Chacha vs Bhatija in Maharashtra: क्या अजित पवार की पार्टी इस कोशिश में जुटी हुई है कि शरद पवार की पार्टी के सांसदों को तोड़ लिया जाए? क्या चाचा और भतीजे के बीच एक और सियासी उठापटक देखने को मिलने वाली है? इन दिनों भतीजे की पार्टी एनसीपी पर उनके विरोधी इस बात का आरोप लगा रहे हैं। जिसके बाद खुद अजित पवार ने सफाई पेश करते हुए ये साफ कहा कि प्रतिद्वंद्वी गुट के सांसदों के दलबदल की राकांपा की कोशिश संबंधी बातें सरासर झूठ है।
क्या अपने चाचा की पार्टी के सांसदों को तोड़ना चाहते हैं अजित पवार?
महाराष्ट्र के उपमुख्यमंत्री अजित पवार ने बृहस्पतिवार को इन आरोपों को खारिज कर दिया कि उनकी पार्टी के सहयोगी सुनील तटकरे ने शरद पवार नीत प्रतिद्वंद्वी गुट के सदस्यों को फोन कर पाला बदलने के लिए कहा था। राकांपा (शरदचंद्र पवार) के विधायक और राज्य के पूर्व मंत्री जितेन्द्र अव्हाड ने अपनी पार्टी के प्रमुख शरद पवार और उनकी बेटी सुप्रिया सुले का जिक्र करते हुए बुधवार को आरोप लगाया था कि अजित पवार के नेतृत्व वाली राकांपा की महाराष्ट्र इकाई के प्रमुख सुनील तटकरे ने प्रतिद्वंद्वी गुट के सांसदों से “बाप, बेटी को छोड़ने” के लिए कहा था।
अजित पवार का दावा- तटकरे या किसी अन्य ने उनसे संपर्क नहीं किया
उपमुख्यमंत्री ने कहा, 'यह सब झूठ है। तीन से चार सांसद (राकांपा-एसपी के) - नीलेश लंके, अमर काले और दो अन्य ने मीडिया के सामने स्पष्ट किया है कि तटकरे या किसी अन्य ने उनसे संपर्क नहीं किया है। अगर ये लोग कह रहे हैं कि उन्हें कोई फोन कॉल नहीं आया, तो आरोप क्यों लगाए जा रहे हैं।'
तटकरे ने आरोपों से साफ इनकार किया और कहा कि ये बयान नवंबर 2024 में महाराष्ट्र विधानसभा चुनावों में मिली हार के बाद अपने लोगों को एकजुट रखने का राकांपा (शरदचंद्र पवार) का एक प्रयास मात्र है।
