Rahul Gandhi: कांग्रेस नेता व सांसद राहुल गांधी के एक लेख पर बवाल मचा हुआ है। उन्होंने इस लेख में दावा किया था कि ईस्ट इंडिया कंपनी भले ही सैकड़ों साल पहले खत्म हो गई हो, लेकिन उसने जो डर पैदा किया था, वह आज फिर से दिखाई देने लगा है और एकाधिकारवादियों की एक नयी पीढ़ी ने उसकी जगह ले ली है। अब राहुल गांधी ने नया दावा किया है। उन्होंने कहा है कि नियम-कायदे के अनुसार काम करने वाले कुछ कारोबारी समूहों को केंद्र सरकार के एक वरिष्ठ मंत्री, प्रधानमंत्री नरेन्द्र मोदी और उनकी सरकार के कार्यक्रमों की तारीफ करने के लिए मजबूर कर रहे हैं।
राहुल गांधी ने 'एक्स' पर एक पोस्ट में लिखा, 'मेरे लेख के बाद, नियम-कायदे से चलने वाले व्यवसायिक समूहों ने मुझे बताया कि एक वरिष्ठ मंत्री फोन कर रहे हैं और उन्हें प्रधानमंत्री मोदी और सरकार के कार्यक्रमों के बारे में सोशल मीडिया पर अच्छी बातें कहने के लिए मजबूर कर रहे हैं। राहुल गांधी ने कहा कि इससे उनकी बात बिल्कुल सही साबित होती है।
'व्यवसायों के नहीं, एकाधिकार के खिलाफ'
इससे पहले एक अन्य पोस्ट में राहुल गांधी ने कहा कि वह व्यवसायों के नहीं, बल्कि एकाधिकार के खिलाफ हैं। बता दें, भाजपा ने प्रधानमंत्री नरेन्द्र मोदी के खिलाफ बेबुनियाद आरोप लगाने के लिए बुधवार को राहुल गांधी की आलोचना की थी और उनसे किसी निष्कर्ष पर पहुंचने से पहले तथ्यों की जांच करने की सलाह दी थी। राहुल गांधी ने वीडियो जारी कर कहा, भाजपा के लोगों द्वारा मुझे व्यवसाय विरोधी बताने का प्रयास किया जा रहा है। लेकिन मैं व्यवसाय विरोधी नहीं हूं, बल्कि एकाधिकार के खिलाफ हूं।
'नौकरियों के सृजन का समर्थन हूं'
राहुल गांधी ने कहा, वह एक, दो, तीन या पांच लोगों द्वारा उद्योग जगत में एकाधिकार स्थापित करने के खिलाफ हैं। उन्होंने कहा, मैंने अपने करियर की शुरुआत प्रबंधक सलाहकार के रूप में की। मैं कारोबार की सफलता के लिए जरूरी चीजों को समझता हूं। इसलिए स्पष्ट रूप से कहना चाहता हूं कि मैं व्यवसाय विरोधी नहीं हूं, एकाधिकार विरोधी हूं। मैं नौकरियों के सृजन का समर्थक हूं, व्यवसाय का समर्थक हूं, नवोन्मेष का समर्थक हूं, प्रतिस्पर्धा का समर्थक हूं। मैं एकाधिकार विरोधी हूं। हमारी अर्थव्यवस्था तभी फूलेगी-फलेगी जब सभी व्यवसायों के लिए स्वतंत्र और निष्पक्ष स्थान होगा।
