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BRICS Summit: भरतनाट्यम, कुचिपुड़ी, ओडिशी-कथक, समिट को खास बनाएंगे भारतीय शास्त्रीय नृत्य, 160 कलाकार देंगे प्रस्तुतियां

कलाकार समूह में करीब 160 सदस्य होंगे, जिसमें भारतीय नर्तक और संगीतकार प्रस्तुति दल का मुख्य हिस्सा होंगे। एक अन्य व्यक्ति ने बताया कि योजना के अनुसार, भारतीय कलाकार भारत के विभिन्न क्षेत्रों का प्रतिनिधित्व करते हुए भरतनाट्यम, कुचिपुड़ी, ओडिशी और कथक जैसे शास्त्रीय नृत्य प्रस्तुत करेंगे।

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ब्रिक्स समिट 2026

BRICS Summit 2026 : 'ब्रिक्स’ के अन्य सदस्य देशों के कलाकारों के साथ मुख्य रूप से भारत के 100 से अधिक कलाकारों का एक समूह उस विशेष रात्रिभोज में प्रस्तुति देगा जिसकी मेजबानी प्रधानमंत्री नरेन्द्र मोदी यहां भारत मंडपम में ब्रिक्स शिखर सम्मेलन के उद्घाटन दिवस पर विभिन्न देशों के नेताओं के लिए करेंगे। भारत 12-13 सितंबर को मध्य दिल्ली स्थित विशाल भारत मंडपम में ’ब्रिक्स’ शिखर सम्मेलन की मेजबानी कर रहा है। इसमें चीन के राष्ट्रपति शी चिनफिंग, रूस के राष्ट्रपति व्लादिमीर पुतिन और कई अन्य राष्ट्राध्यक्षों सहित कई शीर्ष गणमान्य व्यक्ति शामिल होंगे।

रात्रिभोज में 'ब्रिक्स सांस्कृतिक कार्यक्रम’

मामले से परिचित एक व्यक्ति ने 'पीटीआई-भाषा’ को से कहा, ’कलाकारों का एक बड़ा दल (जिसमें मुख्य रूप से भारत के शास्त्रीय नर्तक और संगीतकार तथा ब्रिक्स के अन्य सदस्य देशों के संगीतकार शामिल होंगे) 12 सितंबर को शिखर सम्मेलन के उद्घाटन दिवस पर भारत मंडपम में प्रधानमंत्री द्वारा आमंत्रित नेताओं के लिए आयोजित रात्रिभोज में 'ब्रिक्स सांस्कृतिक कार्यक्रम’ प्रस्तुत करेगा।’

कलाकार समूह में करीब 160 सदस्य

उन्होंने बताया कि इस कलाकार समूह में करीब 160 सदस्य होंगे, जिसमें भारतीय नर्तक और संगीतकार प्रस्तुति दल का मुख्य हिस्सा होंगे। एक अन्य व्यक्ति ने बताया कि योजना के अनुसार, भारतीय कलाकार भारत के विभिन्न क्षेत्रों का प्रतिनिधित्व करते हुए भरतनाट्यम, कुचिपुड़ी, ओडिशी और कथक जैसे शास्त्रीय नृत्य प्रस्तुत करेंगे, जबकि संगीतकार देश के पारंपरिक वाद्य यंत्र भी बजाएंगे। इसमें ब्रिक्स समूह के कुछ अन्य सदस्य देशों के संगीतकार भी शामिल होंगे।

प्रस्तुति की अवधि करीब 20-25 मिनट

मामले से परिचित व्यक्ति ने बताया कि इस प्रस्तुति की अवधि करीब 20-25 मिनट होगी और इसमें बीच-बीच में गायन प्रस्तुतियां भी शामिल होंगी।

