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गैरजरूरी होने पर भी की जा रही महिलाओं के गर्भाशय निकालने की सर्जरी, केंद्र ने सभी राज्यों से मांगी रिपोर्ट

  • Edited by: अमित कुमार मंडल
  • Updated May 17, 2023, 03:35 PM IST

इस कवायद का उद्देश्य कुछ संस्थानों को अनावश्यक और अनुचित होने पर भी इस प्रक्रिया को करने से रोकने का है।

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केंद्रीय स्वास्थ्य सचिव राजेश भूषण

Photo : ANI

Women Uterus Removal Surgery: केंद्र सरकार ने राज्यों से निजी और सरकारी अस्पतालों में महिलाओं के गर्भाशय निकालने (हिस्टरेक्टमी) के मामलों की जानकारी देने को कहा है। इसका उद्देश्य कुछ संस्थानों को अनावश्यक और अनुचित होने पर भी इस प्रक्रिया को करने से रोकने का है।

केंद्रीय स्वास्थ्य सचिव राजेश भूषण ने सभी राज्यों और केंद्र शासित प्रदेशों को सलाह दी है कि सरकारी और निजी अस्पतालों में महिलाओं को बचाने के लिए गर्भाशय निकालने के ऑपरेशन के सभी मामलों का अनिवार्य रूप से ऑडिट कराया जाए।

भूषण ने 28 अप्रैल को सभी राज्यों और केंद्रशासित प्रदेशों को लिखे पत्र में कहा कि मामला कुछ चिकित्सा संस्थानों द्वारा अनावश्यक होने पर भी और अक्सर अनुचित होने पर भी गर्भाशय निकालने की सर्जरी करने से रोकने से संबंधित है। स्वास्थ्य और परिवार कल्याण मंत्रालय इस पर करीबी नजर रख रहा है।

अमित कुमार मंडल
अमित कुमार मंडलauthor

अमित मंडल टाइम्स नाउ नवभारत डिजिटल में न्यूज डेस्क पर Assistant Editor के रूप में काम कर रहे हैं। प्रिंट, टीवी और डिजिटल—तीनों माध्यमों में कुल मिलाकर 15 सालों से अधिक का अनुभव उन्हें खबरों को देखने की व्यापक दृष्टि देता है। ब्रेकिंग न्यूज, लाइव ब्लॉग, स्पेशल स्टोरीज और एक्सप्लेनेर फॉर्मेट पर उनकी मजबूत पकड़ है। एंगल चुनने की कला, खबरों की गति को समझना और समय पर सही जानकारी पहुंचाना—ये उनकी सबसे बड़ी खूबियां हैं। अमित अपने करियर में करीब 20 हजार से अधिक न्यूज आर्टिकल, एनालिसिस और एक्सप्लेनर पब्लिश कर चुके हैं।

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