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गोवा कला अकादमी में IFFI आयोजित करने के फैसले पर विपक्ष और कलाकारों ने किए सीएम सावंत से सवाल, सरकार पर साधा निशाना

Goa News: गोवा कांग्रेस के नेता गिरीश चोडणकर ने कला अकादमी के रिनोवेशन में भ्रष्टाचार का आरोप लगाते हुए प्रमोद सावंत के नेतृत्व वाली सरकार पर निशाना साधा। चोडणकर ने कहा कि कला एवं संस्कृति मंत्री से ज्यादा, पीडब्ल्यूडी मंत्री के लिए कला अकादमी के स्ट्रक्चर का उचित ऑडिट करना जरूरी है।

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गोवा कला अकादमी को लेकर विपक्ष ने सीएम सावंत से पूछे सवाल

Photo : टाइम्स नाउ डिजिटल

Goa News: गोवा के कला एवं संस्कृति मंत्री गोविंद गौड़े ने गुरुवार को कहा कि इस साल भारत का अंतरराष्ट्रीय फिल्म महोत्सव हाल ही में पुनर्निर्मित कला अकादमी परिसर में आयोजित किया जाएगा, जिसके बाद विपक्षी कांग्रेस पार्टी और कलाकार संघ ने सीएम प्रमोद सावंत सरकार पर निशाना साधा है। गौड़े ने यह भी पुष्टि की थी कि केंद्रीय सूचना एवं प्रसारण सचिव संजय जाजू के नेतृत्व में एक टीम ने आगामी फिल्म महोत्सव की तैयारियों के तहत कला अकादमी के परिसर का दौरा किया था।

विपक्ष ने गोवा सरकार पर साधा निशाना

गोवा कांग्रेस के नेता गिरीश चोडणकर ने कला अकादमी के रिनोवेशन में भ्रष्टाचार का आरोप लगाते हुए प्रमोद सावंत के नेतृत्व वाली सरकार पर निशाना साधा। चोडणकर ने कहा कि कला एवं संस्कृति मंत्री से ज्यादा, पीडब्ल्यूडी मंत्री के लिए कला अकादमी के स्ट्रक्चर का उचित ऑडिट करना जरूरी है। दुर्भाग्य से, इस सरकार में भ्रष्टाचार का स्तर बहुत अधिक है और जवाबदेही भी कम है।

कांग्रेस नेता ने कहा कि मुख्यमंत्री, जिनके पास पीडब्ल्यूडी विभाग भी है, को सार्वजनिक रूप से इन विषयों को संबोधित करना चाहिए और इमारत की सुरक्षा सुनिश्चित करने के लिए लागू किए जा रहे उपायों की रूपरेखा तैयार करनी चाहिए। गोवा की प्रसिद्ध कला अकादमी के रिनोवेशन की हाल ही में आलोचना की गई थी, क्योंकि छतों से गंभीर रिसाव देखा गया था और बाद में अकादमी में सीटों के नीचे से एक सांप भी बरामद किया गया था।

ऑडिटोरियम पूरी तरह से अव्यवस्थित

गोवा कला राखोन मंड के कोषाध्यक्ष फ्रांसिस कोएल्हो ने आंशिक रूप से फिर से खुलने के बाद अकादमी की असंतोषजनक स्थिति पर प्रकाश डाला। कोएल्हो ने कहा कि साढ़े तीन साल के इंतजार के बाद, उन्होंने सिर्फ ऑडिटोरियम खोला और हमें एहसास हुआ कि यह पूरी तरह से अव्यवस्थित है। साउंड सिस्टम, लाइट, एयर कंडीशनिंग कुछ भी ठीक नहीं है।

इससे पहले इस संस्था ने कला अकादमी के रिनोवेशन की समय सीमा, ठेकेदार और लागत से जुड़ी पूरी जानकारी का खुलासा करने के लिए एक श्वेत पत्र की मांग की थी। कोएल्हो ने कहा था कि हमें अब प्रमोद सावंत और उनकी सरकार पर इन मुद्दों को सुलझाने का भरोसा नहीं रहा है। हमने जनता का विश्वास बहाल करने के लिए और जांच समिति का नेतृत्व करने के लिए सेवानिवृत्त न्यायाधीश जैसे गैर-सरकारी व्यक्ति की मांग की है।

कोएल्हो ने अकादमी के रिस्टोरेशन प्रक्रिया में कलाकार समुदाय के साथ परामर्श ना किए जाने पर भी जोर दिया, जिसने खराब परिणाम में योगदान दिया है। उन्होंने कहा कि 2004 से, सरकार ने कला अकादमी परिसर को बहाल करने या अपग्रेड करने के दौरान कलाकारों को ध्यान में नहीं रखा। हम एक श्वेत पत्र की मांग करते हैं ताकि यह समझा जा सके कि प्राथमिक हितधारकों को शामिल किए बिना इस विषय में कैसे निर्णय लिए गए। ऐसे में ये देखना होगा कि आखिर गोवा सरकार विपक्ष के इन सवालों का कब तक जवाब देती है।

Shashank Shekhar Mishra
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शशांक शेखर मिश्रा टाइम्स नाउ नवभारत डिजिटल (www.timesnowhindi.com) में बतौर कॉपी एडिटर काम कर रहे हैं। इन्हें पत्रकारिता में करीब 5 वर्षों का अनुभव है। इन पांच सालों में देश की राजनीति से लेकर देश-दुनिया में बनते-बिगड़ते सत्ता समीकरणों एवं घटनाओं को कवर करने का अनुभव है। राजनीति, रक्षा और आटोमोबाइल्स की खबरों में विशेष रूचि के साथ खोजी पत्रकारिता और स्टिंग ऑपरेशन का भी अनुभव है। टाइम्स नाउ नवभारत में देश-दुनिया की खबरों के साथ रियल टाइम डेस्क पर कार्य करने का अनुभव है। शशांक ने इन 5 वर्षों के पत्रकारिता के कैरियर के दौरान टेलीविजन और डिजिटल मीडिया में कार्य करने का अनुभव हासिल किया है। टाइम्स नाउ नवभारत में बतौर कॉपी एडिटर जुड़ने से पहले जागरण न्यू मीडिया, इनशार्ट्स, जी हिंदुस्तान और न्यूज हेल्पलाइन में सब एडिटर, रिपोर्टर और असिस्टेंट प्रोड्यूसर के तौर पर काम कर चुके हैं। पढ़ाई-लिखाई की बात करें तो लखनऊ विश्वविद्यालय से राजनीति विज्ञान में पोस्ट ग्रेजुएशन किया है। इसके बाद एशियन एकेडमी ऑफ फिल्म एंड टेलीविजन से पोस्ट ग्रेजुएशन डिप्लोमा इन मास कम्युनिकेशन एंड टीवी जर्नलिज्म किया हैं। शशांक को जिम जाना, एडवेंचर एक्टिविटी करना और नई तकनीक को जानना और समझना बेहद पसंद है। इसके अलावा शशांक को ड्राइव करना और अध्यात्म में भी काफी रुचि हैं। शशांक शेखर मिश्रा उत्तर प्रदेश की राजधानी और नवाबों के शहर के रूप में फेमस लखनऊ से ताल्लुक रखते हैं।

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