राष्ट्रीय स्वयंसेवक संघ (आरएसएस) के सीनियर नेता दत्तात्रेय होसबले ने कहा है कि केंद्र सरकार नागरिकता संशोधन कानून (सीएए) को पूरी तरह से लागू करने से पीछे नहीं हटेगी, पर रास्ते में आने वाली कुछ बाधाओं को दूर करने के लिए माहौल बनाने की जरूरत है। उन्होंने आगे यह भी दावा किया कि सीएए के खिलाफ एक साजिश के तहत आंदोलन किया गया था और दुनिया भर में इसके खिलाफ गलत सूचना फैलाई गई थी।
ये बातें सोमवार (तीन जुलाई, 2023) को उन्होंने गुजरात के अहमदाबाद में एक जन सभा के दौरान कहीं। वह इस दौरान पाकिस्तान से आए हिंदू प्रवासियों को संबोधित कर रहे थे। आरएसएस महासचिव ने इस दौरान लोगों से फिर ऐसा माहौल बनाने का आग्रह किया, जो कि इस अधिनियम को "पूरी तरह से" लागू करने में केंद्र के रास्ते में आने वाली सभी बाधाओं को दूर कर दे। उन्होंने कहा कि सरकार निश्चित तौर पर इस कानून को पूरी तरह से लागू करने पर विचार कर रही है।
वैसे, सीएए का यह जिन्न ऐसे वक्त पर जगाया गया है, जब आने वाले समय में कई सारे चुनाव (विधानसभा और लोकसभा) होने हैं और इनसे पहले यूसीसी यानी यूनिफॉर्म सिविल कोड को लेकर माहौल गर्माया हुआ है। सोमवार को संसद की एक समिति ने यूसीसी पर अहम बैठक की, जिसमें विधि आयोग और विधि मंत्रालय के प्रतिनिधियों को बुलाया गया था। बीजेपी सांसद सुशील मोदी की अध्यक्षता वाली लोक शिकायत, विधि और न्याय संबंधी स्थायी समिति ने यूसीसी पर उनके विचार जानने के लिए इन प्रतिनिधियों को बुलाया था।
दरअसल, 27 जून 2023 को मध्य प्रदेश की राजधानी भोपाल में एक सभा के दौरान प्रधानमंत्री नरेंद्र मोदी ने यूसीसी की पुरजोर वकालत की थी। उन्होंने इस दौरान सवाल दागा था कि ‘‘दोहरी व्यवस्था से देश कैसे चलेगा?’’ हालांकि, ऑल इंडिया मुस्लिम पर्सनल लॉ बोर्ड की ओर से यूसीसी का पुरजोर विरोध करने का फैसला किया गया था। बोर्ड का मानना है कि भारत जैसे बहुसांस्कृतिक और विभिन्न धर्मों वाले देश में यूसीसी लागू करना यहां के लोगों के संवैधानिक अधिकारों का हनन है।
