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Milkipur : CM योगी बोले-मोईद खान के भक्तों को नहीं, मिल्कीपुर से राष्ट्रवादियों को चुनाव जिताना है

Milkipur By-election 2025: मुख्यमंत्री योगी आदित्यनाथ ने मिल्कीपुर उपचुनाव में सपा को आड़े हाथ लेते हुए भाजपा प्रत्याशी चंद्रभानु पासवान के पक्ष में जनसभा को संबोधित किया। उन्होंने कहा कि हाल में हुए उपचुनाव में 9 में से 7 पर भाजपा ने जीत दर्ज की है। मिल्कीपुर को रिकॉर्ड तोड़ना है और राष्ट्रवादियों को चुनाव जिताना है।

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मिल्कीपुर में चुनाव प्रचार करने पहुंचे सीएम योगी आदित्यनाथ।

Milkipur By-election 2025: मुख्यमंत्री योगी आदित्यनाथ ने कहा कि समाजवादी पार्टी बाबा साहेब भीमराव आंबेडकर व अन्य महापुरुषों का विरोध करती है, लेकिन माफिया से प्यार करती है। यह लोग माफिया के मरने पर आंसू बहाते हैं और मर्शिया पढ़ने जाते हैं। उन्होंने कहा कि देख सपाई, बिटिया घबराई। दलित बेटी की इज्जत के साथ खिलवाड़ करने वाला मोईद खान सपा का हीरो होता है। बेटी की इज्जत के साथ खिलवाड़ करना ही सपा का वास्तविक चरित्र है। दुर्भाग्य से अयोध्या से बने सपा के सांसद मोईद खान को सिर पर लेकर ढोते हैं। उसकी पैरवी करते हैं, फोटो खिंचवाने में उन्हें गौरव होता है। सीएम ने अपील की कि मोईद खान के भक्तों को चुनाव नहीं जिताना है। इसे सिर आंखों पर बैठाने वाले लोग बेटियों की सुरक्षा में खतरा है। भदरसा का चेयरमैन दलितों की जमीन पर कब्जा करके बैठा था, लेकिन उसे बताया गया कि जबर्दस्ती यहां नहीं चलती है। यहां दलित-गरीब की सुनवाई होगी, माफिया-अपराधी की नहीं।

मुख्यमंत्री योगी आदित्यनाथ ने मिल्कीपुर उपचुनाव में सपा को आड़े हाथ लेते हुए भाजपा प्रत्याशी चंद्रभानु पासवान के पक्ष में जनसभा को संबोधित किया। उन्होंने कहा कि हाल में हुए उपचुनाव में 9 में से 7 पर भाजपा ने जीत दर्ज की है। मिल्कीपुर को रिकॉर्ड तोड़ना है और राष्ट्रवादियों को चुनाव जिताना है।

देश-विदेश के श्रद्धालुओं की सेवा का प्राप्त हो रहा अवसर

मुख्यमंत्री ने कहा कि मेरी पूरी कैबिनेट ने परसो (22 जनवरी) को प्रयागराज में मां गंगा, यमुना व सरस्वती की त्रिवेणी पर डुबकी लगाई। हम सौभाग्यशाली हैं कि देश-दुनिया से आने वाले श्रद्धालुओं की सेवा का अवसर प्राप्त हो रहा है। 10 दिन में प्रयागराज में 10 करोड़ श्रद्धालुओं ने त्रिवेणी में स्नान किया। 45 करोड़ से अधिक आबादी सिर्फ भारत और चीन की है, लेकिन प्रयागराज महाकुम्भ में 13 जनवरी से 26 फरवरी तक 45 करोड़ श्रद्धालुओं के आने की संभावना है। यहां बिना जाति, भेदभाव के लोग संगम में स्नान कर रहे हैं।

संपत्ति के चक्कर में पड़े हैं आज के समाजवादी

मुख्यमंत्री ने कहा कि महाकुम्भ का एक ही संदेश- एकता से ही अखंड से रहेगा यह देश, लेकिन जातिवाद-परिवारवाद एकता के मार्ग में सबसे बड़ी चुनौती और विकास में बाधा है। जातिवाद-परिवारवाद की राजनीति वे लोग कर रहे हैं, जिन्होंने केवल परिवार की चिंता की। जनता-जनार्दन, दलित-वंचित, पिछड़ी जाति के व्यक्ति का उत्थान नहीं किया। डॉ. लोहिया ने कहा था कि जो संपत्ति व संतति के चक्कर में जो पड़े, वह समाजवादी नहीं, लेकिन आज के समाजवादी संपत्ति के चक्कर में ही पड़े हैं। खाली प्लॉट पर कब्जा कर इनके झंडे लग जाते थे। सपा का झंडा अपराधियों व माफिया को बचाने के लिए था। इनकी सहानुभूति कभी गरीब, कमजोर के प्रति नहीं होती।

कारसेवकों के खून से सने हैं सपा के हाथ-योगी

मुख्यमंत्री ने कहा कि सपा अध्यक्ष व पूर्व मुख्यमंत्री महाकुम्भ के बारे में रोज दुष्प्रचार कर भारत की आस्था से खिलवाड़ करते हैं। 22 जनवरी 2024 को जब प्रभु रामलला अयोध्या में विराजमान हुए, समाजवादी पार्टी ने तब भी विरोध किया था। यह वही समाजवादी पार्टी है, जिसके हाथ कारसेवकों के खून से सने हैं। इन लोगों ने कारसेवकों के खून से सरयू मैया को लाल किया था। अयोध्या में राम मंदिर, एयरपोर्ट का नाम वाल्मीकि जी के नाम पर रखने, प्रयागराज महाकुम्भ, संत रविदास की जन्मभूमि सीर गोवर्धन, महर्षि वाल्मीकि की साधना स्थली लालापुर, संत तुलसीदास के राजापुर, लखनऊ के बिजली पासी के किले के सुंदरीकरण, बहराइच में महाराज सुहेलदेव के विजय स्मारक को भव्य रूप दिया गया, पीएसी की तीन महिला बटालियन वीरांगना उदा देवी, झलकारी बाई व अवंती बाई के नाम पर गठन की कार्रवाई को बढ़ाया गया तो सपा ने इसका विरोध किया। सपा ने दंगाइयों की काल यूपीपीएसी की 54 कंपनियों को समाप्त कर दिया।

Alok Rao
आलोक कुमार रावauthor

19 वर्षों से मीडिया जगत में सक्रिय आलोक राव ने प्रिंट, न्यूज एजेंसी, टीवी और डिजिटल चारों ही माध्यमों में काम किया है। इस लंबे अनुभव ने उन्हें समाचारों की समझ, प्रेजेंटेशन, डिटेलिंग और न्यूजरूम डायनेमिक्स में असाधारण दक्षता प्रदान की है। राष्ट्रीय एवं अंतरराष्ट्रीय घटनाक्रमों में विशेष रुचि रखने के साथ-साथ जियो-पॉलिटिक्स एवं डिफेंस की स्टोरीज में इनकी खासी दिलचस्पी है। आलोक ने अलग-अलग माध्यमों में काम करते हुए समाचारों की समझ, प्रस्तुति और विश्लेषण में मजबूत दक्षता विकसित की है और अब तक 25,000 से अधिक आर्टिकल तैयार कर चुके हैं। तथ्यों की गहन जांच, मजबूत न्यूज सेंस और तेज निर्णय क्षमता उनकी पत्रकारिता की प्रमुख खासियतें हैं।

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