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BJP सांसद ने प्रियंका गांधी को थमा दिया '1984' लिखा बैग, जानें क्या है पूरा मामला

Priyanka Gandhi Bag Politics: बीजेपी सांसद अपराजिता सारंगी ने प्रियंका गांधी को जो बैग दिया उस पर 1984 लिखा हुआ था। बैग की बनावट में 1984 के सिख विरोधी दंगों की झलक दिखाने के लिए खून के छींटों को दर्शाया गया था। अपराजिता ने मीडिया से बातचीत में कहा कि मौजूदा समय में कांग्रेस की सार्थकता पर लगातार सवाल उठ रहे हैं। देश की जनता लगातार कांग्रेस को खारिज कर रही है।

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BJP सांसद अपराजिता सारंगी ने 1984 लिखा बैग प्रियंका गांधी को किया गिफ्ट

Photo : Twitter

Priyanka Gandhi Bag Politics: भारतीय जनता पार्टी (BJP) सांसद अपराजिता सारंगी ने शुक्रवार को कांग्रेस सांसद प्रियंका गांधी वाड्रा को एक बैग गिफ्ट किया। जिसे स्वीकार कर कांग्रेस सांसद वहां से निकल गईं। बैग पर 1984 लिखा हुआ था। अपराजिता ने मीडिया से बातचीत में कहा कि मौजूदा समय में कांग्रेस की सार्थकता पर लगातार सवाल उठ रहे हैं। देश की जनता लगातार कांग्रेस को खारिज कर रही है। कांग्रेस के पास अमित शाह के भाषण को तोड़ मरोड़कर पेश करने के अलावा अब कोई और दूसरा विकल्प नहीं बचा है। उन्होंने आगे कहा कि कांग्रेस की करतूतों को याद दिलाने के लिए यह बैग प्रियंका गांधी वाड्रा को दिया गया है, जिसमें खून के छींटे भी लगे हुए हैं, जो कि 1984 के सिख दंगों की याद दिलाते हैं।

प्रियंका गांधी संसद में बैग के जरिए कर रही विरोध

बता दें कि पिछले कुछ दिनों से प्रियंका गांधी अपने बैग को लेकर सुर्खियों में हैं। इससे पहले 16 दिसंबर को प्रियंका गांधी संसद में फिलिस्तीन लिखा एक बैग लेकर पहुंचीं थीं। भाजपा ने इसे लेकर सवाल खड़े किए थे। भाजपा के राज्यसभा सांसद दिनेश शर्मा ने कहा था कि गांधी परिवार के तीनों सदस्यों की मानसिकता विदेशी सोच, विदेशी मुखौटे को दर्शाती है। केंद्रीय राज्य मंत्री बनवारी लाल वर्मा ने कहा था कि प्रियंका गांधी फिलिस्तीन का बैग लेकर आई हैं, उन्हें भारत का बैग लेकर आना चाहिए। असंबंधित मुद्दों को लाकर वह सिर्फ नाटक कर रही हैं।

इसके बाद 17 दिसंबर को प्रियंका गांधी बांग्लादेश के ‘हिंदुओं और ईसाइयों के साथ खड़े हों’, लिखा बैग लेकर संसद पहुंची थीं। प्रियंका गांधी ने लोकसभा में बांग्लादेश का मुद्दा उठाते हुए केंद्र सरकार से हस्तक्षेप की मांग की थी। प्रियंका गांधी वाड्रा ने शून्यकाल के दौरान बांग्लादेश का मुद्दा उठाते हुए कहा था कि बांग्लादेश में हिंदुओं, ईसाइयों और अल्पसंख्यकों के खिलाफ जो अत्याचार हो रहा है, सरकार को उसके खिलाफ आवाज उठानी चाहिए, बांग्लादेश सरकार से बातचीत करनी चाहिए और पीड़ितों को पूरा समर्थन देना चाहिए।

Shashank Shekhar Mishra
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शशांक शेखर मिश्रा टाइम्स नाउ नवभारत डिजिटल (www.timesnowhindi.com) में बतौर कॉपी एडिटर काम कर रहे हैं। इन्हें पत्रकारिता में करीब 5 वर्षों का अनुभव है। इन पांच सालों में देश की राजनीति से लेकर देश-दुनिया में बनते-बिगड़ते सत्ता समीकरणों एवं घटनाओं को कवर करने का अनुभव है। राजनीति, रक्षा और आटोमोबाइल्स की खबरों में विशेष रूचि के साथ खोजी पत्रकारिता और स्टिंग ऑपरेशन का भी अनुभव है। टाइम्स नाउ नवभारत में देश-दुनिया की खबरों के साथ रियल टाइम डेस्क पर कार्य करने का अनुभव है। शशांक ने इन 5 वर्षों के पत्रकारिता के कैरियर के दौरान टेलीविजन और डिजिटल मीडिया में कार्य करने का अनुभव हासिल किया है। टाइम्स नाउ नवभारत में बतौर कॉपी एडिटर जुड़ने से पहले जागरण न्यू मीडिया, इनशार्ट्स, जी हिंदुस्तान और न्यूज हेल्पलाइन में सब एडिटर, रिपोर्टर और असिस्टेंट प्रोड्यूसर के तौर पर काम कर चुके हैं। पढ़ाई-लिखाई की बात करें तो लखनऊ विश्वविद्यालय से राजनीति विज्ञान में पोस्ट ग्रेजुएशन किया है। इसके बाद एशियन एकेडमी ऑफ फिल्म एंड टेलीविजन से पोस्ट ग्रेजुएशन डिप्लोमा इन मास कम्युनिकेशन एंड टीवी जर्नलिज्म किया हैं। शशांक को जिम जाना, एडवेंचर एक्टिविटी करना और नई तकनीक को जानना और समझना बेहद पसंद है। इसके अलावा शशांक को ड्राइव करना और अध्यात्म में भी काफी रुचि हैं। शशांक शेखर मिश्रा उत्तर प्रदेश की राजधानी और नवाबों के शहर के रूप में फेमस लखनऊ से ताल्लुक रखते हैं।

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