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'झूठ और लूट' की नीति पर चल रही सरकार; अखिलेश यादव ने भाजपा पर लगाए ये 3 गंभीर आरोप

Uttar Pradesh Politics: अखिलेश यादव ने भारतीय जनता पार्टी पर करारा प्रहार किया है। उन्होंने दावा किया कि भाजपा की सरकार 'झूठ और लूट' की नीति पर चल रही। सपा सुप्रीमो ने ये भी दावा किया कि भाजपा सरकार ने प्रदेश की जनता को भारी निवेश और लाखों नौकरियों के सपने दिखाये।

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अखिलेश यादव।

Photo : Twitter

Akhilesh Yadav Slams BJP: समाजवादी पार्टी (सपा) के प्रमुख अखिलेश यादव ने बृहस्पतिवार को भारतीय जनता पार्टी (भाजपा) पर ‘'झूठ और लूट'’ की नीति पर सरकार चलाने का आरोप लगाया। यादव ने यहां एक बयान में भाजपा पर गम्भीर आरोप लगाते हुए कहा, 'भाजपा झूठी पार्टी है। भाजपा की सरकार झूठ और लूट की नीति पर चल रही है। झूठे वादे और हर विभाग, हर योजना में लूट करना ही इनका काम है।'

भाजपा पर लगाया झूठ बोलकर हर वर्ग और जनता को ठगने का आरोप

अखिलेश यादव ने कहा, 'भाजपा की केन्द्र एवं प्रदेश सरकारों ने झूठ बोलकर हर वर्ग और जनता को ठगने का काम किया। किसानों, नौजवानों, छात्रों, व्यापारियों से झूठे वादे किए। कोई भी वादा पूरा नहीं किया। अब फिर उत्तर प्रदेश की जनता को नए-नए झूठे सपने दिखाना शुरू कर दिए गये हैं। भाजपा सरकार की गलत नीतियों के चलते 10 साल में भी किसानों की आय दोगुनी नही हुई। उलटे उनकी आय दिनों दिन घटती जा रही है।' पूर्व मुख्यमंत्री ने दावा किया कि किसानों को उनकी फसलों का लागत मूल्य नहीं मिल रहा है और गन्ना किसानों का चीनी मिलों पर बकाया बढ़ता जा रहा है। उन्होंने दावा किया कि भाजपा सरकार लगातार किसान विरोधी कार्य कर रही है और इस वर्ष अभी तक गन्ना मूल्य की घोषणा नहीं हुई।

जनता को भारी निवेश और लाखों नौकरियों के सपने दिखाये- अखिलेश

सपा के मुखिया ने कहा, 'भाजपा सरकार ने प्रदेश की जनता को भारी निवेश और लाखों नौकरियों के सपने दिखाये। बड़ी-बड़ी इनवेस्टर्स मीट हुई। इनमें देश के बड़े उद्योगपति और प्रधानमंत्री जी, केन्द्रीय मंत्री और राष्ट्रपति तक आये लेकिन कोई निवेश जमीन पर नहीं दिखाई दे रहा है।' यादव ने कहा, 'किसी भी जिले में फैक्टरी और कम्पनी लगती नहीं दिख रही है। न तो भाजपा सरकार निवेश ला पायी और न नौजवानों को नौकरी, रोजगार दे पायी बल्कि इनकी गलत नीतियों, प्रताड़ना और उगाही से कानपुर, लखनऊ समेत प्रदेश के बड़े व्यवसायी अपना कारोबार बंद कर बाहर जा रहे है। कारोबार बाहर जाने से उत्तर प्रदेश में बेरोजगारी और बढ़ेगी। इस सरकार में प्रदेश में एक भी विकास का ऐसा कार्य नहीं किया जिसे वह जनता के बीच बता सके।'

बढ़ती महंगाई, बेरोजगारी और भ्रष्टाचार से ध्यान हटाने का आरोप

अखिलेश यादव ने कहा, 'अब इस सरकार के दिन गिने-चुने रह गए है तो फिर से जनता को भ्रमित करने के लिए ऐसी तमाम झूठी घोषणाएं शुरू हो गयी है जिनके लिए कोई बजट नहीं है, जनता समझ गयी है। भाजपा बढ़ती महंगाई, बेरोजगारी और भ्रष्टाचार, ध्वस्त कानून व्यवस्था से ध्यान हटाने के लिए तरह-तरह का प्रोपगेंडा करने को अपनी उपलब्धि मानती है और जनता को भ्रमित कर रही है। 2027 के चुनाव में जनता भाजपा के झूठ और लूट के शासन का अंत करने के लिए संकल्पित है।'

