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पुल हादसों के नाम रहा 28 जून, बिहार में पीपे का पुल गिरा तो छत्तीसगढ़ में करोड़ों का ब्रिज स्ट्रक्चर नदी में समाया

  • Authored by: रवि वैश्य
  • Updated Jun 28, 2023, 09:46 PM IST

Bridge Collapsing News: दुर्ग जिले में शिवनाथ नदी के पास सगनी घाट में बन रहे 11.96 करोड़ रुपए की लागत से बन रहा ब्रिज का एप्रोच पहली बारिश में बह गया है, ऐसे ही बिहार के वैशाली में एक पुल पानी में बह गया।

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पुल हादसों के नाम रहा 28 जून का दिन

छत्तीसगढ़ के दुर्ग जिले में शिवनाथ नदी पर बन रहे करोड़ों के ओवरब्रिज का स्ट्रक्चर भरभरा कर गिरा, सुबह जब लोग नदी का जल स्तर देखने गए थे तभी अचानक ब्रिज का स्ट्रक्चर नदी में समा गया बताया जा रहा है कि वहां सुरक्षा के कोई पुख्ता इंतजाम नहीं थे, 400 मीटर लंबे ब्रिज के ऊपर चढ़कर लोग शिवनाथ नदी के बाढ़ के पानी को देखने के लिए पहुंचते हैं।

ब्रिज में अभी तक न तो कोई रेलिंग बनी है और न ही कोई सुरक्षा के इंतजाम हैं। पिछले साल इसी ब्रिज से दुर्ग का रहने वाला एक युवक गिर गया था और उसकी मौत हो गई थी।

बिहार के वैशाली में गंगा नदी पर बना पीपा पुल चढ़ा पानी की भेंट

बिहार के वैशाली में गंगा नदी पर बने अस्थायी पुल का हिस्सा तेज हवाओं के कारण बह गया, यह पुल राघोपुर को वैशाली जिला मुख्यालय से जोड़ता था, गंगा नदी पर निर्मित जमींदारी घाट पीपा पुल मंगलवार की दोपहर हुई तेज आंधी-बारिश में बह गया, इसके बहने से राघोपुर जिला मुख्यालय का हाजीपुर से सड़क का संपर्क भंग हो गया है वहीं अब आबादी के सामने यातायात की दिक्कत खड़ी हो गई है।

नाव पर निर्भर होने के लिए मजबूर लोग

कहा जा रहा है कि पुल बहने से लोग अब छह महीने के लिए नाव पर निर्भर होने के लिए मजबूर हो गए हैं उन्हें जान हथेली पर रखकर नाव से ही यात्रा करना मजबूरी हो गई है।

आबादी के सामने यातायात की समस्या खड़ी हो गई

वैशाली में दियारे के करीब तीन लाख आबादी रहती है और पुल के बह जाने से इस आबादी के सामने यातायात की समस्या उत्पन्न हो गई है, लोगों का कहना है कि इस बार यह पीपा पुल पांच महीने ही चल पाया। वहीं बीजेपी का आरोप है कि सरकार का 85 लाख रुपया खर्च होने के बावजूद पीपा पुल सही तरीके से सेवा प्रदान नहीं कर सका।

रवि वैश्य
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रवि वैश्य टाइम्स नाउ नवभारत डिजिटल के न्यूज डेस्क पर कार्यरत एक सीनियर जर्नलिस्ट हैं, जिन्हें पत्रकारिता में 20 वर्षों का व्यापक अनुभव हासिल है। खबरों की बारीकियों को समझने और तेजी से प्रस्तुत करने में उनकी विशेष दक्षता है। टीवी पत्रकारिता में रिपोर्टिंग और डेस्क—दोनों क्षेत्रों में अनुभव होने के कारण वे समाचारों को बहुआयामी दृष्टिकोण से देखते हैं। देश–दुनिया की ताजातरीन अपडेट्स, ब्रेकिंग न्यूज, एक्सप्लेनर और विशेष स्टोरीज तैयार करने में वे सिद्धहस्त हैं। उनकी प्राथमिकता हमेशा यही रही है कि हर खबर तेज, सटीक और जानकारीपूर्ण रूप में पाठकों तक पहुंचे। रवि वैश्य अब तक 22,000 से अधिक खबरें लिख चुके हैं, जिनमें कई एक्सक्लूसिव रिपोर्ट्स, इंटरव्यू, ग्राउंड रिपोर्ट्स, विश्लेषण और एक्सप्लेनर शामिल हैं।

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