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'जेल वाला CM अब बेल वाला हो गया' केजरीवाल की जमानत BJP ने साधा निशाना

दिल्ली के सीएम अरविंद केजरीवाल को जमानत मिलने के बाद अब बीजेपी ने उन पर हमला बोला है। भाजपा प्रवक्ता गौरव भाटिया ने कहा कि कोर्ट की सशर्त जमानत के बाद केजरीवाल को सीएम पद से इस्तीफा देना चाहिए। उन्होंने कहा कि यह जो फटकार (अदालत की) लगी है, जो सशर्त जमानत मिली है... हम मांग करते हैं कि ‘कट्टर बेईमान, पापी’ अरविंद केजरीवाल मुख्यमंत्री पद से इस्तीफा दें।

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बीजेपी राष्ट्रीय प्रवक्ता गौरव भाटिया ने केजरीवाल की बेल पर साधा निशाना

Photo : टाइम्स नाउ डिजिटल

BJP Press Conference: भारतीय जनता पार्टी (BJP) ने शुक्रवार को कहा कि दिल्ली के मुख्यमंत्री अरविंद केजरीवाल को तत्काल अपने पद से इस्तीफा दे देना चाहिए क्योंकि उच्चतम न्यायालय ने उन्हें केवल सशर्त जमानत दी है और वह आबकारी नीति घोटाले से जुड़े भ्रष्टाचार के मामले में आरोपी बने रहेंगे। पार्टी के राष्ट्रीय प्रवक्ता गौरव भाटिया ने यहां भाजपा मुख्यालय में पत्रकारों को संबोधित करते हुए कहा कि जेल वाला सीएम अब बेल वाला हो गया है क्योंकि उन्हें सशर्त जमानत मिली है और वह भी 10 लाख का मुचलका भरकर। उन्हें राहत नहीं मिली है ना ही वह आरोप मुक्त हुए हैं। इसका मतलब है कि मामले में आधार, साक्ष्य और प्रमाण हैं। इसीलिए प्रथम दृश्य मुकदमा चलना चाहिए।

कोर्ट केजरीवाल को दिखाया आइना- गौरव भाटिया

गौरव भाटिया ने कहा कि उच्चतम न्यायालय ने कट्टर बेईमान अरविंद केजरीवाल को जमानत देते हुए आइना दिखाया है। केजरीवाल को तुरंत पद से इस्तीफा दे देना चाहिए।भाजपा की यह प्रतिक्रिया केंद्रीय अन्वेषण ब्यूरो (CBI) की ओर से दर्ज मामले में केजरीवाल को शीर्ष अदालत द्वारा जमानत दिए जाने के बाद आई है। न्यायमूर्ति सूर्यकांत और न्यायमूर्ति उज्ज्वल भुइयां की पीठ ने केजरीवाल को 10 लाख रुपये के मुचलके और दो जमानत राशियों पर जमानत दी और कहा कि लंबे समय तक जेल में रखना स्वतंत्रता से अन्यायपूर्ण तरीके से वंचित करने के समान है।

सुनवाई के दौरान अदालत की ओर से की गई कुछ टिप्पणियों का हवाला देते हुए भाटिया ने कहा कि मुख्यमंत्री संवैधानिक पद पर बैठे हैं लेकिन वह मुख्यमंत्री कार्यालय नहीं जा सकेंगे। भाटिया ने कहा कि इतना ही नहीं उन्हें प्रत्येक सोमवार और बृहस्पतिवार को मामले के अन्वेषण अधिकारी (आईओ) के समक्ष हाजिरी लगानी होगी। भाटिया ने कहा कि वह (केजरीवाल) किस निम्न स्तर पर भारतीय राजनीति को लेकर आए हैं। सोमवार और बृहस्पतिवार को 10 से 11:00 बजे आईओ के सामने खड़े होंगे। यह दिल्ली की जनता बर्दाश्त नहीं करेगी। दिल्ली के लोगों को एक बेहतर मुख्यमंत्री की जरूरत है। ऐसा नहीं जो भ्रष्टाचार का आरोपी हो जैसा कि केजरीवाल हैं।

पार्टी के राष्ट्रीय प्रवक्ता ने कहा कि वह अभियुक्त हैं। उनके खिलाफ मुकदमा चल रहा है। क्या दिल्ली को ऐसा मुख्यमंत्री चाहिए? यह वही पापी आप (आम आदमी पार्टी) है, जिसके रग-रग में एक-एक बूंद में भ्रष्टाचार भरा है। मुख्यमंत्री बेल वाला, पूर्व डिप्टी सीएम मनीष सिसोदिया बेल वाले, नेता संजय सिंह बेल वाले... यह कैसी पार्टी है भाई। कोई नैतिकता नहीं बची है?

