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हिमाचल प्रदेश विधानसभा अध्यक्ष के खिलाफ अविश्वास प्रस्ताव का नोटिस, जयराम ठाकुर ने लगाए गंभीर आरोप

Himachal Pradesh News: भाजपा नेता जयराम ठाकुर ने हिमाचल प्रदेश विधानसभा अध्यक्ष के खिलाफ अविश्वास प्रस्ताव का नोटिस दिया है। उन्होंने आरोप लगाया कि सदन के अंदर और बाहर उनके व्यवहार से सदस्यों की भावनाएं आहत हुई हैं।

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हिमाचल प्रदेश विधानसभा अध्यक्ष के खिलाफ अविश्वास प्रस्ताव का नोटिस।

Photo : ANI

Himachal Pradesh: हिमाचल प्रदेश में विपक्ष के नेता जयराम ठाकुर ने हिमाचल प्रदेश विधानसभा अध्यक्ष कुलदीप सिंह पठानिया के खिलाफ अविश्वास प्रस्ताव का सोमवार को नोटिस दिया है। इसमें सदन के अंदर और बाहर उनके व्यवहार का हवाला दिया गया है। जयरामठाकुर और भारतीय जनता पार्टी (भाजपा) के अन्य विधायकों द्वारा विधानसभा के सचिव को यह नोटिस सौंपा गया।

बाद में, भाजपा विधायकों ने राज्यपाल शिव प्रताप शुक्ला से मुलाकात की और उन्हें राज्य की आर्थिक दुर्दशा से अवगत कराया। उन्होंने कहा कि हिमाचल प्रदेश में आपातकाल जैसी स्थिति पैदा कर दी गई है। राज्यपाल को सौंपे ज्ञापन में विधानसभा में विपक्ष के नेता ठाकुर ने कहा कि सदन के अंदर और बाहर अध्यक्ष के व्यवहार से सदस्यों की भावनाएं आहत हुई हैं और भाजपा ने अध्यक्ष के खिलाफ अविश्वास प्रस्ताव का नोटिस दिया है।

'सिर कलम' वाले बयान का दिया हवाला

ज्ञापन में आरोप लगाया गया है कि अध्यक्ष ने हाल ही में एक बैठक में कहा था कि छह विधायकों के सिर कलम कर दिए गए हैं और तीन आरे के नीचे तड़प रहे हैं, जिससे विधायकों की भावनाएं आहत हुई हैं। भाजपा विधायक इंद्रदत्त लखनपाल ने अध्यक्ष की टिप्पणी पर आपत्ति जताई है। उन्हें कांग्रेस की व्हिप का उल्लंघन करने के कारण अध्यक्ष ने अयोग्य घोषित कर दिया था लेकिन भाजपा के टिकट पर जीत कर वह फिर से विधानसभा पहुंचे हैं। ज्ञापन में पठानिया के खिलाफ अविश्वास प्रस्ताव का नोटिस दिए जाने के बाद उनके द्वारा सदन की कार्यवाही का संचालन करने पर आपत्ति जताई गई है।

Pranjul Srivastava
प्रांजुल श्रीवास्तवauthor

<p>मैं इस वक्त टाइम्स नाउ नवभारत से जुड़ा हुआ हूं। पत्रकारिता के 8 वर्षों के तजुर्बे में मुझे और मेरी भाषाई समझ को गढ़ने और तराशने में कई वरिष्ठ पत्रकारों और संपादकों का योगदान रहा। 2016 में उत्तर प्रदेश की राजधानी लखनऊ से शुरू हुआ यह सफर देश की राजधानी दिल्ली में 'टाइम्स नाउ नवभारत' तक आ पहुंचा है। अखबारों में रिपोर्टिंग करते हुए शहरों की धूल फांकना और डिजिटल पत्रकारिता की बारीकियों को समझते हुए देश-विदेश की खबरों को आप तक पहुंचाने का मेरा ये सफर काफी किस्से-कहानियों से भरा हुआ है। लखनऊ की बाबा भीम राव अंबेडकर सेंट्रल यूनिवर्सिटी के क्लासरूम में प्रोफेसरों से मिले किताबी ज्ञान और पत्रकारीय सिद्धांतों को जमीन पर उतारने का मौका मुझे 2016 में ही मिल गया। पहला ब्रेक टाइम्स ग्रुप के प्रतिष्ठित अखबार 'नवभारत टाइम्स' ने दिया। यहां बतौर इंटर्न मुझे कई सामाजिक संगठनों की रिपोर्टिंग करने का मौका मिला। दिनभर शहर में घूम-घूम कर खबरों को बटोरना और शाम होते ही उन्हें लिखकर डेस्क के हवाले करना मेरी दिनचर्या का हिस्सा हो गया। इस अनुभव ने मुझे समाज के तौर तरीकों से परिचित कराया तो न्यूजरूम में सीनियर्स से मिली डांट ने पत्रकारिता की बारीकियों और भाषाई मर्यादा को समझने में मदद की। करीब 3 से 4 महीनों की इंटर्नशिप के बाद मुझे 2017 आते-आते गांधी परिवार के गढ़ रायबरेली भेजा गया। यह समय उत्तर प्रदेश में विधानसभा चुनाव और सत्ता के बदलाव का था। यहां बतौर रिपोर्टर मैं पहली बार राजनीतिक खबरों से रूबरू हुआ। रायबरेली के मिजाज को करीब 8 महीनों तक समझने के बाद नवभारत टाइम्स ने मुझे वापस लखनऊ बुलाया और शहर की रिपोर्टिंग करने का मौका दिया। यहां विज्ञान, पर्यावरण, बाजार, लखनऊ विकास प्राधिकरण, आवास विकास और मेट्रो जैसी बीट पर जमकर काम किया। यह सफर अब पश्चिमी उत्तर प्रदेश के जिले मुरादाबाद तक पहुंच गया था, जहां मुझे दैनिक जागरण जैसे प्रतिष्ठित अखबार के लिए दो वर्षों तक रिपोर्टिंग करने का अवसर मिला। करीब दो वर्षों की पत्रकारिता के बाद अब मुझे देश की राजधानी की ओर रुख करना था और यह मौका अमर उजाला (डिजिटल) ने दिया। अखबारों की रिपोर्टिंग से निकलकर डिजिटल पत्रकारिता के अनुभव से मैं पहली बार रूबरू हो रहा था। यहां पर मुझे मेन डेस्क पर जिम्मेदारी मिली। जहां सबसे आगे रहते हुए सबसे सटीक खबरें आप तक पहुंचाना चुनौती भरा काम था, लेकिन पत्रकारिता की शुरुआत में मिले अनुभवों ने मेरा काम आसान बना दिया। यहां भी करीब दो वर्षों के बाद 2023 में मुझे टाइम्स ग्रुप से दोबारा जुड़ने का मौका मिला और टाइम्स नाउ नवभारत की मेन डेस्क पर मेरा सफर अब तक जारी है।</p>

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