देश

किसान आंदोलन पर बयान के बाद घिरीं कंगना रनौत को जान से मारने की मिली धमकी, 'इमरजेंसी' फिल्म रिलीज हुई तो सिर काट देंगे

Kangana Ranaut : कंगना रनौत ने एक समाचार पत्र को दिए इंटरव्यू में किसान आंदोलन पर बयान दिया था और इसे बांग्लादेश की घटना से जोड़ा था जिसके बाद वह कांग्रेस सहित विपक्षी दलों के निशाने पर आ गईं। मामले की गंभीरता को देखते हुए भाजपा ने भी अपनी सांसद के बयान से खुद को अलग कर लिया।

Image

इमरजेंसी मूवी में इंदिरा गांधी का किरदार निभाया है।

KEY HIGHLIGHTS
  • अभिनेत्री एवं भाजपा सांसद कंगना को मिली जान से मारने की धमकी
  • वीडियो बनाकर सरेआम कहा, 'इमरजेंसी' रिलीज की तो सिर काट डालेंगे
  • इस फिल्म में वह पूर्व प्रधानमंत्री इंदिरा गांधी की भूमिका निभा रही हैं

Kangana Ranaut : किसान आंदोलन पर बयान देने के बाद विवादों में घिरीं मंडी से भाजपा सांसद एवं अभिनेत्री कंगना रनौत को जान से मारने की धमकी मिली है। उन्हें यह धमकी फिल्म 'इमरजेंसी' को लेकर दी गई है। कंगना ने सोशल मीडिया पर जान से मारने की धमकी मिलने के बाद पुलिस से मदद मांगी है। 6 सितंबर को सिनेमाघरों में रिलीज होने वाली इस फिल्म में वह पूर्व प्रधानमंत्री इंदिरा गांधी की भूमिका निभा रही हैं। दरअसल, कंगना रनौत ने एक समाचार पत्र को दिए इंटरव्यू में किसान आंदोलन पर बयान दिया था और इसे बांग्लादेश की घटना से जोड़ा था जिसके बाद वह कांग्रेस सहित विपक्षी दलों के निशाने पर आ गईं। मामले की गंभीरता को देखते हुए भाजपा ने भी अपनी सांसद के बयान से खुद को अलग कर लिया।

मिली सिर काटने की धमकी

कंगना को यह धमकी एक सिख चरमपंथी गुट से मिली है। ईसाई से निहंग सिख बने विकी थॉमस सिंह ने सोशल मीडिया पर पोस्ट अपने एक वीडियो में पूर्व पीएम इंदिरा गांधी की हत्या का जिक्र किया है। इस व्यक्ति ने वीडियो में कहा, 'मूवी में यदि खालिस्तानी जरनैल सिंह भिंडरवाले को आतंकवादी के रूप में दिखाया जाता है तो याद रखो कि जिस व्यक्ति (इंदिरा गांधी) का किरदार तुम निभा रही हो, उसका क्या हुआ था? सतवंत सिंह और बेयंत सिंह कौन थे? हम तुम्हारा सिर संत जी को भेंट करेंगे। जो अपना सिर कटाने के लिए तैयार रहता है वह सिर भी काट सकता है।' बता दें कि सतवंत सिंह और बेयंत सिंह इंदिरा गांधी के अंगरक्षक थे और 31 अक्टूबर 1984 को दोनों ने पीएम इंदिरा की गोली मारकर हत्या कर दी।

Kangana Ranaut

इमरजेंसी मूवी में इंदिरा गांधी का किरदार निभाया है।

कंगना ने पुलिस से मदद मांगी

इस वीडियो को X पर शेयर करते हुए कंगना ने पुलिस से मदद मांगी है। अपने पोस्ट में कंगना ने कहा, 'कृपया इस मामले को देखें।' अपने इस पोस्ट में अभिनेत्री ने महाराष्ट्र, हिमाचल प्रदेश और पंजाब पुलिस को टैग किया है। रिलीज से पहले इस फिल्म का विरोध हो रहा है। पंजाब के कई सिख संगठन इस फिल्म पर प्रतिबंध लगाने की मांग कर रहे हैं। यह फिल्म छह सितंबर को रिलीज होगी। दावा है कि फिल्म में सिख समुदाय की छवि ठीक ढंग से पेश नहीं की गई है।

बयान से भाजपा नाराज

वहीं, किसान आंदोलन पर कंगना के बयान पर भाजपा ने नाराजगी जाहिर की है। बीजेपी ने कहा है कि भारतीय जनता पार्टी की ओर से कंगना रनौत को निर्देशित किया गया है कि वे इस प्रकार के कोई बयान भविष्य में न दें। पार्टी का कहना है कि नीतिगत मामलों पर उन्हें बयान देना उचित नहीं है।

भाजपा ने क्या कहा

कंगना रनौत ने अपने साक्षात्कार की एक क्लिप ‘एक्स’ पर पोस्ट की थी जिसमें उन्होंने कहा था कि अगर देश का नेतृत्व मजबूत नहीं होता तो भारत में भी ‘बांग्लादेश जैसी स्थिति’ पैदा हो सकती थी। उन्होंने यह भी दावा किया कि किसानों के प्रदर्शन के दौरान ‘‘लाशें लटकी थी और दुष्कर्म की घटनाएं हो रही थीं।’ उन्होंने ‘षड्यंत्र’ में चीन और अमेरिका के शामिल होने का आरोप लगाया। भाजपा ने कहा, ‘सांसद कंगना रनौत द्वारा किसान आंदोलन के परिप्रेक्ष्य में दिया गया बयान, पार्टी का मत नहीं है। भाजपा कंगना रनौत के बयान से असहमति व्यक्त करती है। पार्टी की ओर से, पार्टी के नीतिगत विषयों पर बोलने के लिए कंगना रनौत को न तो अनुमति है और न ही वे बयान देने के लिए अधिकृत हैं।’भाजपा के रनौत की टिप्पणी से खुद को अलग कर लेने के बीच कांग्रेस ने सत्तारूढ़ पार्टी से कहा कि यदि वह वास्तव में रनौत के विचारों से असहमत है तो उन्हें पार्टी से निष्कासित किया जाए।

Alok Rao
आलोक कुमार रावauthor

19 वर्षों से मीडिया जगत में सक्रिय आलोक राव ने प्रिंट, न्यूज एजेंसी, टीवी और डिजिटल चारों ही माध्यमों में काम किया है। इस लंबे अनुभव ने उन्हें समाचारों की समझ, प्रेजेंटेशन, डिटेलिंग और न्यूजरूम डायनेमिक्स में असाधारण दक्षता प्रदान की है। राष्ट्रीय एवं अंतरराष्ट्रीय घटनाक्रमों में विशेष रुचि रखने के साथ-साथ जियो-पॉलिटिक्स एवं डिफेंस की स्टोरीज में इनकी खासी दिलचस्पी है। आलोक ने अलग-अलग माध्यमों में काम करते हुए समाचारों की समझ, प्रस्तुति और विश्लेषण में मजबूत दक्षता विकसित की है और अब तक 25,000 से अधिक आर्टिकल तैयार कर चुके हैं। तथ्यों की गहन जांच, मजबूत न्यूज सेंस और तेज निर्णय क्षमता उनकी पत्रकारिता की प्रमुख खासियतें हैं।

और पढ़ें
End of Article