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क्या गुजराती हैं कंस की औलाद?- कृष्ण से तुलना वाले केजरीवाल के बयान पर BJP के संबित पात्रा का सवाल

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  • Updated Oct 10, 2022, 02:54 PM IST

वह आगे बोले- गोपाल इटालिया, जो आप के गुजरात के अध्यक्ष हैं। एक वीडियो में कई बार प्रधानमंत्री के लिए अभद्र भाषा का प्रयोग करते हैं। यह आम आदमी पार्टी की मानसिकता को दर्शाता है। आज ये कहना गलत नहीं होगा कि मणिशंकर अय्यर और अरविंद केजरीवाल में कोई अंतर नहीं है। दोनों की भाषा का स्तर, दोनों की राजनीति करने का तरीका एक जैसा ही है।

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प्रेस कॉन्फ्रेंस को संबोधित करते बीजेपी के प्रवक्ता संबित पात्रा।

Photo : Twitter

प्रधानमंत्री नरेंद्र मोदी के अपमान पर मचे घमासान के बीच सोमवार (10 अक्टूबर, 2022) को भारतीय जनता पार्टी (बीजेपी) की ओर से आम आदमी पार्टी (आप) को घेरा गया। भगवान कृष्ण से अपनी तुलना कराने वाले दिल्ली के सीएम और आप संयोजक अरविंद केजरीवाल के बयान को लेकर पार्टी प्रवक्ता संबित पात्रा ने दो टूक पूछा- क्या गुजरात के लोग, वहां के मुख्यमंत्री और वहां से ताल्लुक रखने वाले लोग कंस की औलाद हैं?

प्रेस कॉन्फ्रेंस में बीजेपी नेता की यह टिप्पणी एक सवाल के जवाब में आई। वह बोले- यह आश्चर्य का विषय है कि केजरीवाल कुछ समय से अपनी तुलना भगवान कृष्ण से कर रहे हैं। भारत की संस्कृति में ऐसा नहीं है। भगवान, भगवान ही होते हैं। अपने आप को उस पायदान पर लाना और कहना कि मैं ही चक्रधारी हूं और आकर कंस की औलादों को समाप्त करूंगा। क्या विपक्ष के लोग या फिर गुजरात के लोग कंस की औलाद हैं? आज अगर एक गुजराती अगर देश का पीएम है तो क्या वह कंस की औलाद है? आप ऐसा कहेंगे, सीएम को या जनता को ऐसा कह कर खुद को कृष्ण बताएंगे? यह घमंड और अहंकार की पराकाष्ठा है। याद रखिए, भगवान कृष्ण सबकुछ सह सकते हैं, पर अहंकार कभी नहीं सह सकते हैं।

पात्रा ने आरोप लगाया कि जब भगवान को नहीं बख्शा जा रहा तब तो पीएम और नेता तो मनुष्य हैं। उनको गाली देना है ही उन लोगों को, पर जनता बहुत बुद्धिमान है। जानती है कि कौन काम करता है और जनता का अपमान करता है। जिस प्रकार की भाषा का प्रयोग आप ने पीएम के लिए किया है इससे स्पष्ट हो जाता है कि वह किस प्रकार की पार्टी है और उसकी मंशा भी इससे उजागर हो जाती है।

वह आगे बोले- गोपाल इटालिया, जो आप के गुजरात के अध्यक्ष हैं। एक वीडियो में कई बार प्रधानमंत्री के लिए अभद्र भाषा का प्रयोग करते हैं। यह आम आदमी पार्टी की मानसिकता को दर्शाता है। आज ये कहना गलत नहीं होगा कि मणिशंकर अय्यर और अरविंद केजरीवाल में कोई अंतर नहीं है। दोनों की भाषा का स्तर, दोनों की राजनीति करने का तरीका एक जैसा ही है। मणिशंकर अय्यर की भाषा का नतीजा ये रहा कि कांग्रेस पूरी तरह से गुजरात में समाप्त हो गई। पूरे देश में कांग्रेस का चुनाव में जो हाल हुआ है, उसे सबने देखा है। आज ठीक उसी प्रकार की भाषा का प्रयोग अरविंद केजरीवाल कर रहे हैं।

अभिषेक गुप्ता
अभिषेक गुप्ताauthor

छोटे शहर से, पर सपने बड़े-बड़े. किस्सागो ऐसे जो कहने-बताने और सुनाने को बेताब. कंटेंट क्रिएशन के साथ नजर से खबर पकड़ने में पारंगत और "मीडिया की मंडी" में लगभग आठ साल का अनुभव. न्यूज, सिनेमा, बाइक्स और घूमने में दिलचस्पी.

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