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Delhi: पार्षदों को खरीदने की हो रही है कोशिश, AAP ने BJP पर लगाए गंभीर आरोप

AAP vs BJP: दुर्गेश पाठक ने भारतीय जनता पार्टी पर गंभीर आरोप लगाते हुए ये कहा है कि आम आदमी पार्टी (आप) पार्षदों को भाजपा खरीदने का प्रयास कर रही है। उन्होंने ये भी दावा किया है कि इससे जुड़ा वीडियो भी जल्द जारी किया जाएगा। इस आरोप पर भाजपा की ओर से अब तक कोई प्रतिक्रिया नहीं आई है।

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भाजपा पर 'आप' पार्षदों को खरीदने की कोशिश करने का आरोप।

Delhi News: आम आदमी पार्टी (आप) के एमसीडी प्रभारी दुर्गेश पाठक ने शुक्रवार को आरोप लगाया कि एमसीडी स्थायी समिति की रिक्त सीट पर होने वाले चुनाव से पहले भाजपा ‘आप’ पार्षदों को अपने पाले में करने की कोशिश कर रही है। दिल्ली नगर निगम (एमसीडी) स्थायी समिति का चुनाव 26 सितंबर को होगा। भाजपा पार्षद कमलजीत सेहरावत के लोकसभा के लिए निर्वाचित होने के बाद रिक्त हुए पद को भरने के लिए यह चुनाव होगा।

आप पार्षद को भाजपा में शामिल होने की पेशकश

दुर्गेश पाठक ने मीडिया से बातचीत के दौरान दावा किया कि भाजपा उम्मीदवार सुंदर सिंह ने ‘आप’ पार्षद संजीव झा से संपर्क कर चुनाव से पहले उन्हें भगवा पार्टी में शामिल होने के लिए पैसे की पेशकश की। सुंदर सिंह की ओर से तत्काल कोई प्रतिक्रिया नहीं आई।

लिए दो करोड़ रुपये की पेशकश करने ता आरोप

आप नेता पाठक ने आरोप लगाया, 'भाजपा आम आदमी पार्टी को तोड़ने के लिए गंदी राजनीति कर रही है। पिछले कुछ दिन और पहले भी उन्होंने हमारे नेताओं से संपर्क किया और उन्हें पाला बदलने के लिए पैसे की पेशकश की। हाल ही में सुंदर सिंह ने बुराड़ी से हमारे पार्षद संजीव झा से संपर्क कर उन्हें भाजपा में शामिल होने के लिए दो करोड़ रुपये की पेशकश की।'

उन्होंने कहा कि ‘आप’ जल्द ही इस संबंध में सीसीटीवी कैमरे की फुटेज जारी करेगी। संजीव झा और बवाना से आप की पार्षद रितु मुकेश सोलंकी के पति ने भी संबोधित किया। सोलंकी के पति ने अपना नाम उजागर न करते हुए दावा किया कि चुनाव में उनकी पत्नी को ‘क्रॉस वोटिंग’ को लेकर मनाने के लिए लोगों ने उनसे संपर्क किया था। ‘आप’ की ओर से सैनिक एन्क्लेव की पार्षद निर्मला कुमारी रिक्त सीट पर चुनाव लड़ रही हैं।

