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Chamoli Avalanche: चमोली हादसे में 4 लोगों की मौत, 5 अभी भी लापता; 46 का अस्पताल में इलाज जारी

Chamoli Avalanche: उत्तराखंड में चमोली जिले के माणा गांव स्थित सीमा सड़क संगठन (बीआरओ) के शिविर में हिमस्खलन के कारण कई फुट बर्फ के नीचे श्रमिक फंस गए थे, जिनमें से 4 की मौत हो गई है। पांच अभी भी लापता हैं।

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चमोली हादसे में रेस्क्यू ऑपरेशन जारी

Photo : ANI

Chamoli Avalanche: चमोली हादसे में 4 लोगों की मौत हो गई है। ये चार लोग वो हैं, जिन्हें बर्फ से रेस्क्यू किया गया था। वहीं 5 लोग अभी लापता हैं, जिनकी तलाश जारी है। बाकि बचाए गए 46 लोगों का इलाज अस्पताल में जारी है।

बचाए गए लोगों में से 4 की मौत

सेना के प्रवक्ता मनीष श्रीवास्तव ने बताया कि बचाव अभियान में छह हेलीकॉप्टर लगे हुए हैं। इनमें तीन भारतीय थल सेना के, दो भारतीय वायुसेना के और एक सेना द्वारा किराए पर लिया गया असैन्य हेलीकॉप्टर शामिल है। सेना के प्रवक्ता ने कहा- ‘‘50 मजदूरों को बचा लिया गया है, जिनमें से दुर्भाग्यवश चार घायलों की मौत की पुष्टि हो गई है, जबकि शेष पांच की तलाश जारी है।’’

सीएम खुद संभाले हुए हैं मोर्चा

मुख्यमंत्री पुष्कर सिंह धामी ने प्रभावित क्षेत्र का हवाई सर्वेक्षण किया और अधिकारियों को बचाव अभियान में तेजी लाने का निर्देश दिया। देहरादून लौटकर उन्होंने कहा कि राहत और बचाव दल ने अब तक 50 लोगों को बचाकर सराहनीय काम किया है। धामी ने कहा कि अधिकारियों को युद्धस्तर पर लापता पांचों श्रमिकों की तलाश जारी रखने के निर्देश दिए गए हैं। मुख्यमंत्री ने कहा कि लापता कंटेनर की खोज के लिए सेना के खोजी कुत्तों को तैनात किया गया है और सेना की तीन टीम इलाके में गश्त कर रही हैं। उन्होंने बताया कि आपदा प्रबंधन प्राधिकरण, आईटीबीपी, बीआरओ, राष्ट्रीय आपदा मोचन बल, राज्य आपदा मोचन बल, भारतीय वायु सेना, जिला प्रशासन, स्वास्थ्य विभाग और अग्निशमन विभाग के 200 से अधिक कर्मी बचाव अभियान में लगे हुए हैं।

बर्फ में समा गया था बीआरओ शिविर

सेना के अनुसार, शुक्रवार को सुबह साढ़े पांच से छह बजे के बीच हुए हिमस्खलन के कारण माणा और बदरीनाथ के मध्य स्थित बीआरओ का शिविर बर्फ में समा गया था जिससे आठ कंटेनर और एक शेड में 55 श्रमिक फंस गए थे। शुक्रवार को बारिश और बर्फबारी के कारण बचाव अभियान में बाधा उत्पन्न हुई और रात में अभियान को कुछ देर के लिए रोक दिया गया। शनिवार को मौसम साफ होने पर बचाव अभियान में हेलीकॉप्टर की भी मदद ली गई। मौसम फिर से खराब हो रहा है और बचाव अभियान धीमा पड़ सकता है। हालांकि, सेना के हेलीकॉप्टर अभियान में जुटे हुए हैं और अगर मौसम अनुकूल रहा तो हम जल्द ही शेष श्रमिकों का पता लगा लेंगे।

Shishupal Kumar
शिशुपाल कुमारauthor

शिशुपाल कुमार टाइम्स नाउ नवभारत डिजिटल के न्यूज डेस्क में कार्यरत एक अनुभवी पत्रकार हैं, जिन्हें 13 वर्षों का अनुभव हासिल है। राजनीतिक, अंतरराष्ट्रीय और क्राइम रिपोर्टिंग में गहरी रुचि और मजबूत पकड़ के साथ वे समाचारों की बारीकियों को समझने और उन्हें प्रभावशाली ढंग से प्रस्तुत करने के लिए जाने जाते हैं। शिशुपाल ने अपने करियर की शुरुआत एक इन्वेस्टिगेटिव जर्नलिस्ट के रूप में की, जहां उन्होंने प्रोडक्शन से लेकर ग्राउंड रिपोर्टिंग तक पत्रकारिता के कई महत्वपूर्ण पहलुओं में काम किया। फील्ड रिपोर्टिंग और डेस्क दोनों स्तरों पर उनकी दक्षता है। अब तक शिशुपाल कुमार 15,000 से अधिक खबरें प्रकाशित कर चुके हैं। वह ब्रेकिंग न्यूज, रियल-टाइम कवरेज, डेटा-आधारित विश्लेषण और एक्सप्लेनर लिखने में खास महारत रखते हैं। उनकी स्टोरीज तथ्यों की सटीकता और सहज भाषा की वजह से पाठकों पर मजबूत प्रभाव छोड़ती हैं।

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