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BRICS Summit:ब्रिक्स समिट 2026 का हुआ आधिकारिक समापन;PM मोदी बोले- बदल रही दुनिया में बढ़ी जिम्मेदारी

प्रधानमंत्री मोदी ने सदस्य देशों के सहयोग की सराहना करते हुए कहा, मुझे खुशी है कि आप सभी के सहयोग और समर्थन से हम अपने साझा दृष्टिकोण को एक 'विन-विन' (Win-Win) साझेदारी में बदलने में सफल रहे हैं।

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BRICS में पीएम मोदी का संबोधन

BRICS Summit 2026: जैसे-जैसे भू-राजनीतिक तनाव बढ़ रहे हैं और वैश्विक स्तर पर आम लोगों पर प्रतिकूल प्रभाव पड़ रहा है, प्रधानमंत्री नरेंद्र मोदी ने रविवार को कहा कि ब्रिक्स को इन चुनौतियों का सामना करने और मानवता के हित में फलने-फूलने के लिए सहयोग और समावेशी विकास के माध्यम से आगे बढ़ना होगा। भारत में आयोजित दो दिवसीय ब्रिक्स शिखर सम्मेलन के समापन सत्र में अपने संबोधन में प्रधानमंत्री ने प्रौद्योगिकी और महत्वपूर्ण खनिजों के शस्त्रीकरण पर गंभीर चिंता व्यक्त करते हुए चेतावनी दी कि यह साझा प्रगति और समृद्धि में बाधा बन सकता है।

पीएम मोदी ने आगे कहा कि वैश्विक दक्षिण के विकासशील देश ब्रिक्स पर अधिकाधिक भरोसा कर रहे हैं क्योंकि उनकी आवाज सुनी जाती है, उनके अनुभवों को महत्व दिया जाता है और समाधान उन पर थोपे जाने के बजाय उनके साथ साझेदारी में तैयार किए जाते हैं। ब्रिक्स का वार्षिक शिखर सम्मेलन - जो वैश्विक आबादी के लगभग 49.5 प्रतिशत और वैश्विक जीडीपी के 40 प्रतिशत का प्रतिनिधित्व करने वाली 11 प्रमुख उभरती अर्थव्यवस्थाओं का समूह है - रसद आपूर्ति श्रृंखलाओं, स्टार्टअप्स और संक्रामक रोग नियंत्रण के क्षेत्र में महत्वपूर्ण परिणामों के साथ समाप्त हुआ।

कहा- सहयोग के माध्यम से हम मिलकर आगे बढ़ते हैं

पीएम मोदी ने चीनी राष्ट्रपति शी जिनपिंग, रूसी राष्ट्रपति व्लादिमीर पुतिन और ईरानी राष्ट्रपति मसूद पेजेश्कियान सहित समूह के शीर्ष नेताओं की उपस्थिति में कहा, भले ही हमारी जड़ें अलग-अलग वास्तविकताओं में हों, लेकिन सहयोग के माध्यम से हम मिलकर आगे बढ़ते हैं और मानवता के लिए फलते-फूलते हैं। हमारी विविधता ही हमारी पहचान हो, हमारा सहयोग ही हमारी प्रेरणा हो और हमारी प्रगति पूरी मानवता की सेवा करे।

राजधानी दिल्ली के भारत मंडपम में आयोजित 18वें ब्रिक्स (BRICS) शिखर सम्मेलन के दूसरे दिन प्रधानमंत्री नरेंद्र मोदी ने सदस्य देशों के राष्ट्राध्यक्षों और प्रतिनिधियों को संबोधित करते हुए भारत की अध्यक्षता के विजन को रेखांकित किया। पीएम मोदी ने कहा कि भारत की अध्यक्षता में पूरा ध्यान चार मुख्य स्तंभों—रेजिलिएंस (Resilience), इनोवेशन (Innovation), कोऑपरेशन (Cooperation), और सस्टेनेबिलिटी (Sustainability) पर केंद्रित रहा है। साथ ही पीएम मोदी ने कहा कि चुनौतियों को समय रहते पहचानना होगा, और तुरंत कार्रवाई जरूरी है। उन्होंने कहा कि ब्रिक्स में वैश्विक दक्षिण का विश्वास बढ़ा है।

प्रधानमंत्री मोदी ने सदस्य देशों के सहयोग की सराहना करते हुए कहा, मुझे खुशी है कि आप सभी के सहयोग और समर्थन से हम अपने साझा दृष्टिकोण को एक 'विन-विन' (Win-Win) साझेदारी में बदलने में सफल रहे हैं।

बढ़ते भू-राजनीतिक तनाव का किया जिक्र

प्रधानमंत्री नरेंद्र मोदी ने रविवार को कहा कि बढ़ते भू-राजनीतिक तनाव का दुनियाभर में आम लोगों के जीवन पर बुरा प्रभाव पड़ रहा है और ऐसे में इन चुनौतियों से निपटने और खासकर ग्लोबल साउथ में समावेशी विकास को बढ़ावा देने के लिए ब्रिक्स देशों को एकजुट होकर काम करना होगा। ग्लोबल साउथ शब्द का इस्तेमाल आम तौर पर आर्थिक रूप से कम विकसित देशों को संदर्भित करने के लिए किया जाता है।

