Ravindra Waikar gets Big Relief: शिवसेना (शिंदे गुट) सांसद रवींद्र वायकर को हाईकोर्ट से बड़ी राहत मिली है। बॉम्बे हाईकोर्ट ने सांसद रवींद्र वायकर की जीत को चुनौती देने वाले शिवसेना (यूटीबी) के उम्मीदवार अमोल कीर्तिकर की याचिका को खारिज कर दिया। कीर्तिकर ने आरोप लगाया था कि वोटों की गिनती में हेरफेर करके रवींद्र वायकर को विजेता घोषित किया गया था। यह फैसला जस्टिस संदीप मार्ने की एकल पीठ ने दिया। कोर्ट ने अमोल कीर्तिकर की याचिका खारिज कर दी। उत्तर-पश्चिम लोकसभा क्षेत्र से शिवसेना के अमोल कीर्तिकर की जीत तय मानी जा रही थी। लेकिन पोस्टल काउंटिंग में वायकर को 48 वोटों से विजेता घोषित कर दिया गया।
शिवसेना सांसद रवींद्र वायकर को बड़ी राहत
बंबई उच्च न्यायालय ने 2024 के लोकसभा चुनाव में प्रतिद्वंद्वी शिवसेना प्रत्याशी रवींद्र वायकर की जीत को चुनौती देने वाली शिवसेना (उबाठा) नेता अमोल कीर्तिकर की याचिका बृहस्पतिवार को खारिज कर दी। कीर्तिकर ने अपनी चुनाव याचिका में उच्च न्यायालय से मुंबई उत्तर-पश्चिम निर्वाचन क्षेत्र से सांसद के रूप में वायकर के निर्वाचन को रद्द करने तथा उसे ‘अमान्य’ घोषित करने की मांग की थी।
अमोल कीर्तिकर ने याचिका में क्या कुछ कहा था?
उन्होंने उक्त निर्वाचन क्षेत्र से खुद को विधिवत निर्वाचित घोषित किये जाने का अदालत से अनुरोध भी किया था। न्यायमूर्ति संदीप मार्ने ने कहा कि याचिका खारिज की जाती है। उद्धव ठाकरे की अगुवाई वाली शिवसेना (उबाठा) से जुड़े कीर्तिकर ने अपनी याचिका में दावा किया कि मतगणना के दिन ही उन्होंने मतों की पुनर्गणना के लिए आवेदन दायर किया था, क्योंकि इसमें विसंगति थी।
कीर्तिकर इस साल के प्रारंभ में लोकसभा चुनाव में एकनाथ शिंदे की अगुआई वाली शिवसेना के वायकर से 48 वोट के मामूली अंतर से हार गए थे। वायकर को 4,52,644 वोट, जबकि कीर्तिकर को 4,52,596 वोट मिले थे। शिवसेना (उबाठा) नेता ने अपनी याचिका में दावा किया कि मतगणना प्रक्रिया पूरी करने के लिए नियुक्त चुनाव अधिकारियों की ओर से कई स्पष्ट और गंभीर खामियां की गयी थीं, जिसके कारण चुनाव परिणाम प्रभावित हुए।