उन्होंने बताया कि कलाकारों के दल में शामिल भारतीय सदस्य कार्यक्रम की तैयारी के लिए पिछले दो दिनों से रिहर्सल कर रहे हैं। प्रस्तावित कार्यक्रम का संचालन विदेश मंत्रालय (एमईए) के सांस्कृतिक विभाग भारतीय सांस्कृतिक संबंध परिषद (आईसीसीआर) द्वारा किया जा रहा है। भारत ब्रिक्स का संस्थापक सदस्य है और इससे पहले 2012, 2016 और 2021 में तीन बार इसकी अध्यक्षता कर चुका है।

बड़ी संख्या में बैठकों की भारत ने की मेजबानी

भारत ने एक जनवरी को चौथी बार ब्रिक्स की अध्यक्षता संभाली और तब से उसने वित्त, पर्यावरण, कूटनीति, कानून, संस्कृति और पर्यटन जैसे विभिन्न विषयों के तहत बड़ी संख्या में बैठकों की मेजबानी की है। भारत ने 14-15 मई को विदेश मंत्री एस. जयशंकर की अध्यक्षता में ब्रिक्स विदेश मंत्रियों की बैठक की मेजबानी की थी। 'समन्वय’विषय के तहत आईसीसीआर ने 14 मई को भारत मंडपम में जयशंकर की मेजबानी में आयोजित ब्रिक्स सांस्कृतिक कार्यक्रम और रात्रिभोज में मेहमानों का स्वागत किया था। ब्रिक्स के मूल सदस्य ब्राजील, रूस, भारत, चीन और दक्षिण अफ्रीका हैं। वर्ष 2024 में इसका विस्तार हुआ और इसमें मिस्र, इथियोपिया, ईरान, संयुक्त अरब अमीरात (यूएई) और सऊदी अरब शामिल हुए, जबकि इंडोनेशिया 2025 में इसका सदस्य बना।

इसलिए अहम है ब्रिक्स

पिछले साल बेलारूस, बोलीविया, कजाकिस्तान, क्यूबा, मलेशिया, नाइजीरिया, थाईलैंड, युगांडा, उज्बेकिस्तान और वियतनाम ब्रिक्स के साझेदार देश बने। यह समूह दुनिया की 11 प्रमुख उभरती अर्थव्यवस्थाओं को एक साथ लाने के कारण एक प्रभावशाली संगठन के रूप में उभरा है। ये देश वैश्विक आबादी के करीब 49.5 प्रतिशत, विश्व के सकल घरेलू उत्पाद (जीडीपी) के लगभग 40 प्रतिशत और वैश्विक व्यापार के करीब 26 प्रतिशत का प्रतिनिधित्व करते हैं। वर्ष 2026 एक और महत्वपूर्ण पड़ाव है, क्योंकि इसी साल ब्रिक्स की स्थापना के 20 वर्ष पूरे हो रहे हैं। प्रधानमंत्री मोदी ने बृहस्पतिवार को एक वीडियो साझा किया जिसमें सजे हुए भारत मंडपम और विशाल सम्मेलन की तैयारियों से जुड़े दृश्यों का संकलन दिखाया गया है।

Alok Rao
आलोक कुमार रावauthor

19 वर्षों से मीडिया जगत में सक्रिय आलोक राव ने प्रिंट, न्यूज एजेंसी, टीवी और डिजिटल चारों ही माध्यमों में काम किया है। इस लंबे अनुभव ने उन्हें समाचारों की समझ, प्रेजेंटेशन, डिटेलिंग और न्यूजरूम डायनेमिक्स में असाधारण दक्षता प्रदान की है। राष्ट्रीय एवं अंतरराष्ट्रीय घटनाक्रमों में विशेष रुचि रखने के साथ-साथ जियो-पॉलिटिक्स एवं डिफेंस की स्टोरीज में इनकी खासी दिलचस्पी है। आलोक ने अलग-अलग माध्यमों में काम करते हुए समाचारों की समझ, प्रस्तुति और विश्लेषण में मजबूत दक्षता विकसित की है और अब तक 25,000 से अधिक आर्टिकल तैयार कर चुके हैं। तथ्यों की गहन जांच, मजबूत न्यूज सेंस और तेज निर्णय क्षमता उनकी पत्रकारिता की प्रमुख खासियतें हैं।

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