China New Conspiracy: चीन एलएसी पर लगातार अपने इंफ्रास्ट्रक्चर को तेजी से बढ़ रहा है। दिसंबर में तवांग के भीतर घुसने की नाकाम कोशिश के बाद अब एक बार फिर चीन ने अरुणाचल प्रदेश के सामने एलएसी के पास एक नया high-frequency रडार सिस्टम स्थापित किया है। इस नए high-frequency रडार का इस्तेमाल चीन भारतीय सीमा के भीतर भारतीय सेना की तैयारियों और गतिविधियों पर नजर रखने के लिए कर सकता है।
'टाइम्स नाउ नवभारत' के पास इस रडार सिस्टम की एक्सक्लूसिव तस्वीरें हैं जो साफ दिखाती हैं कि यह एलएसी के काफी नज़दीक स्थापित किया गया है। हाल ही में डोकलाम हड़पने की मंशा से चीन ने भूटान के भीतर भारतीय सीमा के नजदीक 1000 सैन्य बैरक्स का भी निर्माण किया है। भारत लगातार चीन के साथ वार्ता के जरिए एलएसी विवाद को सुलझाना चाहता है, लेकिन चीन हर बार चालबाजी करता आया है। एक तरफ चीन वास्तविक नियंत्रण रेखा के नजदीक अपनी सेना की ड्रिल्स में इजाफा कर रहा है तो वहीं एयर एक्सरसाइजेज भी बढ़ा रहा है। अपने सैन्य ठिकानों के एलएसी के करीब नए निर्माण के साथ-साथ अब नए रडार सिस्टम लगाए जा रहे हैं।
लाइन ऑफ एक्चुअल कंट्रोल पर चीन के एक तरफा बदलाव को बर्दाश्त नहीं किया जाएगा
भारत और चीन के बीच अप्रैल के आखिरी सप्ताह में 18 वें राउंड की कमांडर लेवल बातचीत हो चुकी है जिसमें डेपसांग प्लेन्स और डैमचौक में बने हुए गतिरोध को सुलझाने पर जोर दिया गया। भारत ने यह भी साफ किया कि लाइन ऑफ एक्चुअल कंट्रोल पर चीन के एक तरफा बदलाव को बर्दाश्त नहीं किया जाएगा। अब एक बार फिर अरुणाचल प्रदेश की सीमा के नजदीक चीन के नए निर्माणों की तस्वीर सामने आई है। जमीन पर अपनी गतिविधियों को बढ़ाने के साथ-साथ चीन लगातार इंडियन ओशन रीजन में भी घुसपैठ की कोशिश में लगा रहता है। हाल ही में चीन की स्पाई शिप इस पूरे रीजन में कई बार देखी जा चुकी हैं। चीन की इस चालाकी से निपटने के लिए भारतीय सेना भी पूरी तरह से मुस्तैद है।
चीन एक बार फिर भारतीय सीमा से सटे इलाकों में अपने सैनिकों की संख्या को बढ़ा देता है
एक तरफ बॉर्डर रोड ऑर्गेनाइजेशन लगातार नॉर्दन सेक्टर में अपने प्रोजेक्ट्स तेजी से पूरे कर रहा है तो दूसरी तरफ सेना के डिप्लॉयमेंट भी नए हथियारों, सर्विलेंस डिवाइस और दूसरे इक्विपमेंट्स के साथ इस पूरे इलाके में दुरुस्त किए जा रहे हैं। सेना के टॉप कमांडर लगाता है पूर्वी लद्दाख, अरुणाचल प्रदेश, सिक्किम के इलाकों में ऑपरेशनल प्रिपेरेडनेस का जायजा ले रहे हैं। मई और जून के महीने में यह इसलिए और भी ज्यादा जरूरी है क्योंकि सर्दी खत्म होते ही चीन एक बार फिर भारतीय सीमा से सटे इलाकों में अपने सैनिकों की संख्या को बढ़ा देता है।
2020 में गलवान में चीन ने भारत में घुसपैठ की कोशिश की थी
जून 2020 में गलवान में चीन ने भारत में घुसपैठ की कोशिश की थी जिसके बाद खूनी संघर्ष में भारत के 20 सैनिक शहीद हुए और चीन को भी भारी नुकसान हुआ था। तवांग में भी दिसंबर 2022 में चीन ने भारत की तरफ आंख उठाकर देखा था और उसे मुंह की खानी पड़ी थी। अप्रैल के महीने की शुरुआत में चीन ने अरुणाचल प्रदेश के भीतर 11 अलग-अलग जगहों को चिन्हित कर उनके नाम मैंडरिन में रखकर अपना दावा ठोकने की कोशिश की थी जिसे भारत के विदेश मंत्रालय ने पूरी तरह से खारिज कर दिया था, अब एक बार फिर इन ताजा तस्वीरों ने चीन की साजिश का पर्दाफाश किया है।
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