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Instagram पर बाल यौन शोषण संबंधी विज्ञापनों को लेकर केंद्र सरकार सख्त, मेटा को तलब करने का निर्देश

सरकार ने चिंता जताई थी कि इससे ऑनलाइन धोखाधड़ी, 'डिजिटल अरेस्ट' घोटालों तथा किसी अन्य व्यक्ति के तौर पर खुद को पेश करने जैसे मामलों में उल्लेखनीय वृद्धि हो सकती है।

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प्रतीकात्मक फोटो

सूचना प्रौद्योगिकी मंत्री अश्विनी वैष्णव ने अधिकारियों को बाल यौन शोषण सामग्री को बढ़ावा देने वाले इंस्टाग्राम विज्ञापनों मामले में मेटा(Meta) को तलब करने का निर्देश दिया है। सूत्रों ने शुक्रवार को यह जानकारी दी।सूत्रों ने बताया कि सूचना प्रौद्योगिकी मंत्रालय इस मामले में मेटा से स्पष्टीकरण मांगेगा।इस सप्ताह यह दूसरा मौका है जब सरकार ने मेटा पर सख्ती दिखाई है। केंद्र ने व्हाट्सऐप के प्रस्तावित 'यूजरनेम' फीचर के मामले में बुधवार को मेटा को नोटिस जारी किया था।

सरकार ने चिंता जताई थी कि इससे ऑनलाइन धोखाधड़ी, 'डिजिटल अरेस्ट' घोटालों तथा किसी अन्य व्यक्ति के तौर पर खुद को पेश करने (इम्पर्सनेशन) जैसे मामलों में उल्लेखनीय वृद्धि हो सकती है।

सरकार ने कहा था कि इन मुद्दों पर उसकी संतुष्टि होने और परामर्श प्रक्रिया पूरी होने से पहले इस सेवा को लागू नहीं किया जाना चाहिए। केंद्र ने मेटा से यह भी पूछा था कि व्हाट्सऐप के इस नए फीचर के खिलाफ सूचना प्रौद्योगिकी अधिनियम और संबंधित नियमों के तहत कार्रवाई क्यों न की जाए जबकि इससे साइबर अपराध बढ़ सकते हैं।

यह कदम बीबीसी की एक जांच रिपोर्ट के बाद उठाया गया

सरकार ने मेटा को यह भी याद दिलाया था कि एक महत्वपूर्ण सोशल मीडिया मध्यस्थ (सिग्निफिकेंट सोशल मीडिया इंटरमीडियरी) के रूप में व्हाट्सऐप सूचना प्रौद्योगिकी अधिनियम और उससे जुड़े नियमों के तहत आवश्यक सावधानी बरतने संबंधी दायित्वों का पालन करने के लिए बाध्य है। यह कदम बीबीसी की एक जांच रिपोर्ट के बाद उठाया गया। रिपोर्ट में आरोप लगाया गया था कि मेटा की एल्गोरिद्म प्रणाली ऐसे वीडियो भी लोगों को देखने का सुझाव दे रही थी, जिनमें बाल यौन शोषण सामग्री हो सकती है।

ऐसे विज्ञापन दिखाई दे रहे थे, जो आपत्तिजनक सामग्री से जुड़े हो सकते हैं

रिपोर्ट में पाया गया कि फेसबुक और इंस्टाग्राम पर ऐसे विज्ञापन दिखाई दे रहे थे, जो आपत्तिजनक सामग्री से जुड़े हो सकते हैं।मेटा की नीति में साफ तौर पर कहा गया है कि आपत्तिजनक सामग्री वाले विज्ञापन पूरी तरह से प्रतिबंधित हैं। सरकार की कार्रवाई और बीबीसी की रिपोर्ट पर टिप्पणी के लिए मेटा को भेजे गए ईमेल का कोई जवाब नहीं मिला।

Ravi Vaish
रवि वैश्यauthor

रवि वैश्य टाइम्स नाउ नवभारत डिजिटल के न्यूज डेस्क पर कार्यरत एक सीनियर जर्नलिस्ट हैं, जिन्हें पत्रकारिता में 20 वर्षों का व्यापक अनुभव हासिल है। खबरों की बारीकियों को समझने और तेजी से प्रस्तुत करने में उनकी विशेष दक्षता है। टीवी पत्रकारिता में रिपोर्टिंग और डेस्क—दोनों क्षेत्रों में अनुभव होने के कारण वे समाचारों को बहुआयामी दृष्टिकोण से देखते हैं। देश–दुनिया की ताजातरीन अपडेट्स, ब्रेकिंग न्यूज, एक्सप्लेनर और विशेष स्टोरीज तैयार करने में वे सिद्धहस्त हैं। उनकी प्राथमिकता हमेशा यही रही है कि हर खबर तेज, सटीक और जानकारीपूर्ण रूप में पाठकों तक पहुंचे। रवि वैश्य अब तक 22,000 से अधिक खबरें लिख चुके हैं, जिनमें कई एक्सक्लूसिव रिपोर्ट्स, इंटरव्यू, ग्राउंड रिपोर्ट्स, विश्लेषण और एक्सप्लेनर शामिल हैं।

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