भारी हंगामे के बीच लोकसभा ने ध्वनिमत से बुधवार को ’लोक परीक्षा (अनुचित साधन निवारण) संशोधन विधेयक, 2026’ को मंजूरी दे दी। इस दौरान राहुल गांधी ने भाजपा सरकार पर कई गंभीर आरोप लगाए। उन्होंने यह भी कहा कि जंतर मंतर पर गृहमंत्री शाह के आदेश पर गोली चलाई गई। उनके इन आरोपों को लेकर सदन में भारी हंगामा हुआ। इसके बाद भारतीय जनता पार्टी ने प्रेस कांफ्रेंस कर राहुल गांधी पर हंगामा बोला है। भाजपा प्रवक्ता संबित पात्रा ने प्रेस कांफ्रेस के दौरान राहुल गांधी के भाषण को झूठ का पुलिंदा करार दिया। उन्होंने कहा कि राहुल जी ने गोली चलाने की बात कही, लेकिन छात्रों के प्रदर्शन के दौरान गोली चली ही नहीं।
दिल्ली में आयोजित प्रेस कॉन्फ्रेंस में संबित पात्रा ने कहा कि संसदीय कार्य मंत्री किरेन रिजिजू कई बार नियम पुस्तिका का हवाला देकर स्पष्ट कर चुके हैं कि 'इडियट' शब्द असंसदीय है और सदन में इसका प्रयोग नहीं किया जा सकता। इसके बावजूद विपक्ष लगातार इस शब्द का इस्तेमाल कर रहा है।
'30 गाड़ियों के काफिले' वाले दावे पर सवाल
राहुल गांधी के उस बयान पर भी पात्रा ने निशाना साधा, जिसमें उन्होंने दावा किया था कि केंद्रीय गृह मंत्री अमित शाह 30 वाहनों के काफिले के साथ पहुंचे थे। पात्रा ने कहा, "मैं राहुल गांधी को चुनौती देता हूं कि हमारे साथ आइए और गाड़ियां गिनिए। बताइए अमित शाह का 30 गाड़ियों का काफिला कहां था? जो व्यक्ति सदन में पांच मिनट तक नहीं बैठ सकता, क्या वह बाहर खड़े होकर गाड़ियां गिन सकता है?"
उन्होंने कहा कि प्रधानमंत्री के काफिले में भी इतनी गाड़ियां नहीं होतीं। उनके मुताबिक राहुल गांधी का यह दावा पूरी तरह तथ्यहीन है। पात्रा ने अमित शाह की प्रशंसा करते हुए कहा कि उन्होंने प्रधानमंत्री नरेंद्र मोदी के नेतृत्व में नक्सलवाद के खिलाफ निर्णायक अभियान चलाया है और ऐसे नेता किसी से डरने वाले नहीं हैं।
'माइक बंद था' के आरोप को बताया गलत
संबित पात्रा ने राहुल गांधी के उस आरोप को भी खारिज किया, जिसमें उन्होंने कहा था कि लोकसभा में उनका माइक्रोफोन बंद कर दिया गया था। पात्रा ने कहा कि वह स्वयं सदन में मौजूद थे और उस समय राहुल गांधी के सामने लगी लाल बत्ती जल रही थी, जो इस बात का संकेत है कि माइक्रोफोन चालू था। उन्होंने सवाल उठाया कि जब माइक चालू था तो उसे बंद बताने का आधार क्या है।
'विक्टिम कार्ड' पर कसा तंज
भाजपा सांसद ने राहुल गांधी पर तंज कसते हुए कहा कि वे हमेशा खुद को पीड़ित दिखाने की कोशिश करते हैं। उन्होंने व्यंग्य में कहा, "राहुल गांधी हमेशा हाथ जेब में रखते हैं, क्योंकि दोनों जेबों में 'विक्टिम कार्ड' रहता है।"
कांग्रेस पर छात्रों के खिलाफ कार्रवाई का आरोप
संबित पात्रा ने कहा कि आजादी के बाद लंबे समय तक सत्ता में रहने वाली कांग्रेस सरकारों ने कई छात्र आंदोलनों के दौरान बल प्रयोग किया। उन्होंने आंध्र प्रदेश, तेलंगाना,असम और जम्मू-कश्मीर के पुराने छात्र आंदोलनों का उल्लेख करते हुए आरोप लगाया कि कांग्रेस शासन में प्रदर्शनकारी छात्रों पर गोली चलाई गई थी।
सुरक्षा बलों पर लगाए आरोपों को बताया गंभीर
राहुल गांधी और कांग्रेस नेताओं द्वारा सुरक्षा बलों पर लगाए गए आरोपों को भी पात्रा ने पूरी तरह निराधार बताया। उन्होंने कहा कि संसद में यह कहना कि सुरक्षा बलों ने छात्राओं के कपड़े फाड़े, बेहद गंभीर और दुर्भाग्यपूर्ण आरोप है। उन्होंने कहा कि हमारे सशस्त्र बल और केंद्रीय सशस्त्र पुलिस बल देश की सीमाओं और भारत माता की अस्मिता की रक्षा करते हैं। उनके खिलाफ इस तरह के आरोप लगाना उनका मनोबल तोड़ने जैसा है। संबित पात्रा ने सभी राजनीतिक दलों से अपील की कि वे राजनीतिक लाभ के लिए ऐसा कोई नैरेटिव न गढ़ें जिससे देश के सुरक्षा बलों की प्रतिष्ठा और मनोबल पर प्रतिकूल असर पड़े।