21 मार्च को आबकारी नीति मामले में केजरीवाल हुए थे गिरफ्तार

प्रवर्तन निदेशालय (ED) ने 21 मार्च को आबकारी नीति मामले में केजरीवाल को गिरफ्तार किया था। उन्हें लोकसभा चुनाव में प्रचार के लिए 10 मई को अंतरिम जमानत दी गई थी और दो जून को आत्मसमर्पण करने के बाद से वह जेल में हैं। शीर्ष अदालत ने केजरीवाल को मामले के संबंध में कोई सार्वजनिक टिप्पणी नहीं करने का निर्देश दिया और कहा कि ईडी मामले में लागू नियम व शर्तें इस मामले में भी लागू रहेंगी। शीर्ष अदालत ने ईडी मामले में उन्हें जमानत देते हुए कहा था कि केजरीवाल अपने कार्यालय या दिल्ली सचिवालय नहीं जा सकते और जब किसी बहुत जरूरी मामले में ऐसा करना हो तो उन्हें उपराज्यपाल से मंजूरी लेनी होगी। भाटिया ने कहा कि ऐसा लगता है केजरीवाल कुर्सी पर फेविकोल डालकर बैठे हैं और उन्होंने तय कर रखा है कि कुछ भी हो जाए पद नहीं छोड़ेंगे।

उन्होंने कहा कि यह जो फटकार (अदालत की) लगी है, जो सशर्त जमानत मिली है... हम मांग करते हैं कि ‘कट्टर बेईमान, पापी’ अरविंद केजरीवाल मुख्यमंत्री पद से इस्तीफा दें। वरना जनता के पास बहुत ताकत है। आप देखिएगा, वह भी दिन आएगा जब वह इस्तीफा देंगे। भाटिया ने कहा कि केजरीवाल पहले कहा करते थे कि अगर किसी पर आरोप भी लग जाए तो उसे तुरंत अपने पद से इस्तीफा दे देना चाहिए। उन्होंने कहा कि लेकिन उनसे नैतिकता की उम्मीद नहीं की जा सकती। एक दिन भी अगर कोई मुख्यमंत्री जेल में हो तो वह बहुत है इस्तीफा देने के लिए।

केजरीवाल बार-बार अपनी गिरफ्तारी को ठहराते रहे है अवैध

भाजपा प्रवक्ता ने पश्चिम बंगाल की मुख्यमंत्री ममता बनर्जी की ओर से कोलकाता के आरजी कर बलात्कार-हत्या मामले में बृहस्पतिवार को की गई इस्तीफे की पेशकश का जिक्र करते हुए कहा कि इसी प्रकार अरविंद केजरीवाल को भी झुकगा पड़ेगा। पीठ ने अपने फैसले में कहा कि अपीलकर्ता की गिरफ्तारी अवैध नहीं थी और जांच के उद्देश्य से किसी ऐसे व्यक्ति को गिरफ्तार करने में कोई बाधा प्रतीत नहीं होती, जो पहले से ही किसी अन्य मामले में हिरासत में हो। भाटिया ने कहा कि केजरीवाल बार-बार अपनी गिरफ्तारी को अवैध ठहराते रहे हैं जबकि आज अदालत ने भी उन्हें गलत साबित कर दिया। अदालत की ओर से केंद्रीय अन्वेषण ब्यूरो (सीबीआई) के लिए ‘पिंजरे का तोता’ वाली टिप्पणी के बारे पूछे जाने पर भाटिया ने कहा कि उसे कांग्रेस ने ऐसा बनाया था। उन्होंने कहा कि सीबीआई आज बाज बन चुका है। भ्रष्टाचारियों को नोंच और काट रहा है। इसलिए भ्रष्टाचारियों को दर्द हो रहा है।

Shashank Shekhar Mishra
Shashank Shekhar Mishraauthor

शशांक शेखर मिश्रा टाइम्स नाउ नवभारत डिजिटल (www.timesnowhindi.com) में बतौर कॉपी एडिटर काम कर रहे हैं। इन्हें पत्रकारिता में करीब 5 वर्षों का अनुभव है। इन पांच सालों में देश की राजनीति से लेकर देश-दुनिया में बनते-बिगड़ते सत्ता समीकरणों एवं घटनाओं को कवर करने का अनुभव है। राजनीति, रक्षा और आटोमोबाइल्स की खबरों में विशेष रूचि के साथ खोजी पत्रकारिता और स्टिंग ऑपरेशन का भी अनुभव है। टाइम्स नाउ नवभारत में देश-दुनिया की खबरों के साथ रियल टाइम डेस्क पर कार्य करने का अनुभव है। शशांक ने इन 5 वर्षों के पत्रकारिता के कैरियर के दौरान टेलीविजन और डिजिटल मीडिया में कार्य करने का अनुभव हासिल किया है। टाइम्स नाउ नवभारत में बतौर कॉपी एडिटर जुड़ने से पहले जागरण न्यू मीडिया, इनशार्ट्स, जी हिंदुस्तान और न्यूज हेल्पलाइन में सब एडिटर, रिपोर्टर और असिस्टेंट प्रोड्यूसर के तौर पर काम कर चुके हैं। पढ़ाई-लिखाई की बात करें तो लखनऊ विश्वविद्यालय से राजनीति विज्ञान में पोस्ट ग्रेजुएशन किया है। इसके बाद एशियन एकेडमी ऑफ फिल्म एंड टेलीविजन से पोस्ट ग्रेजुएशन डिप्लोमा इन मास कम्युनिकेशन एंड टीवी जर्नलिज्म किया हैं। शशांक को जिम जाना, एडवेंचर एक्टिविटी करना और नई तकनीक को जानना और समझना बेहद पसंद है। इसके अलावा शशांक को ड्राइव करना और अध्यात्म में भी काफी रुचि हैं। शशांक शेखर मिश्रा उत्तर प्रदेश की राजधानी और नवाबों के शहर के रूप में फेमस लखनऊ से ताल्लुक रखते हैं।

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