ब्रिक्स शिखर सम्मेलन को संबोधित करते हुए प्रधानमंत्री ने 'प्रौद्योगिकी और महत्वपूर्ण खनिजों को रणनीतिक दबाव बनाने के साधन के रूप में इस्तेमाल करने' को लेकर भी गंभीर चिंता जताई। उन्होंने कहा कि ऐसा होने से साझा प्रगति और समृद्धि की राह में बाधा आ सकती है। पीएम मोदी ने यह टिप्पणी ब्रिक्स समूह के प्रमुख नेताओं की मौजूदगी में की। इनमें चीन के राष्ट्रपति शी चिनफिंग, रूस के राष्ट्रपति व्लादिमीर पुतिन, ईरान के राष्ट्रपति मसूद पेजेश्कियन, मलेशिया के प्रधानमंत्री अनवर इब्राहिम और इंडोनेशिया के राष्ट्रपति प्रबोवो सुबियांतो शामिल थे।

लचीलापन, नवाचार, सहयोग और वहनीयता

प्रधानमंत्री ने कहा, भारत की अध्यक्षता में हमने अपने प्रयासों को चार स्तंभों- लचीलापन, नवाचार, सहयोग और वहनीयता पर केंद्रित किया है। मुझे खुशी है कि आपके सहयोग और समर्थन से हम अपनी साझा सोच को ऐसी स्थिति में बदलने में सफल रहे हैं, जिसमें सभी पक्षों को लाभ हो। पीएम मोदी ने बढ़ते भू-राजनीतिक तनाव और दुनियाभर में आम लोगों के जीवन पर इसके बुरे असर का भी जिक्र किया। उन्होंने कहा, दुनिया में बढ़ते तनाव का आम लोगों के जीवन पर गंभीर नकारात्मक प्रभाव पड़ रहा है। महामारियों, जलवायु संबंधी आपदाओं और आपूर्ति श्रृंखला में व्यवधानों ने यह साबित किया है कि आज की परस्पर जुड़ी दुनिया में कोई भी संकट केवल एक क्षेत्र तक सीमित नहीं रहता।

उन्होंने कहा, इसीलिए हमने ब्रिक्स समूह के भीतर लचीलापन बढ़ाने पर विशेष जोर दिया है। यह भी उतना ही जरूरी है कि चुनौतियों की समय रहते पहचान की जाए, उनके लिए तैयार रहा जाए और तत्काल कार्रवाई की जाए। उन्होंने कहा, इसी दृष्टिकोण के तहत संक्रामक रोगों की रोकथाम और उनसे निपटने के लिए ब्रिक्स एकीकृत प्रारंभिक चेतावनी प्रणाली को लेकर आम सहमति बनी है। पीएम मोदी ने कहा कि प्रारंभिक चेतावनी से जुड़े आंकड़ों को एकीकृत करने की व्यवस्था के लिए दिशा-निर्देश भी तैयार किए गए हैं।

उन्होंने कहा कि ब्रिक्स लॉजिस्टिक आपूर्ति श्रृंखला सहयोग ढांचा हमारी आपूर्ति श्रृंखलाओं को अधिक विश्वसनीय और मजबूत बनाने में मदद करेगा। उन्होंने कहा कि नवाचार के क्षेत्र में ब्रिक्स इनक्यूबेटर नेटवर्क हमारे स्टार्टअप और इनक्यूबेटर्स को आपस में जोड़ेगा। इनक्यूबेटर से मतलब ऐसे संस्थानों या संगठनों से है जो नए स्टार्टअप को शुरुआती दौर में मार्गदर्शन, तकनीकी सहायता, विशेषज्ञ सलाह, संसाधन और निवेश से जुड़ने में मदद करते हैं। प्रधानमंत्री ने कहा कि ग्लोबल साउथ के सामने मौजूद चुनौतियों से निपटने के लिए ब्रिक्स देशों को मिलकर काम करना होगा। उन्होंने कहा कि ग्लोबल साउथ का ब्रिक्स पर भरोसा बढ़ा है।

ब्रिक्स का हुआ आधिकारिक समापन

ब्रिक्स समिट 2026 के समापन सत्र को संबोधित करते हुए प्रधानमंत्री नरेंद्र मोदी ने सभी सदस्य देशों के नेताओं और प्रतिनिधियों का उनके सक्रिय सहयोग और बहुमूल्य योगदान के लिए आभार जताया। उन्होंने कहा कि 18वां ब्रिक्स शिखर सम्मेलन अब समापन की ओर बढ़ रहा है और सम्मेलन में सभी देशों की भागीदारी ने इसे सार्थक बनाने में अहम भूमिका निभाई। पीएम मोदी ने कहा कि शिखर सम्मेलन के दौरान सामने आए महत्वपूर्ण विचारों और सुझावों ने ब्रिक्स सहयोग को नई दिशा देने के साथ-साथ इसे और व्यापक और मजबूत बनाने में मदद की है। सदस्य देशों के नेताओं की सक्रिय भागीदारी और उनके विचारों से न केवल आपसी सहयोग को मजबूती मिली, बल्कि भविष्य में साथ मिलकर काम करने की नई संभावनाएं भी सामने आई हैं।

