Supreme Court Appointment of New Judges: देश की सर्वोच्च अदालत (Supreme Court) की न्याय प्रणाली को मजबूत करने की दिशा में केंद्र सरकार ने एक बड़ा कदम उठाया है। उच्चतम न्यायालय में पांच नए न्यायाधीशों की नियुक्ति कर दी गई है। केंद्रीय विधि और न्याय मंत्रालय (Union Law Ministry) ने सोमवार सुबह इस संबंध में आधिकारिक अधिसूचनाएं (Notifications) जारी कर दी हैं। यह फैसला सुप्रीम कोर्ट के स्वीकृत जजों की संख्या (Sanctioned Strength) में विस्तार के बाद लिया गया है।
इन 5 जजों की हुई सुप्रीम कोर्ट में नियुक्ति
विधि मंत्रालय द्वारा जारी सूची के अनुसार, देश के विभिन्न उच्च न्यायालयों (High Courts) में अपनी सेवाएं दे रहे प्रमुख मुख्य न्यायाधीशों और न्यायाधीशों को सुप्रीम कोर्ट भेजा गया है। शीर्ष अदालत में नियुक्त किए गए नए न्यायाधीशों के नाम निम्नलिखित हैं:
-न्यायाधीश वेंकिता सुब्रमणि मोहना
-न्यायाधीश श्री चंद्रशेखर (मुख्य न्यायाधीश, बंबई उच्च न्यायालय)
-न्यायाधीश शील नागू (मुख्य न्यायाधीश, पंजाब एवं हरियाणा उच्च न्यायालय)
-न्यायाधीश संजीव सचदेवा (मुख्य न्यायाधीश, मध्य प्रदेश उच्च न्यायालय)
-न्यायाधीश अरुण पल्ली (मुख्य न्यायाधीश, जम्मू-कश्मीर एवं लद्दाख उच्च न्यायालय)
सुबह जारी हुई अधिसूचना, जल्द होगा शपथ ग्रहण
सोमवार को सप्ताह की शुरुआत के साथ ही विधि मंत्रालय ने इन नियुक्तियों की प्रक्रिया को अंतिम रूप दिया। कॉलेजियम की सिफारिशों पर राष्ट्रपति की मुहर लगने के बाद अब सोमवार सुबह इन पांचों जजों की नियुक्ति का वारंट और अधिसूचना जारी कर दी गई है। आने वाले दिनों में भारत के मुख्य न्यायाधीश (CJI) द्वारा इन सभी नए जजों को पद और गोपनीयता की शपथ दिलाई जाएगी, जिसके बाद ये शीर्ष अदालत में अपना कार्यभार संभालेंगे।
जजों की संख्या बढ़ने से पेंडिंग केसों में मिलेगी राहत
सुप्रीम कोर्ट के जजों की संख्या में बढ़ोतरी का यह फैसला ऐसे समय में आया है जब देश की सबसे बड़ी अदालत पर मुकदमों का बोझ लगातार बढ़ता जा रहा है। कानूनी विशेषज्ञों का मानना है कि पांच नए जजों के आने से सुप्रीम कोर्ट में विभिन्न संवैधानिक पीठों (Constitutional Benches) के गठन में आसानी होगी और सालों से लंबित पड़े (Pending) मामलों की सुनवाई में तेजी आएगी, जिससे आम जनता को जल्द न्याय मिल सकेगा।
