देश

CISF Raising Day: जब बगावत पर उतारू थे सीआईएसएफ के जवान, बोले थे- वर्दी-वर्दी, भाई-भाई...लेकर रहेंगे पाई-पाई; पढ़ें- पूरा किस्सा

  • Produced by: अभिषेक गुप्ता
  • Updated Mar 10, 2023, 06:57 AM IST

CISF Raising Day 2023, CISF Raising Day Poster, CISF Story and CISF Full Form in Hindi: दरअसल, सीआईएसएफ केवल तीन बटालियनों की संख्या के साथ कुछ संवेदनशील सार्वजनिक क्षेत्र के उपक्रमों को समेकित सुरक्षा कवर मुहैया कराने के लिए 1969 में अस्तित्व में आया था। तब से यह बल, प्रमुख बहु-कुशल संगठन के रूप में विकसित हुआ। फिलहाल यह बल देशभर में 353 प्रतिष्ठानों को सुरक्षा कवर उपलब्ध करा रहा है।

Image

CISF Raising Day: जब बगावत पर उतारू थे सीआईएसएफ के जवान, बोले थे- वर्दी-वर्दी, भाई-भाई...लेकर रहेंगे पाई-पाई; पढ़ें- पूरा किस्सा

CISF Raising Day 2023, CISF Raising Day Poster, CISF Story and CISF Full Form in Hindi: सीआईएसएफ मौजूदा समय में देश में आतंकवाद से निपटने के साथ सिक्योरिटी के किसी भी तरह के संकट का सामना करने के लिए सक्षम है। पर एक दौर ऐसा भी था, जब इस सुरक्षा बल के जवान बगावत पर उतर आए थे और कहने (छत्तीसगढ़ के बोकारो में सीआईएसएफ कैंप से) लगे थे कि "वर्दी-वर्दी, भाई-भाई...लेकर रहेंगे पाई-पाई। पंजाब की जीत हमारी है, अब सीआईएसएफ की बारी है।" इतना ही नहीं, सीआईएसएफ का तब भारत की सेना से आमना-सामना तक हो गया था और गोलीबारी तक की नौबत आ गई थी। पूरे घटनाक्रम ने तब दिल्ली से सरकार चला रही तत्कालीन मोरारजी देसाई के नेतृत्व वाली सरकार के पसीने छुड़ा दिए थे।

दरअसल, यह किस्सा तब का है, जब सीआईएसएफ के जवानों को केंद्रीय पुलिस का दर्जा मिला हुआ था, पर कुछ कागजी और तकनीकी झोल के चलते वह कुछ सुख-सुविधाओं से वंचित रहते थे। मसलन सीआईएसएफ के जवानों को परमवीर चक्र सरीखे वीरता पुरस्कार नहीं मिलते थे। मार्च, 1979 में देश भर की सीआईएसएफ ईकाइयों ने मिलकर एक संघ बनाया था। यूनियन के कई सदस्यों ने अपनी मांगों को तब गृह मंत्री के समक्ष रखा और मंत्रालय के बाहर कई माह तक हंगामा किया, पर हाल जस का तस ही रहा।

इस बीच, बोकारो में बागी जवान बगावत पर उतर आए थे। बताया जाता है कि तब 1900 में 1100 बागी हो गए थे। अफसरों के घर तक घेर लिए गए थे और राज्य सरकार इससे हलकान थी। वहीं, देसाई ने बोकारो में सेना भेजी थी और फिर 27 जून 1989 को दोनों पक्षों के बीच बोकारो में तीन घंटे तक गोलीबारी हुई। जानकारी के मुताबिक, सेना की ओर से एक मेजर समेत तीन की तब जान गई, जबकि सीआईएसएफ के 22 से 29 लोग मारे गए थे। हालांकि, आगे चलकर 1983 में सीआईएसएफ को सशस्त्र बल का दर्जा मिला था।

What is CISF Full Form?

सीआईएसएफ का फुल फॉर्म यानी पूरा मतलब सेंट्रल इंडस्ट्रियल सिक्योरिटी फोर्स (Central Industrial Security Force) होता है। हिंदी में इसे केंद्रीय औद्योगिक सुरक्षा बल कहा जाता है।

CISF Raising Day Poster

इस साल सीआईएसएफ के रेजिंग डे पर आप ये आकर्षक, क्रिएटिव और देश भक्ति के जज्बे से भरे पोस्टर शेयर कर सीआईएसएफ के जवानों को अपनी ओर से इस खास दिन की शुभकामनाएं और बधाइयां दे सकते हैं:
cisf raising day poster

cisf raising day poster

cisf raising day poster 2

cisf raising day poster 2

cisf raising day poster 3

cisf raising day poster 3

What does CISF do?

सीआईएसएफ सिर्फ तीन बटालियनों की संख्या के साथ कुछ संवेदनशील सार्वजनिक क्षेत्र के उपक्रमों को समेकित सुरक्षा कवर मुहैया कराने के लिए 1969 में अस्तित्व में आया था। तब से यह बल, प्रमुख बहु-कुशल संगठन के रूप में विकसित हुआ। फिलहाल यह बल देशभर में 353 प्रतिष्ठानों को सुरक्षा कवर उपलब्ध करा रहा है। इस बल का खुद का अग्नि स्कंध है, जो उपरोक्त में से 104 अधिष्ठानों को सेवाएं देता है।

बल के सुरक्षा कवच में आणविक प्रतिष्ठान, अंतरिक्ष अधिष्ठान, हवाई अड्डे, बंदरगाहे, ऊर्जा संयंत्र आदि सहित देश की अति संवेदनशील अवसंरचनात्मक संबंधी सुविधाएं हैं। यही नहीं, यह अहम सरकारी भवनों, प्रतिष्ठित विरासत स्मारकों और दिल्ली मेट्रो को संरक्षण देता है। बल के पास एक विशिष्ट वीआईपी सुरक्षा है, जो महत्वूपर्ण व्यक्तियों को 24 घंटे सुरक्षा देता है।

अभिषेक गुप्ता
अभिषेक गुप्ताauthor

छोटे शहर से, पर सपने बड़े-बड़े. किस्सागो ऐसे जो कहने-बताने और सुनाने को बेताब. कंटेंट क्रिएशन के साथ नजर से खबर पकड़ने में पारंगत और "मीडिया की मंडी" में लगभग आठ साल का अनुभव. न्यूज, सिनेमा, बाइक्स और घूमने में दिलचस्पी.

और पढ़ें
End of Article