना पड़ता है और उसके लिए तरह तरह की नीति-रणनीति बनती है। आज जब भारत युवाओं का देश कहा जाता है तो सोशल मीडिया के महत्व को समझा जा सकता है। सोशल मीडिया का इस्तेमाल धारदार अंदाज में बीजेपी पहले से ही कर रही है। अब ग्रैंड ओल्डमैन पार्टी यानी कांग्रेस ने भी सोशल मीडिया के जरिए बीजेपी को चुनौती देने का फैसला किया है।

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सोशल मीडिया के जरिए बीजेपी का जवाब देगी कांग्रेस

Congress Party on Social Media: देर आए दुरुस्त आए की तर्ज पर कांग्रेस अब सोशल मीडिया को लेकर बड़ा प्लान कर रही है। चुनावी राजनीति में वोटर्स पर सोशल मीडिया के असर को समझते हुए कांग्रेस की नई रणनीति सामने आई है। कांग्रेस के प्लान का अंदाजा इसी बात से लगा सकते हैं देश भर में बूथ लेवल तक सोशल मीडिया का संगठन होगा।सोशल मीडिया को लेकर कांग्रेस इस कदर गंभीर है कि खुद कांग्रेस के संगठन महासचिव केसी वेणुगोपाल ने इसको लेकर बैठक की। इस बैठक में कम्युनिकेशन, मीडिया और सोशल मीडिया की तिकड़ी जयराम रमेश, पवन खेड़ा और सुप्रिया श्रीनेत भी मौजूद रहीं। साथ ही पांचों चुनावी राज्यों के प्रभारी, मीडिया और सोशल मीडिया प्रमुख भी बुलाये गए। तीन घण्टे तक चली बैठक में सभी ने अपना अपना रोडमैप बताया।

2023 में अब तक 5 महीने बीजेपी पर बनाई बढ़त

सूत्रों के मुताबिक कांग्रेस के सोशल मीडिया विभाग ने बैठक में कुछ उत्साहजनक आंकड़े रखे। जिसके मुताबिक इस साल जनवरी से जून तक के 6 महीने में कांग्रेस ने ट्विटर, फेसबुक और खासकर यूट्यूब पर बीजेपी पर 5 महीने तक बढ़त बनाई वहीं कांग्रेस सिर्फ अप्रैल में पिछड़ी।आम लोगों से मिल रहे इस फीडबैक पर कांग्रेस की सोशल मीडिया इंचार्ज सुप्रीम श्रीनेत ने कहा, 'हम बीजेपी तरह बाइट कांट-छांट करके फेक न्यूज़ नहीं फैला रहे। बल्कि इसके बजाय महंगाई, बेरोजगारी, मणिपुर हिंसा और आम जनता के सरोकार वाले मुद्दे जोर शोर से उठा रहे हैं। यही वजह है कि जनता कांग्रेस के साथ जुड़ रही है।'

स्थानीय मुद्दों और भ्रष्टाचार पर फोकस करेगी कांग्रेस

सूत्रों के हवाले से टाइम्स नाउ नवभारत को कांग्रेस की सोशल मीडिया प्लानिंग की जो जानकारी मिली है उसके मुताबिक

  • आने वाले पांच राज्यों के विधानसभा चुनाव में सेंट्रल और स्टेट लीडरशिप के बीच बेहतर तालमेल बनाने के लिए एक टीम गठित की जाएगी। इसका मकसद ये होगा कि कांग्रेस का सोशल मीडिया पर प्रचार धारदार हो और मुद्दों को लेकर एकरूपता रहे।
  • राष्ट्रीय स्तर के मुद्दों पर प्रदेश संगठन पार्टी के केंद्रीय विभाग को फॉलो करेंगे। लेकिन राज्यों के लिए मुद्दे एक समन्वय समिति चर्चा करेगी तय करेगी। चुनावी राज्य की स्थानीय भाषा, संस्कृति और परंपराओं को प्राथमिकता दी जाएगी।
  • कई मौकों पर वैचारिक मतभेद को लेकर कांग्रेस मुश्किल में पड़ जाती है। लेकिन अब ऐसा नहीं होगा। अगर किसी भी जगह पार्टी लाइन से हटकर पोस्ट या ट्वीट होगा तो उसकी जवाबदेही प्रभारी की होगी।
  • कर्नाटक में असरदार रहे 40 परसेंट कमीशन सरकारा या पेसीएमकी तर्ज पर राज्यों के मुख्यमंत्रियों को घेरा जाएगा, जिसकी झलक मध्य प्रदेश के चुनाव में देखने को मिल रही। इसके अलावा कांग्रेस की सरकार आने पर किन 5 गारंटी पर सबसे पहले काम करेगी इसका भी खाका तैयार होगा।

व्हाट्स एप को लेकर आक्रामक होगी कांग्रेस

इस वक्त सबसे पॉपुलर सोशल मीडिया एप इंस्टाग्राम पर बीजेपी से थोड़ी ही पीछे है। हालांकि सूत्रों के मुताबिक पार्टी को उम्मीद है कि जमीनी मुद्दों और राहुल गांधी की बढ़ती लोकप्रियता के सहारे इस खाई को पाट लेगी। लेकिन कांग्रेस का सबसे बड़ा सिरदर्द मैसेंजर एप व्हाट्सएप है, जिसमें वो बीजेपी के सामने कही नहीं टिकती है। इसके लिए पार्टी ने सिर्फ व्हाट्सएप लिए ही जोनल प्रमुख से लेकर बूथ स्तर तक सोशल मीडिया का अलग संगठन खड़ा करने का फैसला किया है, जिसकी शुरुआत 5 चुनावी राज्यों से वो करेगी।

गौरव श्रीवास्तव
गौरव श्रीवास्तवauthor

टीवी न्यूज रिपोर्टिंग में 10 साल पत्रकारिता का अनुभव है। फिलहाल सुप्रीम कोर्ट से लेकर कानूनी दांव पेंच से जुड़ी हर खबर आपको इस जगह मिलेगी। साथ ही चुनाव आयोग, विपक्ष के राजनीतिक घटनाक्रम से लेकर हर जनहित मुद्दे पर मेरी नजर रहती है।

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