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CONG के खिलाफ BJP की 'कांग्रेस फाइल्स', पहले ऐपिसोड में 48,20,69,00,00,000 रुपये के घोटालों का जिक्र

  • Authored by: प्रांजुल श्रीवास्तव
  • Updated Apr 2, 2023, 03:11 PM IST

Congress Files: भाजपा की ओर से जारी कांग्रेस फाइल्स में कहा गया है कि कांग्रेस की सरकार में इतने घोटाले किए, जिससे यह घोटालों की सरकार ही बन गई। कांग्रेस की सरकार में हुए घोटालों से देश की प्रगति व सुरक्षा प्रभावित हुई। इन घोटालों की रकम से इतने में 24 आईएनएस विक्रांत, 20 राफेल विमान और 1000 मंगल मिशन खरीदे या बनाए जा सकते थे।

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भाजपा ने जारी किया कांग्रेस फाइल्स का पहला एपिसोड (स्क्रीनग्रैब-@BJP4India )

Photo : Twitter

BJP Vs Congress: भारतीय जनता पार्टी ने कांग्रेस पार्टी पर एक बार फिर से करारा हमला बोला है। इस बार पार्टी की ओर से कांग्रेस की यूपीए सरकार के दौरान हुए घोटालों और भ्रष्टाचार को लेकर खास तरह से हमला किया गया है। भाजपा की ओर से 'कांग्रेस मतलब करप्शन' नाम की एक सिरीज लॉन्च की गई है, जिसके पहले एपिसोड में भाजपा ने यूपीए सरकार के शासन में हुए 48,20,69,00,00,000 रुपये के घोटालों का जिक्र किया है।

भाजपा की ओर से अपने ट्विटर हैंडल पर इसका एक वीडियो भी साझा किया गया है, जिसमें कांग्रेस के शासन के 70 साल के दौरान हुए घोटालों का जिक्र है। इस वीडियो में कहा गया है कि पार्टी ने 70 साल में देश की जनता की गाढ़ी कमाई से 48 खबर 20 अरब 69 कराड़ रुपये लूटे हैं। इतने पैसे से देश की सुरक्षा से लेकर प्रगति के काफी काम किए जा सकते थे।

यहां देखें कांग्रेस फाइल्स का वीडियो-

इतना पैसा की जुबां भी लड़खड़ा जाए

वीडियो की शुरुआत में बताया गया है कि यह भाजपा की ओर से कांग्रेस मतलब करप्शन सिरीज का पहला एपिसोड है। इसमें कहा गया है कि 48 खरब 20 अरब 69 करोड़ रुपये इतनी बड़ी रकम है, जिसे बोलते हुए जुबां भी लड़खड़ा जाए। यह किसी छोटे देश की अर्थव्यवस्था या किसी विकास योजना की धनराशि नहीं, बल्कि आपकी जेब से लूटा हुआ पैसा है। इसके लूट नहीं बल्कि डकैती कहना ज्यादा सही है।

25 INS विक्रांत और 20 राफेल खरीदे जा सकते थे

वीडियो में कहा गया है कि इस रकम से देश की सुरक्षा और प्रगति के न जाने कितने काम किए जा सकते थे। इतने में 24 आईएनएस विक्रांत, 20 राफेल विमान और 1000 मंगल मिशन बनाए जा सकते थे, लेकिन कांग्रेस है तो बंटाधार तो होना ही था। कांग्रेस के घोटालों और भ्रष्टाचार की कीमत देश को चुकानी पड़ी।

2004 से 2014 तक के घोटालों का जिक्र

वीडियो में कहा गया है कि हम बात 2004 से 2014 की बात करेंगे, जब कांग्रेस की यूपीए सरकार सत्ता में थी। इसके मुखिया थे डॉ मनमोहन सिंह। ये भले मानुष इतने भले थे कि इनके शासन में घोटाले होते रहे और ये नीरो की तरह चैन की बांसुरी बजाते रहे। यूपीए शासन में आकाश से पाताल तक जमकर घोटोले हुए। यह घोटालों की सरकार ही बन गई। एक लाख 86 हजार करोड़ का कोयला घोटाला, एक लाख 76 हजार करोड़ का 2जी स्पेक्ट्रम घोटाला। 10 हजार करोड़ का मनरेगा घोटाला। 70 हजार करोड़ का कॉमनवेल्थ घोटाला। इटरी से 12 हेलिकॉप्टर के सौदे में 362 करोड़ रुपये की रिश्वत, रेलवे बोर्ड के चेयरमैन की कुर्सी के लिए 12 करोड़ का घूसकांड।

ये तो सिर्फ झांकी है....

