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सपा-बसपा और भाजपा की टेंशन बढ़ाएंगे चंद्रशेखर रावण, यूपी विधानसभा उपचुनाव को लेकर किया बड़ा ऐलान

UP Assembly By-Elections: उपचुनाव में अगर आजाद समाज पार्टी मैदान में उतरती है तो दलित वोटों का बड़ा नुकसान समाजवादी पार्टी और बसपा को हो सकता है। दरअसल, चंद्रशेखर आजाद पार्टी ने कहा है कि उनकी पार्टी सभी 10 सीटों पर अपने उम्मदीवार उतारेगी।

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Chandrashekhar Azad Ravan

Photo : Twitter

UP Assembly By-Elections: उत्तर प्रदेश मे विधानसभा उपचुनाव होने वाले हैं। लोकसभा चुनाव के बाद इस चुनावी मुकाबले के लिए पार्टियां तैयारियों में जुटी हुई हैं। सपा और कांग्रेस का गठबंधन उपचुनाव में भी बरकरार रहने वाला है। इस बीच आजाद समाज पार्टी के मुखिया और नगीना सांसद चंद्रशेखर आजाद रावण ने विपक्षी दलों की टेंशन बढ़ा दी है। लखनऊ में आयोजित एक प्रेसवार्ता में चंद्रशेखर रावण ने ऐलान किया है कि उनकी पार्टी उपचुनाव में सभी सीटों पर प्रत्याशी उतारेगी।

चंद्रशेखर रावण ने इशारा किया है कि उनकी पार्टी ने उपचुनाव को लेकर रणनीति बनानी भी शुरू कर दी है। उन्होंने साफ-साफ कहा कि वो सभी 10 की 10 सीटों पर उपचुनाव लड़ेंगे। इसके लिए पार्टी के पदाधिकारियों से बातचीत भी हो गई है और प्रत्याशियों के नामों पर विचार किया जा रहा है। बता दें, उपचुनाव में अगर आजाद समाज पार्टी मैदान में उतरती है तो दलित वोटों का बड़ा नुकसान समाजवादी पार्टी और बसपा को हो सकता है।

बरकरार रहेगा इंडिया गठबंधन

वहीं, आगामी विधानसभा उपचुनाव के लिए कांग्रेस ने भी तैयारी कर ली है। कांग्रेस और सपा के बीच इंडिया गठबंधन उपचुनाव में भी बरकरार रहने वाला है। पार्टी सूत्रों के मुताबिक, यूपी उपचुनाव में 10 सीटों पर सपा और कांग्रेस साझा उम्मीदवार उतारेंगी। इसके बाबत 21 जुलाई को कांग्रेस ने जिला अध्यक्षों की बैठक भी बुलाई है। माना जा रहा है कि सपा 7 और कांग्रेस 3 सीटों पर उपचुनाव लड़ सकती है।

भाजपा के लिए भी प्रतिष्ठा का सवाल

उत्तर प्रदेश में होने वाले उपचुनाव भारतीय जनता पार्टी और यूपी के मुख्यमंत्री योगी आदित्यनाथ के लिए भी अग्निपरीक्षा माने जा रहे हैं। दरअसल, लोकसभा चुनाव में सपा-कांग्रेस गठबंधन ने भारी उलटफेर किया था। ऐसे में विधानसभा चुनाव में भी दोनों का गठबंधन भाजपा का बड़ा नुकसान कर सकता है। बता दें, जिन सीटों पर उपचुनाव होना है, उनमें 5 सीटों समाजवादी पार्टी के पास हैं तो बीजेपी के पास 3 सीटें हैं। वहीं, आरएलडी और निषाद पार्टी के पास एक-एक सीट हैं।

इन सीटों पर होना है उपचुनाव

करहल, मिल्कीपुर, कटेहरी, कुंदरकी, गाजियाबाद, खैर, मीरापुर, फूलपुर, मंझवा और सीसामऊ पर उपचुनाव होना है।

