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भ्रष्टाचार मामले में CBI का एक्शन, दिल्ली परिवहन विभाग के छह अधिकारी गिरफ्तार

CBI Action in Delhi: दिल्ली की सत्ता से आम आदमी पार्टी की विदाई होने के बाद जांच एजेंसी सीबीआई ने पहली बड़ी कार्रवाई को अंजाम दिया है। दिल्ली परिवहन विभाग के छह अधिकारियों को भ्रष्टाचार के मामले में सीबीआई ने गिरफ्तार कर लिया है। आपको बताते हैं कि किस मामले में इन अधिकारियों की गिरफ्तारी हुई है।

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CBI (फाइल फोटो)

Photo : Times Now Digital

Delhi News: केंद्रीय अन्वेषण ब्यूरो (सीबीआई) ने दिल्ली परिवहन विभाग के छह अधिकारियों को भ्रष्टाचार और रिश्वत लेने के आरोप में गिरफ्तार किया है। अधिकारियों ने बुधवार को यह जानकारी दी। सत्तारूढ़ आम आदमी पार्टी (आप) के हाल में दिल्ली विधानसभा चुनाव हारने के बाद राष्ट्रीय राजधानी में यह पहली बड़ी कार्रवाई है।

विभाग में व्यापक भ्रष्टाचार के खिलाफ मिल रही थीं शिकायतें

अधिकारियों ने बताया कि एजेंसी को विभाग में व्यापक भ्रष्टाचार के खिलाफ शिकायतें मिल रही थीं। उन्होंने बताया कि गिरफ्तारी से पहले शिकायतों की निगरानी और सत्यापन करने का निर्णय लिया गया। उन्होंने बताया कि शिकायतों के सत्यापन में प्रथम दृष्टया विभिन्न स्तरों पर भ्रष्टाचार के संकेत मिले, नतीजतन ये गिरफ्तारियां हुईं।

शिकायतों की जांच के बाद मिले भ्रष्टाचार के सबूत, हुई कार्रवाई

दिल्ली से लेकर गुड़गांव बॉर्डर इलाके में घूस लेने वाले दिल्ली सरकार की ट्रांसपोर्ट डिपार्टमेंट में कार्यरत अधिकारियों के खिलाफ यह कार्रवाई है। शिकायतों की जांच के बाद भ्रष्टाचार के सबूत मिले, जिसके आधार पर ये गिरफ्तारियां की गईं।

हाल ही में हुए दिल्ली विधानसभा चुनाव के नतीजों में आम आदमी पार्टी को करारी शिकस्त झेलनी पड़ी है। चुनावी परिणाम में दिल्ली की 70 सीटों में से भाजपा को 48, आम आदमी पार्टी को 22 सीटों पर जीत हासिल हुई। जबकि इस बार भी कांग्रेस का दिल्ली में खाता नहीं खुल पाया। दिल्ली की सत्ता से आप बाहर हो गई है। अब हर कोई इंतजार कर रहा है कि कब दिल्ली के नए सीएम के नाम का ऐलान भाजपा की ओर से किया जाएगा।

