Trump Tariff on India: कांग्रेस सांसद शशि थरूर ने गुरुवार को अमेरिकी राष्ट्रपति डोनाल्ड ट्रंप को आईना दिखाया और कहा कि अमेरिका खुद रूस से यूरेनियम, पैलिडियम जैसी कई चीजें खरीदता है। दुर्भाग्य से इसमें एक तरह का दोहरा मापदंड शामिल है। साथ ही उन्होंने ट्रंप के 50 फीसदी टैरिफ को भारत के लिए झटका बताया।
शशि थरूर ने क्या कुछ कहा?
समाचार एजेंसी एएनआई के साथ बातचीत में शशि थरूर ने ट्रंप टैरिफ को लेकर कहा कि मुझे नहीं लगता कि यह हमारे लिए कोई खास अच्छी खबर है। अगर कुल टैरिफ 50 फीसदी हो जाता है तो इससे अमेरिका में बहुत से लोगों के लिए हमारे सामान पहुंच से बाहर हो जाएंगे, खासकर जब आप इन प्रतिशतों को देखते हैं तो आपको इनकी तुलना हमारे कुछ प्रतिस्पर्धियों पर लगाए जा रहे टैरिफ से करनी होगी।
उन्होंने कहा कि मुझे डर है कि अगर आप वियतनाम, इंडोनेशिया, फिलीपींस, बांग्लादेश और पाकिस्तान जैसे देशों को देखें तो उन पर हमसे कम टैरिफ है तो अंतत: लोग अमेरिका में हमसे सामान नहीं खरीदेंगे, अगर उन्हें कहीं और सस्ता सामान मिल सकता है। इसलिए यह अमेरिका को हमारे निर्यात के लिए बहुत अच्छा नहीं है। इसका मतलब है कि हमें गंभीरता से उन देशों और बाजारों में विविधता लाने की जरूरत है जो हमारी पेशकश में रुचि रखते हों। अब हमारा ब्रिटेन के साथ एक मुक्त व्यापार समझौत है। हम यूरोपीय यूनियन के साथ बात कर रहे हैं। ऐसे कई देश हैं जहां हम उम्मीद करते हैं कि हम ऐसा कर पाएंगे, लेकिन अल्पावधि में निश्चित रूप से यह एक झटका है...
दोहरा मापदंड अपना रहे ट्रंप
उन्होंने कहा कि अमेरिका खुद रूस से यूरेनियम, पैलिडियम जैसी कई चीजें खरीदता है। दुर्भाग्य से इसमें एक तरह का दोहरा मापदंड शामिल है। उन्होंने चीन को 90 दिनों की मोहलत दी, लेकिन चीन हमसे कहीं ज्यादा रूसी तेल आयात कर रहा है। तो साफ है कि यह उस देश की ओर से कोई खास दोस्ताना व्यवहार नहीं है जिसके बारे में हमने सोचा था कि वह हमारे प्रति अच्छा रुख रखता है...
थरूर की मोदी सरकार को नसीहत
शशि थरूर ने कहा कि हमें इस अनुभव से सबक सीखने होगा। मुझे लगता है कि अब भारत के भीतर भी अमेरिकी निर्यात पर समान पारस्परिक टैरिफ लगाने का कुछ दबाव होने की संभावना है। इसलिए मुझे लगता है कि हमें इन परिस्थितियों में अन्य व्यापारिक साझेदारों पर भी ज्यादा ध्यान देने की जरूरत है।