Ayush Sinha
आयुष सिन्हाauthor

मैं टाइम्स नाउ नवभारत (Timesnowhindi.com) से जुड़ा हुआ हूं। कलम और कागज से लगाव तो बचपन से ही था, जो धीरे-धीरे आदत और जरूरत बन गई। मुख्य धारा की पत्रकारिता से जुड़े हुए 10 साल पूरे हो चुके हैं। लोकसभा चुनाव 2014 से पहले ही मैंने पत्रकारिता की पढ़ाई के बीच में ही देश की राजधानी दिल्ली आने की ठान ली थी। उससे पहले मैंने कभी ये सोचा तक नहीं था कि मैं बनारस बोले तो वाराणसी शहर से बाहर भी जा सकता हूं। जी हां, मेरा नाता काशी से है। जन्म के साथ-साथ शिक्षा दीक्षा भी बनारस में ही हुई। राष्ट्रपिता मोहनदास करमचंद गांधी (बापू) द्वारा स्थापित किए गए विश्वविद्यालय- 'महात्मा गांधी काशी विद्यापीठ' से मैंने पत्रकारिता में स्नातक किया है। ग्रेजुएशन के दौरान ही विश्वविद्यालय के पत्रकारिता एवं जनसंचार विभाग के अध्यापकों ने बड़ी ही सख्ती से मेरी नक्काशी करने की कोशिश की। ग्रेजुएशन के आखिरी वर्ष आते-आते मैंने दिल्ली की ट्रेन पकड़ी और यहां पहुंच गया। आव देखा न ताव, दिल्ली NCR में बड़े-बड़े मीडिया समूहों के दफ्तरों के बाहर अपना बायोडेटा डाल कर प्रयास में जुट गया। काफी धैर्य के बाद ZEE मीडिया समूह से जुड़ने का मौका मिला। मेरे पत्रकारिता के सफर की शुरुआत टेलीविजन के इनपुट डिपार्टमेंट से हुई। यहां मैं असाइनमेंट डेस्क पर था। कुछ महीनों तक खुद को इस समूह के साथ जोड़े रखने के बाद वर्ष 2015 में मैंने प्रिंट मीडिया का रुख कर लिया और ALL RIGHTS नाम की मैगज़ीन के साथ जुड़ गया। बतौर विशेष संवाददाता (Special Correspondent) मेरे कंधों पर बड़ी जिम्मेदारी सौंपी गई थी। मैं उन दिनों देशभर के अलग-अलग लोकसभा क्षेत्र के सांसदों, केंद्रीय मंत्रियों और दिल्ली सरकार के विधायकों और मंत्रियों का साक्षात्कार करता था। मैगज़ीन के संपादकीय पृष्ठ के लिए मैं लेख भी लिखता था। राजनीतिक खबरों से लगाव होने के चलते मैंने इस बीट को ही अपना हमसाया बना लिया। मैगजीन के बाद फिर टेलीविजन का रुख किया और इसी साल दोबारा ज़ी मीडिया से जुड़ गया। यहां साढ़े 3 सालों तक काम करने के बाद मैंने डिजिटल मीडिया में कदम रखने की ठान ली। रिपब्लिक भारत की लॉन्चिंग से पहले मुझे इसकी वेबसाइट से जुड़ने का मौका मिला। रिपब्लिक से जुड़ने के साथ ही मैंने दिल्ली छोड़कर मुंबई का रुख कर लिया। समंदर किनारे बसे इस शहर में मैंने डिजिटल पत्रकारिता के गुर को सीखा। इस संस्थान में मुझे रिपोर्टर के तौर पर मौका दिया था। कुछ ही महीने बाद मैं वापस दिल्ली आ गया और मैंने न्यूज़ वर्ल्ड इंडिया में एसोसिएट प्रोड्यूसर और रिपोर्टर की भूमिका में काम किया। चंद महीने बाद ही ज़ी मीडिया समूह के डिजिटल प्लेटफॉर्म पर काम करने का अवसर मिला। ज़ी हिन्दुस्तान के लिए मैंने स्पेशल खबरों पर काम किया और इस समूह का पहला डिजिटल रिपोर्टर बन गया। इसके बाद मुझे वीडियो सेक्शन का हेड बना दिया गया। मैंने चुनावी कवरेज की, ग्राउंड रिपोर्टिंग की और साथ ही साथ वीडियो सेक्शन को नए शिखर पर पहुंचाने की कोशिश की। मैं कविताएं और किस्से-कहानियां भी लिखता रहता हूं। पढ़ाई के दौरान ही मैंने दो किताबें भी लिखी, एक नॉवेल और दूसरी पोएट्री बुक। पत्रकारिता में रहते हुए मैंने कई "स्टिंग ऑपरेशन" भी किए। मेरे सफर को और भी खूबसूरत बनाने के लिए टाइम्स समूह ने मुझे मौका दिया। मैं जुलाई, 2023 में इस संस्थान से जुड़ा और मुझे मेन डेस्क पर खबरों से दो-चार होते रहने की जिम्मेदारी सौंपी गई। राजनीतिक विश्लेषण के साथ विस्तार से खबरों को परोसता हूं और अपने पाठकों को कुछ नया देने का प्रयास करता हूं।

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