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908 वोटर में से 907 कटे, सिर्फ 1 बचा! SIR को लेकर EC पर भड़की CJP, सौरव दास का आरोप-वोट काटने का चल रहा खेल

CJP के सौरव दास ने दिल्ली के बेला एस्टेट में SIR के तहत वोटरों के नाम हटाए जाने का मुद्दा उठाते हुए कहा है- 'ज्ञानेश कुमार एक पार्टी के लिए काम कर रहे हैं'

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'कॉकरोच जनता पार्टी' के सह-संयोजक सौरव दास

'कॉकरोच जनता पार्टी' के सह-संयोजक सौरव दास ने X पर पोस्ट करके दिल्ली में SIR (स्पेशल इंटेंसिव रिविजन) के तहत वोटरों के नाम हटाए जाने को लेकर मुख्य चुनाव आयुक्त ज्ञानेश कुमार पर सवाल उठाए। सौरव दास ने दिल्ली के चांदनी चौक निर्वाचन क्षेत्र में आने वाले बेला एस्टेट के नागरिकों से बात करते हुए अपना एक वीडियो पोस्ट किया।

वोटर लिस्ट में बदलाव के बाद यहां 909 योग्य वोटरों में से 908 के नाम हटा दिए गए थे। दास ने अपनी पोस्ट में आरोप लगाया कि यह मामला 'पूरे देश में ज्ञानेश कुमार द्वारा किए गए कामों का बस एक छोटा सा उदाहरण है।'

उन्होंने यह भी दावा किया कि मुख्य चुनाव आयुक्त (CEC) ऐसा एक राजनीतिक पार्टी के फायदे के लिए कर रहे हैं। दास ने भारत भर में वोटर लिस्ट से 13 करोड़ से ज़्यादा वोटरों के नाम हटाए जाने की ओर इशारा किया और आरोप लगाया कि यह 'दुनिया में वोटिंग का अधिकार छीनने की सबसे बड़ी कार्रवाई' थी। उन्होंने दावा किया कि यह प्रधानमंत्री नरेंद्र मोदी और गृह मंत्री अमित शाह के कहने पर किया गया था।

कांग्रेस सांसद और विपक्ष के नेता (LoP) राहुल गांधी ने भी 'वोट चोरी' के अपने आरोपों के तहत इसी मामले का जिक्र किया था। राहुल ने आरोप लगाया था कि स्पेशल इंटेंसिव रिविजन के बाद बेला एस्टेट में ड्राफ़्ट वोटर लिस्ट में सिर्फ़ एक वोटर का नाम बचा था।

X पर एक पोस्ट में उन्होंने लिखा था, 'ये लोग दशकों से यहां रह रहे हैं। उन्होंने 2024 के लोकसभा चुनाव और 2025 के दिल्ली चुनाव में वोट भी दिया है। 2023 में उनके घर तोड़ दिए गए थे-लेकिन वे कहीं नहीं गए, वे अभी भी यहीं हैं।' राहुल गांधी द्वारा बेला एस्टेट के दावों को उठाने के बाद चुनाव आयोग ने एक बयान जारी किया।

दावे और आपत्तियां दाखिल करने की समय-सीमा 30 अक्टूबर तक बढ़ा दी

चुनाव आयोग ने कहा कि संबंधित ERO (चुनाव पंजीकरण अधिकारी) ने पहले भी इस मामले पर कार्रवाई की है। इसमें कहा गया है, 'भारत निर्वाचन आयोग ने दिल्ली (NCT) के लिए दावे और आपत्तियां दाखिल करने की समय-सीमा 30 अक्टूबर तक बढ़ा दी है। अगर किसी पात्र मतदाता का नाम ड्राफ्ट वोटर लिस्ट में नहीं है, तो वह घोषणा-पत्र और सहायक दस्तावेजों के साथ फॉर्म-6 भरकर खुद को नए मतदाता के तौर पर रजिस्टर करवा सकता है।'

Ravi Vaish
रवि वैश्यauthor

रवि वैश्य टाइम्स नाउ नवभारत डिजिटल के न्यूज डेस्क पर कार्यरत एक सीनियर जर्नलिस्ट हैं, जिन्हें पत्रकारिता में 20 वर्षों का व्यापक अनुभव हासिल है। खबरों की बारीकियों को समझने और तेजी से प्रस्तुत करने में उनकी विशेष दक्षता है। टीवी पत्रकारिता में रिपोर्टिंग और डेस्क—दोनों क्षेत्रों में अनुभव होने के कारण वे समाचारों को बहुआयामी दृष्टिकोण से देखते हैं। देश–दुनिया की ताजातरीन अपडेट्स, ब्रेकिंग न्यूज, एक्सप्लेनर और विशेष स्टोरीज तैयार करने में वे सिद्धहस्त हैं। उनकी प्राथमिकता हमेशा यही रही है कि हर खबर तेज, सटीक और जानकारीपूर्ण रूप में पाठकों तक पहुंचे। रवि वैश्य अब तक 22,000 से अधिक खबरें लिख चुके हैं, जिनमें कई एक्सक्लूसिव रिपोर्ट्स, इंटरव्यू, ग्राउंड रिपोर्ट्स, विश्लेषण और एक्सप्लेनर शामिल हैं।

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