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CM योगी ने महाकुंभ व्यवस्थाओं को लेकर सपा पर साधा निशाना, संवैधानिक मूल्यों के अनादर लगाया आरोप

सीएम आदित्यनाथ ने कहा कि कुंभ में सद्भावना के साथ आने वालों का हमेशा स्वागत है, लेकिन किसी भी दुर्भावनापूर्ण इरादे को बर्दाश्त नहीं किया जाएगा। आपने (विपक्ष ने) महाकुंभ के बारे में जो कहा, एक जाति विशेष के व्यक्ति को महाकुंभ में प्रवेश करने से रोका गया, हमने कहा था कि जो लोग सद्भावना से जाते हैं, वे जा सकते हैं लेकिन अगर कोई दुर्भावना से जाता है, तो वे परेशानी में पड़ जाएंगे।

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सीएम योगी ने सपा पर साधा निशाना

Photo : ANI

उत्तर प्रदेश के मुख्यमंत्री योगी आदित्यनाथ ने महाकुंभ की व्यवस्थाओं का जोरदार बचाव करते हुए समाजवादी पार्टी (SP) की 2013 में कुंभ मेले के संचालन और मोहम्मद आजम खान को कुंभ मेला प्रभारी नियुक्त करने के लिए आलोचना की। राज्य विधानसभा को संबोधित करते हुए आदित्यनाथ ने जोर देकर कहा कि कुंभ में सद्भावना के साथ आने वालों का हमेशा स्वागत है, लेकिन किसी भी दुर्भावनापूर्ण इरादे को बर्दाश्त नहीं किया जाएगा। आपने (विपक्ष ने) महाकुंभ के बारे में जो कहा, एक जाति विशेष के व्यक्ति को महाकुंभ में प्रवेश करने से रोका गया, हमने कहा था कि जो लोग सद्भावना से जाते हैं, वे जा सकते हैं लेकिन अगर कोई दुर्भावना से जाता है, तो वे परेशानी में पड़ जाएंगे...। सीएम ने समाजवादी पार्टी पर भी कटाक्ष करते हुए कहा कि हमने लोगों की धार्मिक भावनाओं के साथ खिलवाड़ नहीं किया, समाजवादी पार्टी की तरह, उनके सीएम के पास कुंभ की निगरानी करने और इसकी व्यवस्था देखने का समय नहीं था और इसलिए उन्होंने एक गैर-सनातनी को कुंभ का प्रभारी बना दिया...। चल रहे महाकुंभ के पैमाने पर प्रकाश डालते हुए आदित्यनाथ ने कहा कि अगर महाकुंभ में विश्व स्तरीय सुविधाएं नहीं होतीं , तो अब तक 63 करोड़ श्रद्धालु इसमें शामिल नहीं होते... 26 फरवरी को शिवरात्रि है, मुझे लगता है कि जिस तरह से देश और दुनिया महाकुंभ की ओर आकर्षित हो रही है , हम 65 करोड़ को पार कर जाएंगे...।

सीएम योगी ने विपक्ष पर लगाया गंंभीर आरोप

इसके अलावा सीएम योगी ने विपक्ष पर संवैधानिक मूल्यों का अनादर करने का आरोप लगाया। उन्होंने राज्यपाल के अभिभाषण के दौरान सपा नेताओं के व्यवहार की आलोचना की और लोकतांत्रिक सिद्धांतों के प्रति उनकी प्रतिबद्धता पर सवाल उठाया। उन्होंने सवाल किया कि आप (विपक्ष) लोग संविधान की किताब लेकर घूमते रहते हैं, लेकिन संवैधानिक पदों पर बैठे कर्मियों के प्रति आपका क्या दृष्टिकोण है, इसका अंदाजा हम राज्यपाल के भाषण के दौरान आपके व्यवहार को देखकर लगा सकते हैं। जो शोरगुल और टिप्पणियां की जा रही थीं। राज्यपाल के प्रति व्यवहार, क्या वह संवैधानिक था? उन्होंने कहा कि अगर वह संवैधानिक था, तो असंवैधानिक क्या है?... समाजवादी पार्टी के सोशल मीडिया हैंडल से उनकी विचारधारा, संविधान के प्रति उनके विचार पता चलते हैं, इससे एक स्वस्थ समाज को शर्म आ सकती है...।

उत्तर प्रदेश विधानसभा के बजट सत्र के पांचवें दिन सोमवार को समाजवादी पार्टी (सपा) के विधायकों के विधानसभा में विरोध प्रदर्शन के कारण व्यवधान पैदा हुआ। उत्तर प्रदेश के उपमुख्यमंत्री ब्रजेश पाठक की मुलायम सिंह पर टिप्पणी के बाद समाजवादी पार्टी के विधायकों ने सदन में हंगामा किया। विधानसभा अध्यक्ष सतीश महाना ने हस्तक्षेप करते हुए प्रदर्शनकारी सपा विधायकों को विधानसभा से बाहर जाने का निर्देश दिया। उत्तर प्रदेश के उपमुख्यमंत्री ब्रजेश पाठक ने बिना किसी का नाम लिए एक टिप्पणी की जो किसी पर लक्षित प्रतीत होती है। मौजूदा बजट सत्र 20 फरवरी को शुरू हुआ और 5 मार्च तक चलेगा। 2025-2026 वित्तीय वर्ष के लिए वार्षिक बजट, जिसके 8 लाख करोड़ रुपये से अधिक होने की उम्मीद है।

Shashank Shekhar Mishra
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शशांक शेखर मिश्रा टाइम्स नाउ नवभारत डिजिटल (www.timesnowhindi.com) में बतौर कॉपी एडिटर काम कर रहे हैं। इन्हें पत्रकारिता में करीब 5 वर्षों का अनुभव है। इन पांच सालों में देश की राजनीति से लेकर देश-दुनिया में बनते-बिगड़ते सत्ता समीकरणों एवं घटनाओं को कवर करने का अनुभव है। राजनीति, रक्षा और आटोमोबाइल्स की खबरों में विशेष रूचि के साथ खोजी पत्रकारिता और स्टिंग ऑपरेशन का भी अनुभव है। टाइम्स नाउ नवभारत में देश-दुनिया की खबरों के साथ रियल टाइम डेस्क पर कार्य करने का अनुभव है। शशांक ने इन 5 वर्षों के पत्रकारिता के कैरियर के दौरान टेलीविजन और डिजिटल मीडिया में कार्य करने का अनुभव हासिल किया है। टाइम्स नाउ नवभारत में बतौर कॉपी एडिटर जुड़ने से पहले जागरण न्यू मीडिया, इनशार्ट्स, जी हिंदुस्तान और न्यूज हेल्पलाइन में सब एडिटर, रिपोर्टर और असिस्टेंट प्रोड्यूसर के तौर पर काम कर चुके हैं। पढ़ाई-लिखाई की बात करें तो लखनऊ विश्वविद्यालय से राजनीति विज्ञान में पोस्ट ग्रेजुएशन किया है। इसके बाद एशियन एकेडमी ऑफ फिल्म एंड टेलीविजन से पोस्ट ग्रेजुएशन डिप्लोमा इन मास कम्युनिकेशन एंड टीवी जर्नलिज्म किया हैं। शशांक को जिम जाना, एडवेंचर एक्टिविटी करना और नई तकनीक को जानना और समझना बेहद पसंद है। इसके अलावा शशांक को ड्राइव करना और अध्यात्म में भी काफी रुचि हैं। शशांक शेखर मिश्रा उत्तर प्रदेश की राजधानी और नवाबों के शहर के रूप में फेमस लखनऊ से ताल्लुक रखते हैं।

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