वीडियो में कहा गया है कि जल्द ही 'कांग्रेस मतलब करप्शन' सिरीज का जल्द ही दूसरा एपिसोड भी भाजपा लॉन्च करेगी। इसमें कहा गया है कि कांग्रेस के घोटालों की यह सिर्फ झांकी है, पिक्चर अभी बांकी है।
प्रांजुल श्रीवास्तव
प्रांजुल श्रीवास्तवauthor

<p>मैं इस वक्त टाइम्स नाउ नवभारत से जुड़ा हुआ हूं। पत्रकारिता के 8 वर्षों के तजुर्बे में मुझे और मेरी भाषाई समझ को गढ़ने और तराशने में कई वरिष्ठ पत्रकारों और संपादकों का योगदान रहा। 2016 में उत्तर प्रदेश की राजधानी लखनऊ से शुरू हुआ यह सफर देश की राजधानी दिल्ली में 'टाइम्स नाउ नवभारत' तक आ पहुंचा है। अखबारों में रिपोर्टिंग करते हुए शहरों की धूल फांकना और डिजिटल पत्रकारिता की बारीकियों को समझते हुए देश-विदेश की खबरों को आप तक पहुंचाने का मेरा ये सफर काफी किस्से-कहानियों से भरा हुआ है। लखनऊ की बाबा भीम राव अंबेडकर सेंट्रल यूनिवर्सिटी के क्लासरूम में प्रोफेसरों से मिले किताबी ज्ञान और पत्रकारीय सिद्धांतों को जमीन पर उतारने का मौका मुझे 2016 में ही मिल गया। पहला ब्रेक टाइम्स ग्रुप के प्रतिष्ठित अखबार 'नवभारत टाइम्स' ने दिया। यहां बतौर इंटर्न मुझे कई सामाजिक संगठनों की रिपोर्टिंग करने का मौका मिला। दिनभर शहर में घूम-घूम कर खबरों को बटोरना और शाम होते ही उन्हें लिखकर डेस्क के हवाले करना मेरी दिनचर्या का हिस्सा हो गया। इस अनुभव ने मुझे समाज के तौर तरीकों से परिचित कराया तो न्यूजरूम में सीनियर्स से मिली डांट ने पत्रकारिता की बारीकियों और भाषाई मर्यादा को समझने में मदद की। करीब 3 से 4 महीनों की इंटर्नशिप के बाद मुझे 2017 आते-आते गांधी परिवार के गढ़ रायबरेली भेजा गया। यह समय उत्तर प्रदेश में विधानसभा चुनाव और सत्ता के बदलाव का था। यहां बतौर रिपोर्टर मैं पहली बार राजनीतिक खबरों से रूबरू हुआ। रायबरेली के मिजाज को करीब 8 महीनों तक समझने के बाद नवभारत टाइम्स ने मुझे वापस लखनऊ बुलाया और शहर की रिपोर्टिंग करने का मौका दिया। यहां विज्ञान, पर्यावरण, बाजार, लखनऊ विकास प्राधिकरण, आवास विकास और मेट्रो जैसी बीट पर जमकर काम किया। यह सफर अब पश्चिमी उत्तर प्रदेश के जिले मुरादाबाद तक पहुंच गया था, जहां मुझे दैनिक जागरण जैसे प्रतिष्ठित अखबार के लिए दो वर्षों तक रिपोर्टिंग करने का अवसर मिला। करीब दो वर्षों की पत्रकारिता के बाद अब मुझे देश की राजधानी की ओर रुख करना था और यह मौका अमर उजाला (डिजिटल) ने दिया। अखबारों की रिपोर्टिंग से निकलकर डिजिटल पत्रकारिता के अनुभव से मैं पहली बार रूबरू हो रहा था। यहां पर मुझे मेन डेस्क पर जिम्मेदारी मिली। जहां सबसे आगे रहते हुए सबसे सटीक खबरें आप तक पहुंचाना चुनौती भरा काम था, लेकिन पत्रकारिता की शुरुआत में मिले अनुभवों ने मेरा काम आसान बना दिया। यहां भी करीब दो वर्षों के बाद 2023 में मुझे टाइम्स ग्रुप से दोबारा जुड़ने का मौका मिला और टाइम्स नाउ नवभारत की मेन डेस्क पर मेरा सफर अब तक जारी है।</p>

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