Kolkata Rape Murder Case: कोलकाता कांड को लेकर सुप्रीम कोर्ट के आदेश के बाद अब सीआईएसएफ की टीम आरजी कर कॉलेज-हॉस्पिटल की सुरक्षा व्यवस्था संभालेगी। हॉस्पिटल की सुरक्षा को लेकर गृह मंत्रालय ने पश्चिम बंगाल के मुख्य सचिव को पत्र लिखा है और कहा है कि अस्पताल परिसर में सीआईएसएफ की तैनाती की जाएगी। गृह मंत्रालय द्वारा पश्चिम बंगाल के मुख्य सचिव को लिखी गई चिट्ठी के मुताबिक, सुप्रीम कोर्ट के आदेश के तहत अस्पताल परिसर में यह तैनाती होनी चाहिए।
CISF की टीम पहुंची हॉस्पिटल
गृह मंत्रालय ने सुप्रीम कोर्ट के आदेश के पालन के लिए आईजी सीआईएसएफ कोलकाता सेक्टर शिखर सहाय को नोडल अधिकारी नियुक्त किया है। बता दें कि सुप्रीम कोर्ट आदेश के बाद सीआईएसएफ की टीम ने आज कोलकाता पुलिस के साथ आरजी कर हॉस्पिटल का दौरा किया है। गृह मंत्रालय के सूत्रों के मुताबिक, जल्द ही पूरी तरह से अस्पताल परिसर की सुरक्षा सीआईएसएफ संभालेगी।
इससे पहले सुप्रीम कोर्ट द्वारा सीआईएसएफ की तैनाती के आदेश दिए जाने के एक दिन बाद, बुधवार को केंद्रीय अर्धसैनिक बल की एक टीम ने अस्पताल का दौरा किया और सुरक्षा व्यवस्था का जायजा लिया। अधिकारी ने बताया कि एक वरिष्ठ अधिकारी के नेतृत्व में सीआईएसएफ की टीम सुबह अस्पताल पहुंची। उन्होंने स्थानीय पुलिस और अस्पताल के अधिकारियों से सुरक्षा व्यवस्था के बारे में वार्ता की।
महिला डॉक्टर के साथ रेप और हत्या
बता दें कि आर जी कर मेडिकल कॉलेज एवं अस्पताल के सेमिनार कक्ष में नौ अगस्त को ड्यूटी के दौरान एक ट्रेनी महिला डॉक्टर का शव मिला था। उसके साथ दुष्कर्म किया गया और फिर उसकी हत्या कर दी गई। इस घटना से पूरे देश में रोष फैल गया। अगले दिन इस मामले में एक नागरिक स्वयंसेवक को गिरफ्तार किया गया।
अस्पताल परिसर में भीड़ ने बोला धावा
इस घटना के बाद आर जी कर मेडिकल कॉलेज एवं अस्पताल में 15 अगस्त की सुबह भीड़ ने प्रवेश कर आपातकालीन विभाग, नर्सिंग स्टेशन और दवा स्टोर में तोड़फोड़ की तथा सीसीटीवी कैमरों को भी नुकसान पहुंचाया। इस पर सुप्रीम कोर्ट ने मंगलवार को आर जी कर मेडिकल कॉलेज एवं अस्पताल में चिकित्सकों के कार्य पर लौटने के लिए सीआईएसएफ की तैनाती का आदेश दिया।
सुप्रीम कोर्ट ने दिए आदेश
सुप्रीम कोर्ट ने कहा कि इस क्रूर घटना और इसके विरोध में हुए प्रदर्शनों के बाद राज्य सरकार से यह अपेक्षा की गई थी कि वह कानून और व्यवस्था का उल्लंघन रोकने के लिए राज्य मशीनरी की तैनाती सुनिश्चित करेगी। शीर्ष अदालत ने कहा कि यह कदम बहुत जरूरी है, क्योंकि अस्पताल परिसर में हुए अपराध की जांच की जा रही है। हम यह नहीं समझ पा रहे हैं कि राज्य सरकार अस्पताल परिसर में तोड़फोड़ की घटना से निपटने के लिए कैसे तैयार नहीं थी।
