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पालतू कुत्ते की मौत पर भड़के हाई कोर्ट के जज, बंगले की सुरक्षा में तैनात पुलिसकर्मियों पर कार्रवाई के लिए लिखा पत्र

  • Authored by: प्रांजुल श्रीवास्तव
  • Updated Jul 22, 2023, 02:53 PM IST

Delhi News: दिल्ली हाई कोर्ट के पूर्व जज और वर्तमान में कलकत्ता हाईकोर्ट के जस्टिस गौरांग कंठ की ओर से लिखे गए पत्र में कहा गया है कि आपात स्थिति में पुलिसकर्मी उनके बंगले का दरवाजा खोलने में विफल रहे। इससे पुलिस की अक्षमता उजागर होती है, इस कारण उनके पालतू कुत्ते की मौत हो गई।

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Justice Gaurang Kanth

Photo : Twitter

Delhi News: दिल्ली हाई कोर्ट के पूर्व जज और वर्तमान में कलकत्ता हाईकोर्ट के जस्टिस गौरांग कंठ का एक पत्र सामने आया है। उन्होंने दिल्ली पुलिस के ज्वाइंट पुलिस कमिश्नर (सिक्योरिटी) को पत्र लिखकर उनकी और उनके बंगले की सुरक्षा में तैनात पुलिसकर्मियों पर एक्शन की मांग की है।

जस्टिस कंठ ने आरोप लगाया है कि पुलिसकर्मियों की लापरवाही के कारण उनके पालतू कुत्ते की मौत हो गई, इसलिए दोषी पुलिसकर्मियों के खिलाफ सख्त एक्शन लिया जाए। उन्होंने, पुलिसकर्मियों को सस्पेंड करने की मांग की है।

पत्र में क्या लिखा

जस्टिस कंठ की ओर से लिखे गए पत्र में कहा गया है कि आपात स्थिति में पुलिसकर्मी उनके बंगले का दरवाजा खोलने में विफल रहे। इससे पुलिस की अक्षमता उजागर होती है, इस कारण उनके पालतू कुत्ते की मौत हो गई। उन्होंने आगे लिखा है, ऐसा उनके साथ भी हो सकता है। इसलिए ऐसे अधिकारियों को सस्पेंड किया जाना चाहिए। उन्होंने तीन दिन के भीतर पत्र का जवाब भी मांगा है।

CJI ने कहा था प्रोटोकॉल की सुविधा विशेषाधिकार नहीं

जस्टिस कंठ का यह पत्र ऐसे समय में सामने आया है, जब सुप्रीम कोर्ट के मुख्य न्यायाधीश चंद्रचूड़ ने देश के सभी जजों को कहा था कि उन्हें प्रोटोकॉल के तहत मिलने वाली सुविधा उनका विशेषाधिकार नहीं है। उन्होंने कहा, था सुविधाओं का इस्तेमाल इस तरह से होना चाहिए कि दूसरों को तकलीफ न हो। उधर, जस्टिस कंठ ने कहा है कि सुरक्षाकर्मियों की इस तरह की लापरवाही से मेरे घर पर कोई भी घटना हो सकती है। यहां तक कि मेरे जीवन को भी खतरा है।

प्रांजुल श्रीवास्तव
प्रांजुल श्रीवास्तवauthor

<p>मैं इस वक्त टाइम्स नाउ नवभारत से जुड़ा हुआ हूं। पत्रकारिता के 8 वर्षों के तजुर्बे में मुझे और मेरी भाषाई समझ को गढ़ने और तराशने में कई वरिष्ठ पत्रकारों और संपादकों का योगदान रहा। 2016 में उत्तर प्रदेश की राजधानी लखनऊ से शुरू हुआ यह सफर देश की राजधानी दिल्ली में 'टाइम्स नाउ नवभारत' तक आ पहुंचा है। अखबारों में रिपोर्टिंग करते हुए शहरों की धूल फांकना और डिजिटल पत्रकारिता की बारीकियों को समझते हुए देश-विदेश की खबरों को आप तक पहुंचाने का मेरा ये सफर काफी किस्से-कहानियों से भरा हुआ है। लखनऊ की बाबा भीम राव अंबेडकर सेंट्रल यूनिवर्सिटी के क्लासरूम में प्रोफेसरों से मिले किताबी ज्ञान और पत्रकारीय सिद्धांतों को जमीन पर उतारने का मौका मुझे 2016 में ही मिल गया। पहला ब्रेक टाइम्स ग्रुप के प्रतिष्ठित अखबार 'नवभारत टाइम्स' ने दिया। यहां बतौर इंटर्न मुझे कई सामाजिक संगठनों की रिपोर्टिंग करने का मौका मिला। दिनभर शहर में घूम-घूम कर खबरों को बटोरना और शाम होते ही उन्हें लिखकर डेस्क के हवाले करना मेरी दिनचर्या का हिस्सा हो गया। इस अनुभव ने मुझे समाज के तौर तरीकों से परिचित कराया तो न्यूजरूम में सीनियर्स से मिली डांट ने पत्रकारिता की बारीकियों और भाषाई मर्यादा को समझने में मदद की। करीब 3 से 4 महीनों की इंटर्नशिप के बाद मुझे 2017 आते-आते गांधी परिवार के गढ़ रायबरेली भेजा गया। यह समय उत्तर प्रदेश में विधानसभा चुनाव और सत्ता के बदलाव का था। यहां बतौर रिपोर्टर मैं पहली बार राजनीतिक खबरों से रूबरू हुआ। रायबरेली के मिजाज को करीब 8 महीनों तक समझने के बाद नवभारत टाइम्स ने मुझे वापस लखनऊ बुलाया और शहर की रिपोर्टिंग करने का मौका दिया। यहां विज्ञान, पर्यावरण, बाजार, लखनऊ विकास प्राधिकरण, आवास विकास और मेट्रो जैसी बीट पर जमकर काम किया। यह सफर अब पश्चिमी उत्तर प्रदेश के जिले मुरादाबाद तक पहुंच गया था, जहां मुझे दैनिक जागरण जैसे प्रतिष्ठित अखबार के लिए दो वर्षों तक रिपोर्टिंग करने का अवसर मिला। करीब दो वर्षों की पत्रकारिता के बाद अब मुझे देश की राजधानी की ओर रुख करना था और यह मौका अमर उजाला (डिजिटल) ने दिया। अखबारों की रिपोर्टिंग से निकलकर डिजिटल पत्रकारिता के अनुभव से मैं पहली बार रूबरू हो रहा था। यहां पर मुझे मेन डेस्क पर जिम्मेदारी मिली। जहां सबसे आगे रहते हुए सबसे सटीक खबरें आप तक पहुंचाना चुनौती भरा काम था, लेकिन पत्रकारिता की शुरुआत में मिले अनुभवों ने मेरा काम आसान बना दिया। यहां भी करीब दो वर्षों के बाद 2023 में मुझे टाइम्स ग्रुप से दोबारा जुड़ने का मौका मिला और टाइम्स नाउ नवभारत की मेन डेस्क पर मेरा सफर अब तक जारी है।</p>

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