Ayush Sinha
आयुष सिन्हाauthor

मैं टाइम्स नाउ नवभारत (Timesnowhindi.com) से जुड़ा हुआ हूं। कलम और कागज से लगाव तो बचपन से ही था, जो धीरे-धीरे आदत और जरूरत बन गई। मुख्य धारा की पत्रकारिता से जुड़े हुए 10 साल पूरे हो चुके हैं। लोकसभा चुनाव 2014 से पहले ही मैंने पत्रकारिता की पढ़ाई के बीच में ही देश की राजधानी दिल्ली आने की ठान ली थी। उससे पहले मैंने कभी ये सोचा तक नहीं था कि मैं बनारस बोले तो वाराणसी शहर से बाहर भी जा सकता हूं। जी हां, मेरा नाता काशी से है। जन्म के साथ-साथ शिक्षा दीक्षा भी बनारस में ही हुई। राष्ट्रपिता मोहनदास करमचंद गांधी (बापू) द्वारा स्थापित किए गए विश्वविद्यालय- 'महात्मा गांधी काशी विद्यापीठ' से मैंने पत्रकारिता में स्नातक किया है। ग्रेजुएशन के दौरान ही विश्वविद्यालय के पत्रकारिता एवं जनसंचार विभाग के अध्यापकों ने बड़ी ही सख्ती से मेरी नक्काशी करने की कोशिश की। ग्रेजुएशन के आखिरी वर्ष आते-आते मैंने दिल्ली की ट्रेन पकड़ी और यहां पहुंच गया। आव देखा न ताव, दिल्ली NCR में बड़े-बड़े मीडिया समूहों के दफ्तरों के बाहर अपना बायोडेटा डाल कर प्रयास में जुट गया। काफी धैर्य के बाद ZEE मीडिया समूह से जुड़ने का मौका मिला। मेरे पत्रकारिता के सफर की शुरुआत टेलीविजन के इनपुट डिपार्टमेंट से हुई। यहां मैं असाइनमेंट डेस्क पर था। कुछ महीनों तक खुद को इस समूह के साथ जोड़े रखने के बाद वर्ष 2015 में मैंने प्रिंट मीडिया का रुख कर लिया और ALL RIGHTS नाम की मैगज़ीन के साथ जुड़ गया। बतौर विशेष संवाददाता (Special Correspondent) मेरे कंधों पर बड़ी जिम्मेदारी सौंपी गई थी। मैं उन दिनों देशभर के अलग-अलग लोकसभा क्षेत्र के सांसदों, केंद्रीय मंत्रियों और दिल्ली सरकार के विधायकों और मंत्रियों का साक्षात्कार करता था। मैगज़ीन के संपादकीय पृष्ठ के लिए मैं लेख भी लिखता था। राजनीतिक खबरों से लगाव होने के चलते मैंने इस बीट को ही अपना हमसाया बना लिया। मैगजीन के बाद फिर टेलीविजन का रुख किया और इसी साल दोबारा ज़ी मीडिया से जुड़ गया। यहां साढ़े 3 सालों तक काम करने के बाद मैंने डिजिटल मीडिया में कदम रखने की ठान ली। रिपब्लिक भारत की लॉन्चिंग से पहले मुझे इसकी वेबसाइट से जुड़ने का मौका मिला। रिपब्लिक से जुड़ने के साथ ही मैंने दिल्ली छोड़कर मुंबई का रुख कर लिया। समंदर किनारे बसे इस शहर में मैंने डिजिटल पत्रकारिता के गुर को सीखा। इस संस्थान में मुझे रिपोर्टर के तौर पर मौका दिया था। कुछ ही महीने बाद मैं वापस दिल्ली आ गया और मैंने न्यूज़ वर्ल्ड इंडिया में एसोसिएट प्रोड्यूसर और रिपोर्टर की भूमिका में काम किया। चंद महीने बाद ही ज़ी मीडिया समूह के डिजिटल प्लेटफॉर्म पर काम करने का अवसर मिला। ज़ी हिन्दुस्तान के लिए मैंने स्पेशल खबरों पर काम किया और इस समूह का पहला डिजिटल रिपोर्टर बन गया। इसके बाद मुझे वीडियो सेक्शन का हेड बना दिया गया। मैंने चुनावी कवरेज की, ग्राउंड रिपोर्टिंग की और साथ ही साथ वीडियो सेक्शन को नए शिखर पर पहुंचाने की कोशिश की। मैं कविताएं और किस्से-कहानियां भी लिखता रहता हूं। पढ़ाई के दौरान ही मैंने दो किताबें भी लिखी, एक नॉवेल और दूसरी पोएट्री बुक। पत्रकारिता में रहते हुए मैंने कई "स्टिंग ऑपरेशन" भी किए। मेरे सफर को और भी खूबसूरत बनाने के लिए टाइम्स समूह ने मुझे मौका दिया। मैं जुलाई, 2023 में इस संस्थान से जुड़ा और मुझे मेन डेस्क पर खबरों से दो-चार होते रहने की जिम्मेदारी सौंपी गई। राजनीतिक विश्लेषण के साथ विस्तार से खबरों को परोसता हूं और अपने पाठकों को कुछ नया देने का प्रयास करता हूं।

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