Pranjul Srivastava
प्रांजुल श्रीवास्तवauthor

<p>मैं इस वक्त टाइम्स नाउ नवभारत से जुड़ा हुआ हूं। पत्रकारिता के 8 वर्षों के तजुर्बे में मुझे और मेरी भाषाई समझ को गढ़ने और तराशने में कई वरिष्ठ पत्रकारों और संपादकों का योगदान रहा। 2016 में उत्तर प्रदेश की राजधानी लखनऊ से शुरू हुआ यह सफर देश की राजधानी दिल्ली में 'टाइम्स नाउ नवभारत' तक आ पहुंचा है। अखबारों में रिपोर्टिंग करते हुए शहरों की धूल फांकना और डिजिटल पत्रकारिता की बारीकियों को समझते हुए देश-विदेश की खबरों को आप तक पहुंचाने का मेरा ये सफर काफी किस्से-कहानियों से भरा हुआ है। लखनऊ की बाबा भीम राव अंबेडकर सेंट्रल यूनिवर्सिटी के क्लासरूम में प्रोफेसरों से मिले किताबी ज्ञान और पत्रकारीय सिद्धांतों को जमीन पर उतारने का मौका मुझे 2016 में ही मिल गया। पहला ब्रेक टाइम्स ग्रुप के प्रतिष्ठित अखबार 'नवभारत टाइम्स' ने दिया। यहां बतौर इंटर्न मुझे कई सामाजिक संगठनों की रिपोर्टिंग करने का मौका मिला। दिनभर शहर में घूम-घूम कर खबरों को बटोरना और शाम होते ही उन्हें लिखकर डेस्क के हवाले करना मेरी दिनचर्या का हिस्सा हो गया। इस अनुभव ने मुझे समाज के तौर तरीकों से परिचित कराया तो न्यूजरूम में सीनियर्स से मिली डांट ने पत्रकारिता की बारीकियों और भाषाई मर्यादा को समझने में मदद की। करीब 3 से 4 महीनों की इंटर्नशिप के बाद मुझे 2017 आते-आते गांधी परिवार के गढ़ रायबरेली भेजा गया। यह समय उत्तर प्रदेश में विधानसभा चुनाव और सत्ता के बदलाव का था। यहां बतौर रिपोर्टर मैं पहली बार राजनीतिक खबरों से रूबरू हुआ। रायबरेली के मिजाज को करीब 8 महीनों तक समझने के बाद नवभारत टाइम्स ने मुझे वापस लखनऊ बुलाया और शहर की रिपोर्टिंग करने का मौका दिया। यहां विज्ञान, पर्यावरण, बाजार, लखनऊ विकास प्राधिकरण, आवास विकास और मेट्रो जैसी बीट पर जमकर काम किया। यह सफर अब पश्चिमी उत्तर प्रदेश के जिले मुरादाबाद तक पहुंच गया था, जहां मुझे दैनिक जागरण जैसे प्रतिष्ठित अखबार के लिए दो वर्षों तक रिपोर्टिंग करने का अवसर मिला। करीब दो वर्षों की पत्रकारिता के बाद अब मुझे देश की राजधानी की ओर रुख करना था और यह मौका अमर उजाला (डिजिटल) ने दिया। अखबारों की रिपोर्टिंग से निकलकर डिजिटल पत्रकारिता के अनुभव से मैं पहली बार रूबरू हो रहा था। यहां पर मुझे मेन डेस्क पर जिम्मेदारी मिली। जहां सबसे आगे रहते हुए सबसे सटीक खबरें आप तक पहुंचाना चुनौती भरा काम था, लेकिन पत्रकारिता की शुरुआत में मिले अनुभवों ने मेरा काम आसान बना दिया। यहां भी करीब दो वर्षों के बाद 2023 में मुझे टाइम्स ग्रुप से दोबारा जुड़ने का मौका मिला और टाइम्स नाउ नवभारत की मेन डेस्क पर मेरा सफर अब तक जारी है।</p>

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