Parliament Security Breach : संसद की सुरक्षा में सेंध मामले में नई एवं चौंकाने वाली बातें सामने आई हैं। दिल्ली पुलिस की शुरुआती जांच के मुताबिक लोकसभा में आरोपियों की ओर से छोड़ा गया स्मोक कैन जानलेवा साबित हो सकता था। दिल्ली पुलिस की एफआईआर में कई बड़ी बातें कही गई हैं। इससे सांसदों की जान को खतरा हो सकता था। पुलिस के अनुसार कैन के ऊपर कुछ वार्निंग लिखी गई थी। उस पर लिखा गया था कि इसे बंद कमरे में इस्तेमाल न किया जाए। चश्मे और मुंह ढंकने के बाद ही इसका इस्तेमाल किया जाए। इस वार्निंग को अगर देखा जाए तो यह काफी गंभीर है।
कैन पर थी वैधानिक चेतावनी
आरोपी लोकसभा में जब स्मोक कैन से गैस छोड़ रहे थे तो किसी का मुंह ढंका नहीं था। ऐसे में सांसदों का दम घुट सकता था। या जिन्हें सांस की दिक्कत है उनकी जान को खतरा हो सकता था। चीन में बने हुए इन स्मोक कैन को मुंबई से खरीदा गया था। कैन पर इसके प्रयोग के निर्देश और वैधानिक चेतावनी लिखी गई थी।
क्या है पूरा मामला
दरअसल, 13 दिसंबर को दो आरोपियों सागर और मनोरंजन ने लोकसभा के अंदर बवाल किया और कलर स्मोक स्प्रे किया। इस वक्त लोकसभा की कार्यवाही चल रही थी। सांसदों ने दोनों को पकड़ा और सुरक्षाकर्मियों के हवाले कर दिया। दो अन्य नीलम देवी और अमोल शिंदे को पास नहीं मिल पाया तो उन्होंने संसद भवन के बाहर विरोध प्रदर्शन किया और नारे लगाए। उन्होंने बाहर लाल और पीले रंग के धुएं को स्प्रे किया। इसे संसद की सुरक्षा में बड़ी सेंध के रूप में देखा जा रहा है। सुरक्षा एजेंसियां गिरफ्तार आरोपियों से उनके मकसद के बारे में पूछताछ कर रही हैं।
जूते विशेष रूप से डिजाइन किए गए थे
पुलिस ने बृहस्पतिवार को कहा कि लोकसभा की सुरक्षा में सेंध लगाने की घटना के दो आरोपी 1929 के दौरान भारत में ब्रिटिश शासन के समय क्रांतिकारी भगत सिंह द्वारा ‘सेंट्रल असेंबली’ के अंदर बम फेंके जाने जैसी घटना को दोहराना चाहते थे। इस संबंध में एक अधिकारी ने बताया कि आरोपियों के कब्जे से एक पर्चा बरामद किया गया, जिसमें लिखा था, ‘प्रधानमंत्री लापता हैं और जो भी उन्हें ढूंढे़गा उसे स्विस बैंक से पैसा मिलेगा।’पुलिस सूत्रों ने कहा कि आरोपियों के जूते विशेष रूप से डिजाइन किए गए थे और धुएं के ‘केन’ को छिपाने के लिए जगह बनाई गई थी।
