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सिख विरोधी दंगे में जगदीश टाइटलर पर कसा CBI का शिकंजा, पुल बंगश मामले में चार्जशीट दाखिल; भीड़ को उकसाने का है आरोप

  • Authored by: शिशुपाल कुमार
  • Updated May 20, 2023, 04:28 PM IST

सीबीआई ने टाइटलर पर हत्या, दंगा और उकसाने के आरोप में मामला दर्ज किया है। टाइटलर पर एक भीड़ को भड़काने और उकसाने का आरोप लगाया गया है, जिसके कारण एक गुरुद्वारे में तीन सिखों की हत्या कर दी गई थी। टाइटलर के खिलाफ भारतीय दंड संहिता (आईपीसी) की धाराओं 147 (दंगा), 109 (उकसाने) और 302 (हत्या) के तहत आरोप लगाए हैं।

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फिर मुश्किल में जगदीश टाइटलर

Photo : BCCL

कांग्रेस नेता जगदीश टाइटलर सिख विरोधी दंगों के एक मामले में फिर से मुसीबत में फंसते दिख रहे हैं। सीबीआई ने पुल बंगश मामले में जगदीश टाइटलर के खिलाफ आरोपपत्र दाखिल किया है। केंद्रीय जांच ब्यूरो (सीबीआई) ने 1984 के सिख विरोधी दंगों के मामले में कांग्रेस नेता जगदीश टाइटलर के खिलाफ चार्जशीट दायर की है।

क्या है आरोप

सीबीआई ने टाइटलर पर हत्या, दंगा और उकसाने के आरोप में मामला दर्ज किया है। टाइटलर पर एक भीड़ को भड़काने और उकसाने का आरोप लगाया गया है, जिसके कारण एक गुरुद्वारे में तीन सिखों की हत्या कर दी गई थी।

क्या कहा सीबीआई ने

सीबीआई ने दिल्ली में एक विशेष अदालत के समक्ष दाखिल अपने आरोप पत्र में कहा है कि टाइटलर ने एक नवंबर 1984 को पुल बंगश गुरुद्वारा आजाद मार्केट में एकत्र भीड़ को उकसाया और भड़काया। जिसके परिणामस्वरूप गुरुद्वारे को जला दिया गया और तीन सिखों ठाकुर सिंह, बादल सिंह और गुरु चरण सिंह की हत्या कर दी गई। अधिकारियों ने बताया कि एजेंसी ने टाइटलर के खिलाफ भारतीय दंड संहिता (आईपीसी) की धाराओं 147 (दंगा), 109 (उकसाने) और 302 (हत्या) के तहत आरोप लगाए हैं। उन्होंने कहा कि अदालत दो जून को आरोपों पर विचार करेगी।

सीबाआई ने किया था तलब

टाइटलर को सीबीआई ने 1984 के सिख विरोधी दंगों के मामले में अपनी आवाज का नमूना दर्ज करने के लिए 11 अप्रैल को तलब किया था। सीबीआई को अपनी आवाज का नमूना सौंपने के बाद जगदीश टाइटलर ने कहा था- "मैंने क्या किया है? अगर मेरे खिलाफ सबूत मिले तो मैं फांसी पर चढ़ने को तैयार हूं।"

क्यों भड़के थे दंगे

1984 में तत्कालीन प्रधानमंत्री इंदिरा गांधी की हत्या के बाद सिख विरोधी दंगे भड़क उठे थे। दिल्ली समेत कई राज्यों में सिखों पर हमले हुए थे। इन दंगों में दर्जनों लोग मारे गए थे। इसी दौरान इंदिरा गांधी की हत्या के एक दिन बाद 1 नवंबर, 1984 को पुल बंगश इलाके में हुए दंगों में कम से कम तीन लोग मारे गए थे।

शिशुपाल कुमार
शिशुपाल कुमारauthor

शिशुपाल कुमार टाइम्स नाउ नवभारत डिजिटल के न्यूज डेस्क में कार्यरत एक अनुभवी पत्रकार हैं, जिन्हें 13 वर्षों का अनुभव हासिल है। राजनीतिक, अंतरराष्ट्रीय और क्राइम रिपोर्टिंग में गहरी रुचि और मजबूत पकड़ के साथ वे समाचारों की बारीकियों को समझने और उन्हें प्रभावशाली ढंग से प्रस्तुत करने के लिए जाने जाते हैं। शिशुपाल ने अपने करियर की शुरुआत एक इन्वेस्टिगेटिव जर्नलिस्ट के रूप में की, जहां उन्होंने प्रोडक्शन से लेकर ग्राउंड रिपोर्टिंग तक पत्रकारिता के कई महत्वपूर्ण पहलुओं में काम किया। फील्ड रिपोर्टिंग और डेस्क दोनों स्तरों पर उनकी दक्षता है। अब तक शिशुपाल कुमार 15,000 से अधिक खबरें प्रकाशित कर चुके हैं। वह ब्रेकिंग न्यूज, रियल-टाइम कवरेज, डेटा-आधारित विश्लेषण और एक्सप्लेनर लिखने में खास महारत रखते हैं। उनकी स्टोरीज तथ्यों की सटीकता और सहज भाषा की वजह से पाठकों पर मजबूत प्रभाव छोड़ती हैं।

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