UP Assembly By-Elections: उत्तर प्रदेश मे विधानसभा उपचुनाव होने वाले हैं। लोकसभा चुनाव के बाद इस चुनावी मुकाबले के लिए पार्टियां तैयारियों में जुटी हुई हैं। सपा और कांग्रेस का गठबंधन उपचुनाव में भी बरकरार रहने वाला है। इस बीच आजाद समाज पार्टी के मुखिया और नगीना सांसद चंद्रशेखर आजाद रावण ने विपक्षी दलों की टेंशन बढ़ा दी है। लखनऊ में आयोजित एक प्रेसवार्ता में चंद्रशेखर रावण ने ऐलान किया है कि उनकी पार्टी उपचुनाव में सभी सीटों पर प्रत्याशी उतारेगी।
चंद्रशेखर रावण ने इशारा किया है कि उनकी पार्टी ने उपचुनाव को लेकर रणनीति बनानी भी शुरू कर दी है। उन्होंने साफ-साफ कहा कि वो सभी 10 की 10 सीटों पर उपचुनाव लड़ेंगे। इसके लिए पार्टी के पदाधिकारियों से बातचीत भी हो गई है और प्रत्याशियों के नामों पर विचार किया जा रहा है। बता दें, उपचुनाव में अगर आजाद समाज पार्टी मैदान में उतरती है तो दलित वोटों का बड़ा नुकसान समाजवादी पार्टी और बसपा को हो सकता है।
बरकरार रहेगा इंडिया गठबंधन
वहीं, आगामी विधानसभा उपचुनाव के लिए कांग्रेस ने भी तैयारी कर ली है। कांग्रेस और सपा के बीच इंडिया गठबंधन उपचुनाव में भी बरकरार रहने वाला है। पार्टी सूत्रों के मुताबिक, यूपी उपचुनाव में 10 सीटों पर सपा और कांग्रेस साझा उम्मीदवार उतारेंगी। इसके बाबत 21 जुलाई को कांग्रेस ने जिला अध्यक्षों की बैठक भी बुलाई है। माना जा रहा है कि सपा 7 और कांग्रेस 3 सीटों पर उपचुनाव लड़ सकती है।
भाजपा के लिए भी प्रतिष्ठा का सवाल
उत्तर प्रदेश में होने वाले उपचुनाव भारतीय जनता पार्टी और यूपी के मुख्यमंत्री योगी आदित्यनाथ के लिए भी अग्निपरीक्षा माने जा रहे हैं। दरअसल, लोकसभा चुनाव में सपा-कांग्रेस गठबंधन ने भारी उलटफेर किया था। ऐसे में विधानसभा चुनाव में भी दोनों का गठबंधन भाजपा का बड़ा नुकसान कर सकता है। बता दें, जिन सीटों पर उपचुनाव होना है, उनमें 5 सीटों समाजवादी पार्टी के पास हैं तो बीजेपी के पास 3 सीटें हैं। वहीं, आरएलडी और निषाद पार्टी के पास एक-एक सीट हैं।
इन सीटों पर होना है उपचुनाव
करहल, मिल्कीपुर, कटेहरी, कुंदरकी, गाजियाबाद, खैर, मीरापुर, फूलपुर, मंझवा और सीसामऊ पर उपचुनाव होना है।