उन्होंने कहा कि सम्मेलन में सभी नेताओं की मौजूदगी ब्रिक्स की बढ़ती प्रासंगिकता, खुलेपन और समावेशिता को दर्शाती है। बदलती वैश्विक परिस्थितियों के बीच ब्रिक्स की भूमिका लगातार महत्वपूर्ण हो रही है और सदस्य देशों की सक्रिय भागीदारी इस बात का प्रमाण है कि समूह वैश्विक चुनौतियों पर मिलकर काम करने के लिए प्रतिबद्ध है।

प्रधानमंत्री ने सभी देशों के योगदान के लिए आभार व्यक्त करते हुए कहा कि उनकी उपस्थिति और सहभागिता ने ब्रिक्स सहयोग को और प्रभावी बनाने में मदद की है। उन्होंने जोर देकर कहा कि दुनिया अब ब्रिक्स से सिर्फ वादे नहीं, बल्कि ठोस नतीजे चाहती है।

पीएम मोदी ने क्या-क्या कहा?

  • हमने ब्रिक्स देशों के बीच लचीलापन बढ़ाने की आवश्यकता पर जोर दिया
  • महत्वपूर्ण खनिजों का शस्त्रीकरण साझा विकास में बाधा उत्पन्न कर सकता है
  • ब्रिक्स की अध्यक्षता करते हुए, भारत ने चार स्तंभों पर ध्यान केंद्रित किया: लचीलापन, नवाचार, सहयोग और स्थिरता
  • ब्रिक्स में वैश्विक दक्षिण का विश्वास बढ़ा है
  • विश्व में बढ़ते तनाव का आम लोगों के जीवन पर महत्वपूर्ण नकारात्मक प्रभाव पड़ रहा है
  • संक्रामक रोगों की रोकथाम और प्रतिक्रिया के लिए ब्रिक्स प्रारंभिक चेतावनी प्रणाली पर सहमति बनी
  • आपदा प्रबंधन के लिए, प्रारंभिक चेतावनी डेटा एकीकरण दिशानिर्देश तैयार किए गए हैं
  • ब्रिक्स लॉजिस्टिक सप्लाई चेन सहयोग ढांचा हमारी सप्लाई चेन को अधिक विश्वसनीय और लचीला बनाने में मदद करेगा

18वां ब्रिक्स शिखर सम्मेलन 2026

भारत 12 और 13 सितंबर 2026 को नई दिल्ली में 18वें ब्रिक्स शिखर सम्मेलन की अध्यक्षता कर रहा है। यह चौथा मौका है जब भारत ने ब्रिक्स की कमान संभाली है (इससे पहले 2012, 2016 और 2021 में)। इस वर्ष भारत की अध्यक्षता का विषय "Building for Resilience, Innovation, Cooperation, and Sustainability" रखा गया है।

विस्तारित ब्रिक्स (BRICS+)

इस सम्मेलन में मूल सदस्यों (ब्राजील, रूस, भारत, चीन, दक्षिण अफ्रीका) के साथ नए जुड़े सदस्य देश (मिस्र, इथियोपिया, ईरान, संयुक्त अरब अमीरात, सऊदी अरब, इंडोनेशिया) और पार्टनर देशों के प्रमुख हिस्सा ले रहे हैं। भारत की अध्यक्षता में इस वर्ष लगभग 400 से अधिक बैठकें आयोजित की गईं। सम्मेलन के पहले दिन 'नई दिल्ली घोषणापत्र' (New Delhi Declaration) को अपनाया गया, जिसमें संयुक्त राष्ट्र सुरक्षा परिषद (UNSC) में सुधार, अंतरराष्ट्रीय वित्तीय संस्थानों (IMF/World Bank) में बदलाव और ग्लोबल साउथ की आवाज को मजबूत करने पर सर्वसम्मति बनी।

Amit Mandal
अमित कुमार मंडलauthor

अमित मंडल टाइम्स नाउ नवभारत डिजिटल में न्यूज डेस्क पर Assistant Editor के रूप में काम कर रहे हैं। प्रिंट, टीवी और डिजिटल—तीनों माध्यमों में कुल मिलाकर 15 सालों से अधिक का अनुभव उन्हें खबरों को देखने की व्यापक दृष्टि देता है। ब्रेकिंग न्यूज, लाइव ब्लॉग, स्पेशल स्टोरीज और एक्सप्लेनेर फॉर्मेट पर उनकी मजबूत पकड़ है। एंगल चुनने की कला, खबरों की गति को समझना और समय पर सही जानकारी पहुंचाना—ये उनकी सबसे बड़ी खूबियां हैं। अमित अपने करियर में करीब 20 हजार से अधिक न्यूज आर्टिकल, एनालिसिस और एक्सप्लेनर पब्लिश कर चुके हैं।

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