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नीति आयोग की रिपोर्ट में छत्तीसगढ़ को मिला दूसरा स्थान, इन राज्यों का भी बढ़ा दबदबा

NITI Aayog Fiscal Health Index 2025: नीति आयोग की वित्तीय स्वास्थ्य सूचकांक 2025 रिपोर्ट में छत्तीसगढ़ को पूरे देश में दूसरा स्थान मिला है। यह रिपोर्ट बताती है कि कौन-कौन से राज्य अपने पैसे को अच्छे से खर्च कर रहे हैं और कैसे वे अपने क्षेत्र का विकास कर रहे हैं। छत्तीसगढ़ ने इसमें शानदार प्रदर्शन किया है।

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नीति आयोग

Photo : iStock

NITI Aayog Fiscal Health Index 2025: नीति आयोग की वित्तीय स्वास्थ्य सूचकांक 2025 रिपोर्ट में छत्तीसगढ़ को पूरे देश में दूसरा स्थान मिला है। यह रिपोर्ट बताती है कि कौन-कौन से राज्य अपने पैसे को अच्छे से खर्च कर रहे हैं और कैसे वे अपने क्षेत्र का विकास कर रहे हैं। छत्तीसगढ़ ने इसमें शानदार प्रदर्शन किया है।

किन-किन राज्यों का रहा बोलबाला

सबसे अच्छा काम करने वाले राज्यों में ओडिशा, छत्तीसगढ़, गोवा, झारखंड और गुजरात शामिल हैं। इन राज्यों ने अपने पैसों का सही इस्तेमाल करते हुए अपनी कमाई (GSDP) का लगभग 4 फीसद हिस्सा सड़कों, अस्पतालों और दूसरे विकास के कामों में लगाया। इसके साथ ही, इन राज्यों ने टैक्स के अलावा भी कमाई के अच्छे तरीके अपनाए। इस समझदारी से ये राज्य कम ब्याज (सिर्फ 7 फीसद) चुकाकर भी पैसा बचाने में सफल रहे हैं और हर साल अपनी कमाई में बढ़ोतरी कर रहे हैं। यह दिखाता है कि ये राज्य अपने पैसों का सही तरीके से उपयोग कर रहे हैं और तेजी से तरक्की कर रहे हैं।

तेजी से आगे बढ़ रहे ये राज्य

दूसरी ओर, महाराष्ट्र, उत्तर प्रदेश, तेलंगाना, मध्य प्रदेश और कर्नाटक जैसे राज्य भी बहुत अच्छा काम कर रहे हैं। ये अपने कुल खर्च का 73 फीसद हिस्सा विकास के कामों पर लगा रहे हैं, जैसे स्कूल और सड़कें इत्यादि बनाना। इन राज्यों ने अपने कर्ज को भी अच्छे से संभाला है, जो उनकी कुल कमाई (GSDP) का सिर्फ 24 फीसद है। इसका मतलब है कि ये राज्य भी अपने पैसे का सही इस्तेमाल कर रहे हैं और तेजी से आगे बढ़ रहे हैं। इस सूची में अन्य राज्यों जैसे ओडिशा, झारखंड, गुजरात और गोवा ने भी मजबूत प्रदर्शन किया है।

रिपोर्ट के मुताबिक, ओडिशा 67.8 के उच्चतम समग्र अंक के साथ उत्कृष्ट स्थिति में है। यह व्यय की गुणवत्ता और राजस्व जुटाने के तहत औसत से बेहतर प्रदर्शन के साथ ऋण सूचकांक (99.0) और ऋण स्थिरता (64.0) रैंकिंग में शीर्ष पर है। इसके उलट केरल और पंजाब व्यय की कम गुणवत्ता और ऋण स्थिरता से जूझ रहे हैं। पश्चिम बंगाल भी राजस्व जुटाने और ऋण सूचकांक के मुद्दों का सामना कर रहा है।

Gaurav Srivastav
गौरव श्रीवास्तवauthor

टीवी न्यूज रिपोर्टिंग में 10 साल पत्रकारिता का अनुभव है। फिलहाल सुप्रीम कोर्ट से लेकर कानूनी दांव पेंच से जुड़ी हर खबर आपको इस जगह मिलेगी। साथ ही चुनाव आयोग, विपक्ष के राजनीतिक घटनाक्रम से लेकर हर जनहित मुद्दे पर मेरी नजर रहती है।

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