Udit Raj : कांग्रेस नेता उदित राज का एक बयान बहुजन समाज पार्टी (बसपा) की सुप्रीमो मायावती और उनके भतीजे आकाश आनंद को काफी नाराज कर दिया है। बसपा के दोनों नेताओं ने उदित राज की गिरफ्तारी की मांग की है। मायावती और आनंद दोनों ने कड़ी प्रतिक्रिया दी है जबकि उदित राज ने कहा है कि उनके इस बयान को कांग्रेस से न जोड़ा जाए। बता दें कि उदित राज बीते सोमवार को लखनऊ में थे। इस दौरान एक प्रेस वार्ता में उन्होंने कथित तौर पर मायावती का गला घोंटने का बयान दिया।
उदित राज ने कहा, 'कृष्ण ने कहा था कि न्याय के लिए लड़ो , जरूरत पड़े तो अपने सगे संबंधियों को भी मार दो।बसपा की चीफ सुश्री मायावती जी ने जो सामाजिक आंदोलन का गला घोंटा है, अब उनका गला घोंटने का वक्त आ गया है।' अपने बयान पर बवाल मचने के बाद उदित राज ने सफाई दी है।
बसपा चीफ ने लिखा- बाबा साहेब डा. भीमराव अम्बेडकर के जीतेजी व उनके देहान्त के बाद भी, करोड़ों शोषित-पीड़ित दलितों/बहुजनों के लिए उनके आत्म-सम्मान एवं स्वाभिमान के मानवतावादी संघर्ष का हर स्तर पर तिरस्कार करने वाली खासकर कांग्रेस पार्टी कभी भी इनकी सोच-नीतियों पर खरी व विश्वसनीय नहीं हो सकती।
आकाश आनन्द ने यूपी पुलिस से 24 घंटे के अंदर उदित राज को गिरफ्तार करने की अपील की है।आकाश आनन्द ने एक्स हैंडल पर लिखा है कि 'अपने स्वार्थ में मान्यवर साहेब के मिशन को भूलकर ये चमचा आज देश के करोड़ो दलित, शोषित,वंचित गरीबों को राजनीतिक ताकि के साथ सामाजिक और आर्थिक मुक्ति दिलाने वाली मायावती को 'गला घोंटना की धमकी दे रहा है।'
24 घंटे में सजा दिलाएं-आनंद
आकाश आनन्द ने कहा कि मैं यूपी पुलिस से साफ कहना चाहता हूं कि 24 घंटे में इन अपराधियों को गिरफ्तार कर कानून के तहत कड़ी से कड़ी सजा दिलाएं, नहीं तो देश का बहुजन युवा चुप बैठने वाला नहीं है। "इनको सबक सिखाना मुझे अच्छे से आता है।" आकाश ने पुलिस को उदित राज के खिलाफ कड़ी से कड़ी कार्रवाई की मांग की है।
उदित राज पर मायावती का पलटवार
बसपा सूप्रीमो ने अपने ट्वीट में कहा, 'बाबा साहेब डा. भीमराव अम्बेडकर के जीतेजी व उनके देहान्त के बाद भी, करोड़ों शोषित-पीड़ित दलितों/बहुजनों के लिए उनके आत्म-सम्मान एवं स्वाभिमान के मानवतावादी संघर्ष का हर स्तर पर तिरस्कार करने वाली खासकर कांग्रेस पार्टी कभी भी इनकी सोच-नीतियों पर खरी व विश्वसनीय नहीं हो सकती। कुछ दलबदलू अवसरवादी व स्वार्थी दलित लोग अपने आक़ाओं को खुश करने के लिए जो अनर्गल बयानबाजी आदि करते रहते हैं उनसे भी बहुजन समाज को सावधान रहने व उन्हें गंभीरता से नहीं लेने की जरूरत है क्योंकि वे ’सामाजिक परिवर्तन व आर्थिक मुक्ति’ मूवमेन्ट से अनभिज्ञ व अपरिचित हैं।