Ayush Sinha
आयुष सिन्हाauthor

मैं टाइम्स नाउ नवभारत (Timesnowhindi.com) से जुड़ा हुआ हूं। कलम और कागज से लगाव तो बचपन से ही था, जो धीरे-धीरे आदत और जरूरत बन गई। मुख्य धारा की पत्रकारिता से जुड़े हुए 10 साल पूरे हो चुके हैं। लोकसभा चुनाव 2014 से पहले ही मैंने पत्रकारिता की पढ़ाई के बीच में ही देश की राजधानी दिल्ली आने की ठान ली थी। उससे पहले मैंने कभी ये सोचा तक नहीं था कि मैं बनारस बोले तो वाराणसी शहर से बाहर भी जा सकता हूं। जी हां, मेरा नाता काशी से है। जन्म के साथ-साथ शिक्षा दीक्षा भी बनारस में ही हुई। राष्ट्रपिता मोहनदास करमचंद गांधी (बापू) द्वारा स्थापित किए गए विश्वविद्यालय- 'महात्मा गांधी काशी विद्यापीठ' से मैंने पत्रकारिता में स्नातक किया है। ग्रेजुएशन के दौरान ही विश्वविद्यालय के पत्रकारिता एवं जनसंचार विभाग के अध्यापकों ने बड़ी ही सख्ती से मेरी नक्काशी करने की कोशिश की। ग्रेजुएशन के आखिरी वर्ष आते-आते मैंने दिल्ली की ट्रेन पकड़ी और यहां पहुंच गया। आव देखा न ताव, दिल्ली NCR में बड़े-बड़े मीडिया समूहों के दफ्तरों के बाहर अपना बायोडेटा डाल कर प्रयास में जुट गया। काफी धैर्य के बाद ZEE मीडिया समूह से जुड़ने का मौका मिला। मेरे पत्रकारिता के सफर की शुरुआत टेलीविजन के इनपुट डिपार्टमेंट से हुई। यहां मैं असाइनमेंट डेस्क पर था। कुछ महीनों तक खुद को इस समूह के साथ जोड़े रखने के बाद वर्ष 2015 में मैंने प्रिंट मीडिया का रुख कर लिया और ALL RIGHTS नाम की मैगज़ीन के साथ जुड़ गया। बतौर विशेष संवाददाता (Special Correspondent) मेरे कंधों पर बड़ी जिम्मेदारी सौंपी गई थी। मैं उन दिनों देशभर के अलग-अलग लोकसभा क्षेत्र के सांसदों, केंद्रीय मंत्रियों और दिल्ली सरकार के विधायकों और मंत्रियों का साक्षात्कार करता था। मैगज़ीन के संपादकीय पृष्ठ के लिए मैं लेख भी लिखता था। राजनीतिक खबरों से लगाव होने के चलते मैंने इस बीट को ही अपना हमसाया बना लिया। मैगजीन के बाद फिर टेलीविजन का रुख किया और इसी साल दोबारा ज़ी मीडिया से जुड़ गया। यहां साढ़े 3 सालों तक काम करने के बाद मैंने डिजिटल मीडिया में कदम रखने की ठान ली। रिपब्लिक भारत की लॉन्चिंग से पहले मुझे इसकी वेबसाइट से जुड़ने का मौका मिला। रिपब्लिक से जुड़ने के साथ ही मैंने दिल्ली छोड़कर मुंबई का रुख कर लिया। समंदर किनारे बसे इस शहर में मैंने डिजिटल पत्रकारिता के गुर को सीखा। इस संस्थान में मुझे रिपोर्टर के तौर पर मौका दिया था। कुछ ही महीने बाद मैं वापस दिल्ली आ गया और मैंने न्यूज़ वर्ल्ड इंडिया में एसोसिएट प्रोड्यूसर और रिपोर्टर की भूमिका में काम किया। चंद महीने बाद ही ज़ी मीडिया समूह के डिजिटल प्लेटफॉर्म पर काम करने का अवसर मिला। ज़ी हिन्दुस्तान के लिए मैंने स्पेशल खबरों पर काम किया और इस समूह का पहला डिजिटल रिपोर्टर बन गया। इसके बाद मुझे वीडियो सेक्शन का हेड बना दिया गया। मैंने चुनावी कवरेज की, ग्राउंड रिपोर्टिंग की और साथ ही साथ वीडियो सेक्शन को नए शिखर पर पहुंचाने की कोशिश की। मैं कविताएं और किस्से-कहानियां भी लिखता रहता हूं। पढ़ाई के दौरान ही मैंने दो किताबें भी लिखी, एक नॉवेल और दूसरी पोएट्री बुक। पत्रकारिता में रहते हुए मैंने कई "स्टिंग ऑपरेशन" भी किए। मेरे सफर को और भी खूबसूरत बनाने के लिए टाइम्स समूह ने मुझे मौका दिया। मैं जुलाई, 2023 में इस संस्थान से जुड़ा और मुझे मेन डेस्क पर खबरों से दो-चार होते रहने की जिम्मेदारी सौंपी गई। राजनीतिक विश्लेषण के साथ विस्तार से खबरों को परोसता हूं और अपने पाठकों को कुछ नया देने का प्रयास करता हूं।

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